लंबित वेतन की मांग तेज, अस्पताल कर्मचारी करेंगे चरणबद्ध प्रदर्शन
लंबित वेतन को लेकर अस्पताल कर्मचारियों ने आंदोलन की तैयारी की है। याचिका, भोजन बहिष्कार और काली दिवाली के जरिए जल्द भुगतान की मांग उठाएंगे।
प्रतीकात्मक फोटो
भीलवाड़ा, राजस्थान। महात्मा गांधी अस्पताल के कर्मचारियों के लंबित वेतन को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने आंदोलन की घोषणा की है। जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में होने वाले इस आंदोलन के तहत कर्मचारी अपनी मांग प्रशासन और न्यायिक स्तर तक पहुंचाएंगे। महासंघ का कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के खर्च और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वेतन में देरी उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है। इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए संगठन ने विरोध के कई चरण तय किए हैं। [Video]
न्यायिक पहल
महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने बताया कि 23 अक्टूबर को दोपहर 12.30 बजे अस्पताल कर्मचारी अधिवक्ताओं के समक्ष अपनी याचिका प्रस्तुत करेंगे। संगठन इस याचिका को न्यायालय में दायर कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने की मांग कानूनी स्तर पर उठाई जा सके। इस पहल के जरिए कर्मचारी अपने बकाया भुगतान की समस्या और उससे जुड़ी आर्थिक परेशानियों को सामने रखेंगे। महासंघ की कोशिश है कि लंबित वेतन के मामले में न्यायलय के हस्तक्षेप और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया जाए।
आर्थिक दबाव
अधिवक्ताओं के सामने याचिका प्रस्तुत करना आंदोलन का अहम चरण होगा। महासंघ चाहता है कि कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या औपचारिक रूप से न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचे और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग प्रभावी ढंग से रखी जाए। संगठन के अनुसार, वेतन में देरी कर्मचारियों के लिए आर्थिक दबाव पैदा कर रही है और इसी वजह से सामूहिक रूप से आवाज उठाने का फैसला किया गया है। याचिका के साथ कर्मचारी अपनी परेशानी और लंबित वेतन से जुड़ी मांगों को विस्तार से रखेंगे। महासंघ ने इस कार्यक्रम में कर्मचारियों की भागीदारी पर जोर दिया है।
भोजन बहिष्कार
महासंघ के महामंत्री समर्थ कुमावत ने बताया कि जिन कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगी हुई है, वे ड्यूटी पूरी होने के बाद भोजन का बहिष्कार कर विरोध जताएंगे। इस कदम के जरिए लंबित वेतन के भुगतान की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठन ने भोजन बहिष्कार को आंदोलन के चरणों में शामिल किया है, ताकि कर्मचारियों की परेशानी और उनकी मांगों की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित हो। चुनाव ड्यूटी निभाने वाले कर्मचारियों की भागीदारी के साथ यह विरोध कार्यक्रम ड्यूटी समाप्त होने के बाद आयोजित किया जाएगा।
काली दिवाली
महासंघ ने धनतेरस पर महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने काली दिवाली मनाने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के जरिए कर्मचारी वेतन भुगतान में देरी के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न कार्यस्थलों पर कर्मचारी जमीन पर बैठकर अपनी पीड़ा व्यक्त करेंगे और लंबित वेतन की मांग उठाएंगे। संगठन ने इन कार्यक्रमों को आंदोलन के अगले चरण के रूप में तय किया है। धनतेरस के अवसर पर प्रस्तावित यह विरोध कर्मचारियों की समस्या को सार्वजनिक रूप से सामने लाने और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जाएगा।
एकजुटता की अपील
महासंघ ने जिले के सभी संबंधित कर्मचारियों से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर एकजुटता दिखाने की अपील की है। जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट और संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने लंबित वेतन के भुगतान को कर्मचारियों की प्रमुख मांग बताया है। आंदोलन के तहत याचिका प्रस्तुत करने, चुनाव ड्यूटी के बाद भोजन बहिष्कार और धनतेरस पर काली दिवाली मनाने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। महासंघ का कहना है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना चाहिए और उनकी आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए मांग को लगातार उठाया जाएगा। संगठन ने कर्मचारियों से एकजुट रहकर इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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