WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

राष्ट्रीय कवि चौपाल में कन्या सम्मान ने दिया नारी शक्ति को नया स्वर

राष्ट्रीय कवि चौपाल की 590वीं बैठक में कन्या सम्मान के साथ नारी शक्ति, संस्कार और साहित्य का संदेश गूंजा। नव कन्याओं का विशेष सम्मान किया गया।

By नीरज त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg राष्ट्रीय कवि चौपाल की 590वीं बैठक

राष्ट्रीय कवि चौपाल की 590वीं बैठक

बीकानेर, राजस्थान। राष्ट्रीय कवि चौपाल की 590वीं सर्व विधा साहित्यिक बैठक नव कन्या सम्मान को समर्पित रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ बसंती हर्ष ने की। डॉ हरिदास हर्ष मुख्य अतिथि रहे, जबकि श्याम सुंदर कट्टा नापासर, सरदार अली परिहार और आनन्द मस्ताना सहित साहित्यकारों ने अपनी उपस्थिति से आयोजन को गरिमा प्रदान की। रामेश्वर साधक ने शुभारंभ करते हुए कहा कि नव कन्या पूजन के साथ नव विधाओं में संस्कारित कन्याओं का सम्मान करना विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम में कन्या सम्मान को पूजा तक सीमित रखने के बजाय संस्कार, प्रतिभा और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ने का संदेश सामने आया।  [विडियो]

साहित्यिक स्वर

कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ बसंती हर्ष ने अपने संबोधन में सवाल उठाया कि यदि कन्या पूजन केवल नवरात्रि तक सीमित रहे, तो इसे वास्तविक सम्मान कैसे माना जाए। उन्होंने नारी शक्ति की विजय का भाव अपनी काव्यात्मक प्रस्तुति में व्यक्त किया। मुख्य अतिथि डॉ हरिदास हर्ष ने शरीर को दुर्ग और उसकी रक्षा को दुर्गा के भाव से जोड़ते हुए आध्यात्मिक संदेश दिया। श्याम सुंदर कट्टा ने बच्चों को आदर्श और नवाचार से संस्कारित करने को महत्वपूर्ण बताया। आनन्द मस्ताना ने अपनी कविता में कोमलता और यौवन की गरिमा को कठोर सामाजिक व्यवहार तथा अनुचित निगाहों से बचाने का भाव प्रस्तुत किया।

काव्य प्रस्तुतियां

इस साहित्यिक आयोजन में सरदार अली परिहार ने कहा कि नवाचार रचने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। श्रीमती अमी नागर ने राम वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत को गति दी। ज्योति स्वामी ने मां की भक्ति पर आधारित रचना प्रस्तुत की, जबकि डॉ शिवराज भारतीय ने राजस्थानी भावभूमि में बेटी के सम्मान और उसकी उपलब्धियों का संदेश दिया। प्रमोद कुमार शर्मा ने छोटे सपनों को संजोने की प्रेरणा दी। अहमद बशीर सिसोदिया ने साहित्य, संगीत और नारी सशक्तिकरण पर बिना औपचारिकताओं के आयोजित होने वाली साहित्यिक सभाओं के महत्व को रेखांकित किया। अन्य रचनाकारों ने भी मां, संस्कार और नारी गरिमा पर अपनी प्रस्तुतियां दीं।

नव कन्या पूजन

कार्यक्रम के दौरान यशविता पारीक, शिवानी सोनी, हिमानी कटारिया, खुशी सोनी, खुशबू भाटी और रिद्धिमा कट्टा सहित नव कन्याओं का सम्मान किया गया। उन्हें रत्न जड़ित मोतियों की माला, शॉल, श्रीफल और कलम भेंट की गई। प्रस्तुतियों में राजकुमार ग्रोवर, कृष्णा वर्मा, ओम प्रकाश भाटी, मधुरिमा सिंह, पवन चड्ढा और अन्य साहित्यकारों ने नारी शक्ति, संस्कार तथा मातृत्व के विविध पक्ष रखे। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में कुल 26 साहित्यिक प्रस्तुतियां हुईं। ज्योति स्वामी और अब्दुल शकूर सिसोदिया ने संचालन किया। इस तरह कन्या सम्मान, साहित्यिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक चेतना इस बैठक के प्रमुख विषय रहे।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

 

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief