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एआई वॉर्म पर एंथ्रोपिक की चेतावनी, छोटे मॉडल बढ़ा सकते हैं साइबर खतरा

एंथ्रोपिक के शोध में एआई वॉर्म के संभावित खतरे का खुलासा हुआ है। छोटे एआई मॉडल स्मार्ट टीवी और अन्य इंटरनेट उपकरणों के जरिए साइबर जोखिम बढ़ा सकते हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, भारत। एआई कंपनी एंथ्रोपिक के 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित शोध ने साइबर सुरक्षा की दुनिया में एक गंभीर सवाल खड़ा किया है। क्या छोटा एआई मॉडल इंटरनेट से जुड़े उपकरणों पर खुद को चलाने की व्यवस्था तैयार करके दूसरे उपकरणों तक फैल सकता है? शोधकर्ताओं विलियम झोउ और डैनियल फ्रीमैन के मुताबिक, मौजूदा एआई मॉडल इस प्रक्रिया के कई तकनीकी चरण पूरे कर सकते हैं, जबकि अधिक सक्षम मॉडल नियंत्रित परीक्षण में पूरी प्रक्रिया जोड़ने में सफल रहे। कंपनी का अनुमान है कि छोटे मॉडल 2026 के अंत तक इस क्षमता के करीब पहुंच सकते हैं। यह शोधकर्ताओं का अनुमान है, आम घरेलू उपकरणों पर बड़े पैमाने पर हमले की पुष्टि नहीं।  [1]   [विडियो]   

एआई वॉर्म कैसे फैल सकता है

एआई वॉर्म ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम हो सकता है, जो बिना इंसानी मदद के एक उपकरण से दूसरे उपकरण तक अपनी कॉपी पहुंचाने की कोशिश करे। एंथ्रोपिक के शोध में इस प्रक्रिया के 4 चरण बताए गए हैं। पहले नेटवर्क पर दूसरे उपकरणों की पहचान करना, फिर उनमें प्रवेश पाना, इसके बाद वहां एआई मॉडल चलाने की व्यवस्था बनाना और अंत में आगे फैलने की कोशिश करना। पारंपरिक वॉर्म भी खुद फैल सकते हैं, लेकिन एआई आधारित प्रोग्राम अपरिचित हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के अनुरूप समाधान खोजने की कोशिश कर सकता है। यही क्षमता भविष्य में एआई वॉर्म को अधिक अनुकूलनीय बना सकती है।

शोध में क्या साबित हुआ

एंथ्रोपिक ने करीब 55 डॉलर प्रति उपकरण की कीमत वाले 15 एंड्रॉयड टीवी बॉक्स को नेटवर्क से जोड़कर जेम्मा 4 मॉडल चलाया। यह व्यवस्था लगभग 0.39 टोकन प्रति सेकंड की गति से काम कर सकी। अलग परीक्षण में 9 अरब पैरामीटर वाले मॉडल ने 9 में से 8 प्रकार के हार्डवेयर पर एआई चलाने के लिए जरूरी व्यवस्था तैयार की। शोधकर्ताओं ने नियंत्रित परीक्षण में जीएलएम 5.2 मॉडल से पूरी प्रक्रिया के चरण भी जुड़वाए। इसके लिए 8 क्लाउड आधारित एंड्रॉयड एमुलेटर का इस्तेमाल किया गया, जहां एडीबी पोर्ट पर प्रमाणीकरण नहीं था। इसलिए इस सफलता को असुरक्षित घरेलू उपकरणों पर वास्तविक हमले का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

स्मार्ट उपकरण क्यों निशाने पर

स्मार्ट टीवी, फ्रिज, ओवन, रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर और सुरक्षा कैमरे इंटरनेट से जुड़े होने के कारण साइबर हमलों की चपेट में आ सकते हैं। पुराने सॉफ्टवेयर, कमजोर पासवर्ड और सुरक्षा अपडेट की कमी इनका जोखिम बढ़ाते हैं। एंथ्रोपिक ने किमवुल्फ नाम के बॉटनेट का उदाहरण दिया, जिसने अपने चरम पर 20 लाख से अधिक उपकरणों को प्रभावित किया था। इनमें बड़ी संख्या सस्ते एंड्रॉयड टीवी बॉक्स की थी। यह मामला बताता है कि कम कीमत वाले इंटरनेट उपकरण बड़े साइबर नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, किमवुल्फ का उदाहरण एआई वॉर्म के प्रसार का प्रमाण नहीं है।

खतरा कितना बड़ा है

एंथ्रोपिक ने आशंका जताई है कि एआई मॉडल की क्षमताएं मौजूदा रफ्तार से बढ़ती रहीं, तो 2026 के अंत तक छोटे मॉडल खुद को फैलाने के लिए जरूरी सभी चरण जोड़ने में सक्षम हो सकते हैं। कंपनी के आकलन में ऐसे वॉर्म का प्रसार धीमा रह सकता है और उपकरणों की कंप्यूटिंग क्षमता इसकी गति सीमित कर सकती है। दूसरी ओर, द गार्जियन की रिपोर्ट में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जुआन आंद्रेस गुएरेरो सादे ने इस प्रयोग की व्यावहारिक उपयोगिता पर सवाल उठाए। विशेषज्ञों के बीच जोखिम की गंभीरता को लेकर मतभेद हैं। इसलिए एआई वॉर्म को न तो काल्पनिक कहकर खारिज करना उचित है, न ही इसे हर घर पर मंडराता प्रमाणित खतरा बताना।

सुरक्षा में सबसे बड़ी चुनौती

एआई वॉर्म का खतरा इस संभावना से जुड़ा है कि संक्रमित उपकरणों पर चलने वाला प्रोग्राम किसी एक केंद्रीय सर्वर पर निर्भर हुए बिना आगे फैल सकता है। ऐसी स्थिति में केवल एक सर्वर बंद करना पर्याप्त नहीं होगा। नेटवर्क में संक्रमित उपकरणों की पहचान करना और उन्हें अलग करना जरूरी हो सकता है। हालांकि, एंथ्रोपिक के परीक्षण में वास्तविक दुनिया की सभी सुरक्षा बाधाओं को पार करके घरेलू उपकरणों पर स्वायत्त प्रसार साबित नहीं किया गया। शोधकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में यह भी माना कि छोटे मॉडल अभी पूरी प्रक्रिया जोड़ने में गलतियां करते हैं। इसलिए इस खतरे का आकलन करते समय तकनीकी क्षमता और वास्तविक हमले के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

बचाव के जरूरी कदम

एआई वॉर्म के संभावित खतरे को कम करने के लिए स्मार्ट टीवी, राउटर, कैमरे और दूसरे इंटरनेट उपकरणों का सॉफ्टवेयर नियमित रूप से अपडेट करें। डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें और हर खाते के लिए अलग, मजबूत पासवर्ड रखें। जहां उपलब्ध हो, दो चरणों में पहचान की पुष्टि चालू करें। अनजान ऐप इंस्टॉल न करें और उपकरणों को जरूरत से ज्यादा नेटवर्क अनुमति न दें। कंपनियों को संदिग्ध नेटवर्क गतिविधियों की निगरानी और सुरक्षा कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। एंथ्रोपिक का शोध बताता है कि एआई मॉडल साइबर हमले के कुछ जटिल तकनीकी चरण पूरे कर सकते हैं। एआई वॉर्म का खतरा फिलहाल संभावित जोखिम है, लेकिन सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत अभी से है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

 

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief