पर्यटन शिक्षा और रोजगार पर ताजिकिस्तान में प्रो. शर्मा का व्याख्यान
पर्यटन शिक्षा और राजस्थान की संभावनाओं पर प्रो. अनुकृति शर्मा ने ताजिकिस्तान में व्याख्यान दिया। जानिए वैश्विक मंच पर उन्होंने क्या रोडमैप रखा।
ताजिकिस्तान में प्रो. शर्मा का व्याख्यान
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। कोटा विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी विभाग की विभागाध्यक्ष और पर्यटन विशेषज्ञ प्रो. डॉ. अनुकृति शर्मा ने ताजिकिस्तान में आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रम में राजस्थान की पर्यटन शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने वंदत शहर स्थित स्टैटिस्टिकल कॉलेज ऑफ वंदत सिटी में स्नातक स्तर के सांख्यिकी विद्यार्थियों को यात्रा एवं पर्यटन में करियर के अवसर विषय पर अतिथि व्याख्यान दिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय उच्च शिक्षा और पर्यटन अध्ययन का प्रतिनिधित्व किया तथा पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। [विडियो]
पर्यटन की संभावनाएं
प्रो. डॉ. अनुकृति शर्मा ने कहा कि भारत और राजस्थान में पर्यटन रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के व्यापक अवसर उपलब्ध कराता है। भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, आध्यात्मिक परंपराएं और प्राकृतिक विविधता दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। उन्होंने राजस्थान के किलों, महलों, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और मरुस्थलीय पर्यटन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये विशेषताएं राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अलग पहचान देती हैं। उनके अनुसार, पर्यटन शिक्षा के जरिए इन संभावनाओं को समझकर युवाओं को इस क्षेत्र के लिए तैयार किया जा सकता है।
रोजगार के अवसर
प्रो. शर्मा ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण और मनोरंजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और स्थानीय आर्थिक विकास से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ सतत पर्यटन तथा अनुभव आधारित पर्यटन पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में बदलती मांग को समझकर युवा रोजगार और व्यवसाय के नए रास्ते तलाश सकते हैं। पर्यटन शिक्षा में व्यावहारिक समझ और कौशल विकास को महत्व देने से विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिल सकती है।
वैश्विक सहयोग
प्रो. डॉ. अनुकृति शर्मा ने विरासत, ग्रामीण, इको टूरिज्म, वेलनेस और सांस्कृतिक पर्यटन की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुनियोजित रणनीति, गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं, कुशल मानव संसाधन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से राजस्थान वैश्विक पर्यटन उद्योग में अपनी भागीदारी मजबूत कर सकता है। उन्होंने पर्यटन शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बढ़ाने और युवाओं को वैश्विक स्तर की दक्षताओं से सुसज्जित करने की जरूरत रेखांकित की। ताजिकिस्तान में दिया गया यह व्याख्यान भारतीय उच्च शिक्षा और राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के सामने रखने का अवसर बना।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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