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तीन बार के गोल्ड मेडलिस्ट पैरा एथलीट नीरज यादव की आत्महत्या में महिला मित्र का बड़ा खुलासा सामने आया

पैरा एथलीट नीरज यादव की मौत के मामले में महिला मित्र के खुलासे के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है।

By Tarini Tyagi
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg नीरज यादव की आत्महत्या

नीरज यादव की आत्महत्या

नई दिल्ली, दिल्ली। देश के जाने माने पैरा एथलीट नीरज यादव के निधन से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। दिल्ली के मौजपुर इलाके में एक कार के पास उनका शव मिला। पुलिस को इस मामले की सूचना रात के समय अस्पताल से मिली थी। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद से खेल प्रेमियों और उनके चाहने वालों को गहरा आघात लगा है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और किसी को भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है।

महिला मित्र ने पुलिस को बताई आखिरी मुलाकात की पूरी कहानी

घटना के खुलासे के बाद नीरज यादव की एक महिला मित्र सामने आई है। महिला ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह दिसंबर दो हजार पच्चीस से उन्हें जानती थी। घटना वाले दिन वह उनसे मिलने सोनीपत गई थी। महिला के अनुसार उसने नीरज यादव से कहा था कि अब वह उनके संपर्क में नहीं रहना चाहती है। इसके बाद नीरज यादव ने उसे अपनी गाड़ी से मौजपुर छोड़ा था। महिला के इन बयानों के आधार पर पुलिस इस पूरी घटना की हर एंगल से बारीकी से जांच पड़ताल कर रही है।

मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास मिला था शव और फिर अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया

सोनीपत से लौटने के बाद रात करीब नौ बजे वह महिला वापस मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास पहुंची। वहां उसने देखा कि नीरज यादव अपनी गाड़ी के पास सड़क पर गिरे हुए थे। बिना देर किए वह तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में परिजनों ने महिला मित्र की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। परिजनों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके।

संघर्ष से भरी थी जिंदगी और पैरा खेलों में देश के लिए जीते थे कई स्वर्ण पदक

नीरज यादव के जीवन का सफर संघर्षों और उपलब्धियों से भरा रहा था। मात्र सात वर्ष की आयु में उन्हें पोस्ट पोलियो पैरालिसिस हो गया था लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके पिता एक बेहतरीन रेसलर और वॉलीबॉल खिलाड़ी थे जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली थी। उन्होंने पहले व्हीलचेयर टेबल टेनिस खेला और फिर दो हजार पंद्रह में एथलेटिक्स में कदम रखा। अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने एशियन पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कई स्वर्ण पदक जीते और तिरंगे का मान बढ़ाया।

परिवार की जिम्मेदारी और तीन साल की छोटी सी मासूम बेटी का रोता हुआ संसार

खेल के मैदान में देश का नाम रोशन करने वाले नीरज यादव अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वर्ष दो हजार अठारह में उनका विवाह हुआ था और उनकी एक तीन साल की प्यारी सी मासूम बेटी भी है। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके रिश्तेदारों का कहना है कि इतने संघर्षों के बाद इस तरह का कदम उठाना असंभव प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस दुखद और संवेदनशील मामले की गहराई से कानूनी जांच कर रही है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या या सहायता के लिए नजदीकी परामर्श केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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