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कॉमर्स शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता के अवसरों पर विशेषज्ञों की चर्चा

कॉमर्स शिक्षा पर परिचर्चा में विशेषज्ञों ने रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और डिजिटल कारोबार में इसकी उपयोगिता बताई और नए अवसरों से जुड़ने का संदेश दिया।

By अजय त्यागी
1 min read
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कॉमर्स शिक्षा पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

बीकानेर, राजस्थान। इंडस्ट्रियल एरिया, रानी बाजार स्थित जैन निवास पर मंगलवार को कॉमर्स विषय की महत्ती भूमिका विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इनोवेटिव कॉमर्स डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कॉमर्स शिक्षा की वर्तमान उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए गए। मुख्य अतिथि पूर्व प्रिंसिपल, चिंतक और लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रिंसिपल एवं लायंस क्लब के पूर्व प्रांतपाल प्रोफेसर सुमेर चंद जैन ने की। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग प्रभारी डॉ. मान केशव सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।  [विडियो]

कॉमर्स की उपयोगिता

मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने कहा कि वर्तमान समय में कॉमर्स विषय की आवश्यकता जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में है। व्यक्ति की विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में इसका उपयोग होता है। उन्होंने बताया कि उद्यमिता के विकास में कॉमर्स शिक्षा अत्यंत सहायक है। किसी उद्योग या व्यापार की उचित योजना बनाने, बाजार की समझ विकसित करने और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन में इस विषय का ज्ञान मददगार होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बीकॉम, बीबीए, अर्थशास्त्र, कानून और वित्त से संबंधित पाठ्यक्रमों सहित अनेक विकल्प उपलब्ध हैं। इनसे विद्यार्थी अपनी रुचि और लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं।

प्रोफेसर डॉ. बिनानी ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी, कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंसी और कंपनी सेक्रेटरी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को विशेष विशेषज्ञता प्राप्त करने के अवसर देते हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर सुमेर चंद जैन ने कहा कि कॉमर्स विषय वर्तमान और भावी परिप्रेक्ष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, यह विषय रोजगार के साथ स्वरोजगार प्राप्त करने में भी मददगार है। कॉमर्स का ज्ञान रखने वाले लोग अपने व्यवसाय की योजना, वित्तीय व्यवस्था और संचालन को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने इस विषय को व्यावसायिक संभावनाओं और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देखने पर जोर दिया।

डिजिटल दौर के अवसर

विशिष्ट अतिथि डॉ. मान केशव सैनी ने कहा कि आधुनिक युग डिजिटल तकनीक का युग है और कॉमर्स शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग सेवाओं, लेखांकन सेवाओं, परामर्श, ऑनलाइन स्टोर और पारिवारिक व्यवसायों के विकास में इस विषय की उपयोगिता बताई। उनके अनुसार, कॉमर्स का ज्ञान युवाओं को छोटे उद्यम स्थापित करने और मौजूदा कारोबार को आगे बढ़ाने में सहायता कर सकता है। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच बाजार की समझ, वित्तीय जानकारी और व्यावसायिक निर्णय लेने की क्षमता विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

परिचर्चा में राजकीय मंडल पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष विमल कुमार शर्मा, रामपुरिया कॉलेज की सहायक प्रोफेसर श्रीमती पूजा जैन राखेचा, लेखांकन एवं कर सलाहकार किशन कोठारी और रामपुरिया कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ. शालिनी आरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी कॉमर्स विषय के महत्व पर विचार रखे। वक्ताओं ने इसे वोकल फॉर लोकल, आर्थिक आत्मनिर्भरता और देश की तीव्र प्रगति का आधार बताया। कार्यक्रम के दौरान इनोवेटिव कॉमर्स डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से प्रोफेसर सुमेर चंद जैन को फोटो फ्रेम भेंट कर अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने अपनी पुस्तक युवा उड़ान उपस्थित लोगों को सप्रेम भेंट की। अंत में श्रीमती शारदा देवी जैन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। परिचर्चा में कॉमर्स विषय की महत्ती भूमिका को रोजगार, उद्यमिता, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के संदर्भ में रेखांकित किया गया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief