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1100 सेविकाओं के शक्ति शंखनाद पथ संचलन में दिखा अनुशासन और समर्पण

राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्ष पूरे होने पर 1100 सेविकाओं ने शक्ति शंखनाद निकाला। सामाजिक संगठनों ने पथ संचलन का पुष्पवर्षा से स्वागत किया।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg शक्ति शंखनाद पथ संचलन

शक्ति शंखनाद पथ संचलन

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भीलवाड़ा विभाग की ओर से शक्ति शंखनाद पथ संचलन आयोजित किया गया। इसमें 1100 सेविकाओं ने भाग लिया। गणवेश में अनुशासित पंक्तियों में चलती सेविकाओं ने संगठन की एकजुटता और राष्ट्रसेवा के संकल्प का संदेश दिया। 3 वर्ष की बालिकाओं से लेकर 70 वर्ष की वरिष्ठ सेविकाओं तक की सहभागिता रही। कार्यक्रम में भीलवाड़ा महानगर, भीलवाड़ा ग्रामीण, जहाजपुर और आसींद क्षेत्र की सेविकाएं शामिल हुईं। इस व्यापक भागीदारी ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया और समिति की सामूहिक सक्रियता को सामने रखा।  [Video]

कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग कार्यवाहिका मनीषा जाजू की प्रस्तावना से हुआ। मुख्य अतिथि अरुणा गारू ने आयोजन की सराहना करते हुए राष्ट्र सेविका समिति के कार्यों और सेविकाओं के समर्पण की प्रशंसा की। प्रांत बौद्धिक प्रमुख सुशीला पारीक और प्रांत तरुणी प्रमुख कीर्ति सोलंकी की उपस्थिति में मंचासीन अतिथियों ने शस्त्र और शास्त्र पूजन किया। प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख सुशीला लढ़ा ने अपने उद्बोधन में समिति की 90 वर्षों की यात्रा, नारीशक्ति के जागरण और संस्कार निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन के सामाजिक योगदान का भी उल्लेख किया।

राष्ट्रसेवा में नारी

सुशीला लढ़ा ने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति राष्ट्रसेवा, सामाजिक जागरूकता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नारी की भूमिका परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में भी उसकी महत्वपूर्ण भागीदारी है। परिवार, कार्यक्षेत्र और समाज में दायित्व निभाते हुए महिलाएं राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकती हैं। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, जीजाबाई और अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों का उल्लेख करते हुए साहस, त्याग, नेतृत्व और सांस्कृतिक मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने साधना और सेवाभाव को भी सामाजिक परिवर्तन के लिए आवश्यक बताया।

पुष्पवर्षा से स्वागत

राजेंद्र मार्ग विद्यालय से शस्त्र और शास्त्र पूजन के बाद शक्ति शंखनाद पथ संचलन रवाना हुआ। गणवेश में अनुशासित पंक्तियों में कदमताल करती सेविकाओं ने आत्मविश्वास और संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन किया। मार्ग में लघु उद्योग भारती, सहकार भारती, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद, वनवासी कल्याण परिषद, विद्या भारती, आदर्श विद्या मंदिर, दुर्गा शक्ति अखाड़ा, मुस्कान फाउंडेशन और श्री महावीर युवक मंडल सेवा संस्थान सहित विभिन्न संगठनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शहर के कई स्थानों पर नागरिकों ने भी संचलन का अभिनंदन किया। इस स्वागत ने आयोजन के प्रति सामाजिक सहयोग को दर्शाया।

90 वर्षों की यात्रा

राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शक्ति शंखनाद पथ संचलन नारीशक्ति, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव के संदेश के साथ संपन्न हुआ। आयोजन के जरिए समिति की 90 वर्षों की यात्रा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को रेखांकित किया गया। सेविकाओं की व्यापक भागीदारी के साथ सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मार्ग में उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में विभाग सह कार्यवाहिका सुशीला जाट ने आभार व्यक्त किया। समिति की गतिविधियों में साधना, संस्कार, सेवाभाव और दायित्वबोध के जरिए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने पर जोर दिया गया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

 

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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