WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी का खुलासा, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

साइबर ठगी के लिए फर्जी सिम देने के आरोप में 2 गिरफ्तार। फर्जी गैस बिल के APK लिंक से 1,64,900 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है, जांच जारी है।

By नीरज त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

गुरुग्राम, हरियाणा। साइबर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर ठगों को सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह लोगों को गैस कनेक्शन कटने की चेतावनी देकर व्हाट्सऐप पर फर्जी एपीके फाइल भेजता था। इसी तरीके से एक शिकायतकर्ता के बैंक खाते से 1,64,900 रुपये की रकम निकलने की बात सामने आई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निर्मल कुमार उर्फ विजय कुमार और गोपी कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को बिहार के बांका जिले से पकड़ा। [1]   [Video]       

संदेश का जाल

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 12 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 9 अक्टूबर को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप संदेश आया, जिसमें दावा किया गया कि उसका एचसीजी गैस बिल बकाया है। संदेश में चेतावनी दी गई कि तय समय के भीतर भुगतान नहीं करने पर गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद शिकायतकर्ता को कुछ अन्य मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने को कहा गया। उन नंबरों पर बात करने के बाद उसे एचसीजी बिल अपडेट नाम की एपीके फाइल भेजी गई। यह साइबर ठगी का कथित तरीका जांच का आधार बना।

भुगतान का जाल

शिकायतकर्ता ने व्हाट्सऐप पर भेजे गए लिंक को खोला तो रेजरपे जैसा दिखने वाला भुगतान पोर्टल सामने आया। वहां उससे 12 रुपये जमा करने को कहा गया। शिकायत के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने की कोशिश के दौरान बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन दिखाई दिए और कुल 1,64,900 रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस इस प्रकरण को साइबर ठगी से जुड़ा मामला मानकर जांच कर रही है। फर्जी भुगतान पेज और अनजान एपीके फाइल के जरिए लोगों को निशाना बनाने का आरोप है।

सिम की सप्लाई

जांच के दौरान पुलिस ने 16 अक्टूबर को बिहार के बांका जिले से निर्मल कुमार उर्फ विजय कुमार और गोपी कुमार यादव को गिरफ्तार किया। दोनों को पहले बांका की अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई। इसके बाद 18 अक्टूबर को उन्हें गुरुग्राम अदालत में पेश कर एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, निर्मल ने कथित तौर पर दूसरे व्यक्ति के नाम पर सिम कार्ड हासिल किए और उन्हें गोपी को 1,000 रुपये में दिया। गोपी ने वही सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को 1,500 रुपये में बेच दिए।

पुलिस जांच

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि इस्तेमाल हुए सिम कार्ड कथित तौर पर आरोपियों के जरिए आगे पहुंचाए गए थे। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड के साथ 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने पहले भी ऐसे सिम कार्ड बेचे थे, जिनका इस्तेमाल इसी तरह की धोखाधड़ी में हुआ था। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सिम कार्ड आगे किसे दिए गए तथा इस नेटवर्क की अन्य गतिविधियों का दायरा कितना था। साइबर ठगी के मामले में आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर होगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief