WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

भारत के 3 नए स्थलों ने विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में बनाई जगह

विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में बारातांग का कार्स्ट मड ज्वालामुखी परिसर, अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी और छत्तीसगढ़ का सिरपुर शामिल हुए।

By नीरज त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg बारातांग का कार्स्ट मड ज्वालामुखी परिसर

बारातांग का कार्स्ट मड ज्वालामुखी परिसर

नई दिल्ली, भारत। भारत के 3 स्थलों को यूनेस्को विश्व धरोहर सम्मेलन की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है। भारत के यूनेस्को स्थित स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने 20 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 2 स्थल और छत्तीसगढ़ का 1 स्थल शामिल है। यह विश्व धरोहर का अंतिम दर्जा मिलने की घोषणा नहीं है, बल्कि संभावित नामांकन की दिशा में शुरुआती औपचारिक कदम है। विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में शामिल होना किसी स्थल को आगे नामांकन के लिए विचाराधीन बनाने की जरूरी प्रक्रिया है। [1]    [Video]   

तीन स्थलों के नाम

नई सूची में बारातांग का कार्स्ट मड ज्वालामुखी परिसर, अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी और सिरपुर सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक परिदृश्य शामिल हैं। पहले 2 स्थल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हैं, जबकि सिरपुर छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित है। इन स्थलों का महत्व अलग अलग है। अंडमान के स्थल अपनी भूवैज्ञानिक विशेषताओं के कारण उल्लेखनीय हैं, जबकि सिरपुर अपने पुरातात्विक अवशेषों और ऐतिहासिक सांस्कृतिक परिदृश्य के लिए जाना जाता है। इनका चयन भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत की विविधता को सामने लाता है। ये स्थल अलग अलग तरह की विरासत को दर्शाते हैं।

बारातांग की खासियत

बारातांग का कार्स्ट मड ज्वालामुखी परिसर अपनी विशिष्ट भूवैज्ञानिक संरचनाओं के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र में चूना पत्थर की गुफाएं और कीचड़ ज्वालामुखी मौजूद हैं। कार्स्ट संरचनाएं आम तौर पर तब बनती हैं, जब पानी चट्टानों को धीरे धीरे घोलता है और विशिष्ट गुफाएं तथा भूआकृतियां बनती हैं। कीचड़ ज्वालामुखी सामान्य ज्वालामुखियों से अलग होते हैं, क्योंकि इनमें पिघला हुआ लावा नहीं, बल्कि भूमिगत गैसों और दबाव से कीचड़ तथा अन्य पदार्थ सतह पर आ सकते हैं। ये विशेषताएं क्षेत्र के भूवैज्ञानिक इतिहास को समझने में मदद करती हैं।

अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी

दूसरा अंडमान संबंधी स्थल अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी है, जिसमें नारकोंडम और बैरन द्वीप शामिल हैं। यह क्षेत्र पृथ्वी की विवर्तनिक गतिविधियों से जुड़ा है। सबडक्शन उस प्रक्रिया को कहा जाता है जिसमें एक टेक्टोनिक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे धंसती है और इसके परिणामस्वरूप ज्वालामुखीय गतिविधि हो सकती है। बैरन द्वीप भारत के सक्रिय ज्वालामुखी के लिए जाना जाता है, जबकि नारकोंडम भी ज्वालामुखीय उत्पत्ति वाला द्वीप है। इस स्थल का अस्थायी सूची में शामिल होना भूवैज्ञानिक विरासत के संरक्षण और अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सिरपुर का ऐतिहासिक महत्व

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में महानदी के किनारे स्थित सिरपुर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और पुरातात्विक क्षेत्र है। इसे ऐतिहासिक रूप से श्रीपुर के नाम से भी जाना जाता है। यहां मंदिरों और अन्य पुरातात्विक अवशेषों के साथ बौद्ध, जैन और हिंदू परंपराओं से जुड़े प्रमाण मिलते हैं। ये अवशेष क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक इतिहास की जानकारी देते हैं। सिरपुर का विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में शामिल होना इसके बहुस्तरीय इतिहास और पुरातात्विक महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में कदम है।

अस्थायी सूची का अर्थ

यूनेस्को की अस्थायी सूची उन स्थलों का राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया गया विवरण है जिन्हें संबंधित देश भविष्य में विश्व धरोहर सूची के लिए नामांकित करना चाहता है। इसमें शामिल होने से किसी स्थल को स्वतः विश्व धरोहर का अंतिम दर्जा नहीं मिल जाता। इसके बाद संबंधित देश को आवश्यक दस्तावेज, संरक्षण संबंधी जानकारी और नामांकन प्रक्रिया के अगले चरण पूरे करने होते हैं। भारत के यूनेस्को स्थित स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रक्रिया में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के काम की सराहना की है। विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में इन 3 स्थलों का शामिल होना अंतरराष्ट्रीय मान्यता की दिशा में अहम शुरुआत है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

भारत के 3 नए स्थलों को यूनेस्को विश्व धरोहर सम्मेलन की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है। घोषणा 20 अक्टूबर 2026 को की गई। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 2 स्थल और छत्तीसगढ़ का सिरपुर शामिल है। बारातांग का कार्स्ट मड ज्वालामुखी परिसर अपनी चूना पत्थर की गुफाओं और कीचड़ ज्वालामुखियों के लिए जाना जाता है। अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी में नारकोंडम और बैरन द्वीप शामिल हैं। वहीं, सिरपुर अपने मंदिरों और बौद्ध, जैन तथा हिंदू परंपराओं से जुड़े पुरातात्विक अवशेषों के लिए महत्वपूर्ण है। अस्थायी सूची में शामिल होना विश्व धरोहर का अंतिम दर्जा नहीं, बल्कि संभावित नामांकन की दिशा में शुरुआती और महत्वपूर्ण कदम है।

 

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief