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गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती देने के लिए हिंदुस्तान जिंक ने लॉन्च किए वेदएज और वेदआयुष

हिंदुस्तान जिंक ने गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती देने के लिए दो नए जिंक एलॉय वेदएज और वेदआयुष लॉन्च किए हैं, जिनका निर्माण दरीबा संयंत्र में होगा।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती

गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। औद्योगिक क्षेत्र और बुनियादी ढांचे को जंग से बचाने तथा गैल्वनाइज्ड स्टील की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ाने की दिशा में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने एक बड़ा कदम उठाते हुए बाजार में दो नए विशेष जिंक एलॉय उतारे हैं। कंपनी ने वेदएज और वेदआयुष नाम से नई पीढ़ी के इन उत्पादों को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है। इनसे गैल्वनाइजिंग प्रक्रिया अधिक प्रभावी होने के साथ-साथ कोटिंग की गुणवत्ता में एकरूपता और स्टील की दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित करने में खासी मदद मिलेगी।

गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती

वर्तमान समय में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्रों के सामने जंग से सुरक्षा एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में उच्च गुणवत्ता वाले जिंक एलॉय औद्योगिक उत्पादों की उम्र बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में बेहद अहम भूमिका निभा सकते हैं। गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती देने वाले इन उत्पादों के माध्यम से कंपनी का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों की अलग-अलग उत्पादन प्रक्रियाओं और प्रदर्शन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष ग्रेड उपलब्ध कराना है, जिससे भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर एक नई दिशा मिल सके।

वेदएज और वेदआयुष की विशेषताएं

कंपनी द्वारा पेश किए गए नए उत्पादों में वेदएज एक विशेष जिंक एलॉय है, जिसे गैल्वनाइजिंग बाथ में एल्यूमिनियम की मात्रा को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के लिए विकसित किया गया है। इससे कोटिंग की मोटाई में एकरूपता और सतह की गुणवत्ता काफी बेहतर होगी। वहीं दूसरी ओर वेदआयुष एक उन्नत जिंक एलॉय है, जिसमें मौजूद विशेष तत्व तटीय क्षेत्रों, अधिक नमी और चुनौतीपूर्ण औद्योगिक परिस्थितियों में भी बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। इन दोनों उत्पादों के उपयोग से गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती मिलेगी और उत्पादन दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

दरीबा संयंत्र में होगा उत्पादन

हिंदुस्तान जिंक अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के माध्यम से राजस्थान के राजपुरा-दरीबा में प्रतिवर्ष तीस हजार टन क्षमता वाले जिंक एलॉय मेल्टिंग एवं कास्टिंग संयंत्र का सफल संचालन कर रही है। यह अत्याधुनिक संयंत्र विभिन्न औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप विशेष जिंक एलॉय की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ देश की विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक मजबूत कर रहा है। दरीबा संयंत्र में इन नए उत्पादों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

भविष्य की औद्योगिक संभावनाएं

कंपनी के अधिकारियों के अनुसार वेदएज और वेदआयुष का यह लॉन्च विशेष जिंक उत्पादों के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इससे भारत के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्रों को उन्नत जंगरोधी समाधान उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। कंपनी लगातार अनुसंधान और विकास कार्यों पर जोर दे रही है ताकि देश के उद्योगों को विश्व स्तरीय सामग्रियां मिल सकें। गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती प्रदान करने वाली इस पहल से आने वाले समय में भारतीय धातु उद्योग को वैश्विक बाजारों में एक अलग पहचान और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हासिल होगा।

Disclaimer: यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। हिंदुस्तान जिंक द्वारा लॉन्च किए गए नए जिंक एलॉय, गैल्वनाइजिंग उद्योग को मजबूती और दरीबा संयंत्र से जुड़ी इस खबर में दी गई सभी तकनीकी एवं औद्योगिक जानकारियां जनहित को ध्यान में रखकर प्रस्तुत की गई हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief