बन्नी उत्सव में हिंसा रोकने की तैयारी, पुलिस ने कड़े इंतजाम किए
बन्नी उत्सव से पहले आंध्र प्रदेश के देवगट्टू में 1000 पुलिसकर्मी, ड्रोन और नाइट विजन कैमरे तैनात होंगे। प्रशासन ने हिंसा पर सख्त चेतावनी दी।
बन्नी उत्सव
देवरगट्टू, आंध्र प्रदेश। दशहरा के अवसर पर होने वाले बन्नी उत्सव से पहले कुरनूल जिले के देवगट्टू में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह पारंपरिक आयोजन 21 अक्टूबर की रात को होना है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक तैयारी की है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत पाटिल ने श्रद्धालुओं से परंपरा का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से उत्सव मनाने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उत्सव के नाम पर हिंसा, पुराने विवाद या कानून तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। [1] [Video]
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अधिकारियों के अनुसार, आयोजन के दौरान करीब 1000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। निगरानी के लिए 110 नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे, 10 ड्रोन और 700 एलईडी लाइटों की व्यवस्था की गई है। पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण कक्ष से नजर रखी जाएगी। देवगट्टू पहुंचने वाले रास्तों पर 5 जांच चौकियां और 10 पुलिस पिकेट स्थापित किए गए हैं। पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने आसपास के गांवों में बैठकें कर लोगों को सतर्क किया है। प्रशासन का उद्देश्य बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बीच व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी टकराव को समय रहते रोकना है।
लाठी संघर्ष पर चेतावनी
बन्नी उत्सव में परंपरागत रूप से गांवों के दो समूह अनुष्ठान के दौरान लाठियों के साथ आमने सामने आते हैं। अधिकारियों ने कहा है कि इसे हिंसक संघर्ष का अवसर नहीं बनाया जाना चाहिए। पुलिस के अनुसार, पुराने विवाद और व्यक्तिगत रंजिश इस आयोजन के दौरान चोटों का कारण बन सकते हैं। संभावित उपद्रवियों के रूप में चिह्नित 190 लोगों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस ने लगभग 300 लाठियां भी जब्त की हैं। अधिकारियों ने चेताया है कि कानून तोड़ने, हमला करने या अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शराब पर कार्रवाई
सुरक्षा तैयारियों के तहत पुलिस ने 40 लीटर अवैध रूप से बनाई गई शराब और 10 लीटर अन्य अवैध शराब जब्त की है। अधिकारियों ने शराब बनाने के लिए तैयार करीब 300 लीटर गुड़ के घोल को भी नष्ट किया। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य आयोजन के दौरान नशे से जुड़ी गड़बड़ी और संभावित हिंसा को रोकना है। पुलिस ने गांवों में जागरूकता बैठकें की हैं और लोगों से सहयोग मांगा है। प्रशासन ने साफ किया है कि आयोजन की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान किया जाएगा, लेकिन हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं होगी।
परंपरा और सुरक्षा
बन्नी उत्सव कुरनूल जिले के होलागुंडा मंडल के देवगट्टू में माला मल्लेश्वर स्वामी के दशहरा आयोजन का हिस्सा है। परंपरा के अनुसार, उत्सव में शामिल समूह देवताओं की प्रतिमाओं को अपने गांव ले जाने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। हालांकि, बीते वर्षों में लाठी संघर्ष के दौरान लोगों के घायल होने और मौतों की घटनाएं सामने आई हैं। इसी वजह से प्रशासन इस बार रोकथाम, निगरानी और चिकित्सा तैयारियों पर जोर दे रहा है। अधिकारियों की अपील है कि श्रद्धालु धार्मिक आयोजन में भाग लें, लेकिन किसी को चोट पहुंचाए बिना और कानून का पालन करते हुए।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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