WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

ईएसआईसी माफी योजना के तहत लंबित विवादों का होगा हल

ईएसआईसी माफी योजना की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है जिससे नियोक्ताओं को विवादों के निपटारे के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।

By Ajay Tyagi
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg ईएसआईसी माफी योजना

ईएसआईसी माफी योजना

नई दिल्ली, दिल्ली। कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने हितधारकों की मांग पर बड़ा फैसला लिया है। संस्थान ने अपनी विशेष राहत पहल की समय सीमा बढ़ा दी है। इस कदम से हजारों नियोक्ताओं को राहत मिलेगी। अब लंबित मामलों को निपटाने के लिए अधिक समय उपलब्ध होगा। ईएसआईसी माफी योजना की अवधि अब 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। इससे पहले यह योजना केवल सितंबर तक ही प्रभावी थी।

राहत योजना के तहत मुख्य नियम और शर्तें

ईएसआईसी माफी योजना के तहत नियोक्ताओं को विवाद खत्म करने का अवसर मिलता है। योजना में वास्तविक अंशदान और ब्याज देकर तदर्थ निर्धारण निपटाया जा सकता है। ऐसे मामलों में कोई भी हर्जाना नहीं वसूला जाएगा। जिन नियोक्ताओं ने बकाया चुका दिया है वे विवादित हर्जाने का दस प्रतिशत देकर राहत पा सकते हैं।

विवाद समाधान की प्रक्रिया और आवेदन की पात्रता

विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों को वापस लेने की व्यवस्था भी बनाई गई है। रिकॉर्ड प्रस्तुत न कर पाने वाले नियोक्ता भी अनुपालन पूरा करके राहत प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए अदालत की अनुमति आवश्यक होगी। मार्च 2025 तक दर्ज मामले इस ईएसआईसी माफी योजना के अंतर्गत पात्र माने गए हैं।

कारोबार में सुगमता और हितधारकों को लाभ

निगम की यह पहल व्यापार को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। तीन महीने का विस्तार मुकदमों की संख्या घटाने में मदद करेगा। इससे बीमित व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। सभी पात्र हितधारकों को ईएसआईसी माफी योजना का लाभ समय पर उठाने की सलाह दी गई है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। योजना के नियमों और पात्रता से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए संबंधित आधिकारिक विभाग से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief