गरबा महोत्सव में गणगौर प्रतिभागियों को पुरस्कार, प्रतिभाओं का सम्मान
गरबा महोत्सव में महिलाओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। गणगौर प्रतियोगिता की प्रतिभागियों को पुरस्कार मिले और प्रतिभावान महिलाओं का सम्मान हुआ।
गरबा महोत्सव
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। मां दधिमथी मंदिर में आयोजित गरबा महोत्सव में भक्ति, संस्कृति और नारी शक्ति का संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय दाहिमा दाधीच ब्राह्मण महासभा के महिला प्रकोष्ठ की ओर से आजादनगर स्थित मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में रंग बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। आयोजन में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। गणगौर प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं को पुरस्कृत किया गया और समाज की प्रतिभावान महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने पर जोर रहा। [Video]
महिलाओं की कला
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सावित्री शर्मा ने बताया कि गरबा महोत्सव मां दधिमथी के चरणों में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित हुआ। इसमें विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं ने अपने निर्धारित ड्रेस कोड के अनुसार पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया और मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान गणगौर प्रतियोगिता में शामिल महिलाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही समाज में अपनी प्रतिभा और योगदान से पहचान बनाने वाली महिलाओं का सम्मान किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को अपनी कला दिखाने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर देते हैं।
प्रतिभाओं का मान
कार्यक्रम में मंजू शर्मा प्रशासक मुख्य अतिथि रहीं, जबकि अध्यक्षता अंजू तिवारी ने की। विशिष्ट अतिथियों में मंजू कंठ, पार्षद नेहा जोशी, वैज्ञानिक अधिकारी श्वेता दाधीच और भजन गायिका चंदा दाधीच शामिल रहीं। इनके अलावा समाज की अनेक महिलाएं भी कार्यक्रम में उपस्थित थीं। गरबा महोत्सव के दौरान पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को आकर्षक बनाया। गणगौर प्रतियोगिता की प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रतिभावान महिलाओं को सम्मान दिए जाने से कार्यक्रम में उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने का पहलू भी जुड़ा। आयोजकों ने धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
आस्था और संस्कृति
आयोजकों के अनुसार, गरबा महोत्सव का उद्देश्य मां दधिमथी के प्रति धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना और महिला प्रतिभाओं को मंच देना था। कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं को एक साथ आने, अपनी प्रस्तुतियां देने और समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। गणगौर प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं का सम्मान भी इसी उद्देश्य का हिस्सा रहा। कार्यक्रम के समापन पर स्नेहभोज आयोजित किया गया। आयोजकों ने सहभागिता करने वाली महिलाओं और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। गरबा महोत्सव के जरिए भक्ति, संस्कृति और महिला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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