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Rex TV India
Latest News बाज़ार और निवेश Digital Newsletter 15 May 2026 · 2:26 PM

मत्स्य पालन क्षेत्र में राहत: भारत संशोधित निर्यात सूची में शामिल

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

भारतीय समुद्री खाद्य निर्यात क्षेत्र के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। यूरोपीय संघ (EU) ने मत्स्य उत्पादों के निरंतर निर्यात के लिए अपनी संशोधित मसौदा सूची में भारत को शामिल कर लिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह विकास भारत के समुद्री उत्पादों, विशेष रूप से झींगा (Shrimp) के निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। इससे पहले के नियमों में भारत उन देशों की सूची से बाहर था, जिन्हें सितंबर 2026 से मानव उपभोग के लिए पशु उत्पादों के निर्यात की अनुमति मिलने वाली थी। यदि भारत को इस सूची में जगह नहीं मिलती, तो 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक का वार्षिक निर्यात खतरे में पड़ सकता था। यूरोपीय संघ ने पशु उत्पादों के निर्यात के लिए 'डेलिगेटेड रेगुलेशन (EU) 2023/905' के तहत कड़े नियम लागू किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance) के खतरे को कम करना है। नए प्रावधानों के अनुसार, यूरोपीय संघ को निर्यात किए जाने वाले पशु और पशु उत्पाद पूरी तरह से उन दवाओं से मुक्त होने चाहिए जो विकास संवर्धन (Growth Promotion) के लिए उपयोग की जाती हैं। इसके साथ ही, उन रोगाणुरोधी दवाओं का उपयोग भी प्रतिबंधित है जो विशेष रूप से मानव उपचार के लिए आरक्षित रखी गई हैं। भारत द्वारा इन मानकों के अनुपालन के लिए दी गई गारंटी और निगरानी तंत्र को यूरोपीय संघ ने अब स्वीकार कर लिया है।

भारतीय समुद्री निर्यात की आर्थिक महत्ता

यूरोपीय संघ भारतीय समुद्री उत्पादों के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, भारत के कुल समुद्री निर्यात मूल्य में यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी लगभग 18.94 प्रतिशत रही है, जिसका मूल्य लगभग 1.593 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंका गया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में निर्यात मूल्य में 41.45 प्रतिशत और मात्रा में 38.29 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। भारत से निर्यात किए जाने वाले उत्पादों में खेती वाले झींगे (Farmed Shrimp) का सबसे बड़ा हिस्सा है। यूरोपीय बाजार में भारत की इस मजबूत स्थिति को देखते हुए, संशोधित सूची में शामिल होना न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि भारत की खाद्य सुरक्षा प्रणालियों पर अंतरराष्ट्रीय भरोसे की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। भारत की इस सफलता के पीछे वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाली संस्थाओं जैसे समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) और भारतीय निर्यात निरीक्षण परिषद (EIC) का निरंतर प्रयास रहा है। भारत ने राष्ट्रीय अवशेष नियंत्रण कार्यक्रम (NRCP) और कटाई के बाद के परीक्षण (Post Harvest Testing) जैसे कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए हैं। प्रतिबंधित एंटीबायोटिक्स और औषधीय रूप से सक्रिय पदार्थों की निगरानी के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र विकसित किया गया है। इसके अलावा, मत्स्य पालकों और अन्य हितधारकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के प्रति प्रतिबद्धता सुनिश्चित हुई है।

भविष्य की संभावनाएं और रोजगार पर प्रभाव

यूरोपीय संघ द्वारा भारत की नियामक प्रणालियों पर व्यक्त किया गया यह विश्वास देश के मत्स्य क्षेत्र में नई ऊर्जा भरेगा। इस निर्णय से न केवल विदेशी मुद्रा की आय सुनिश्चित होगी, बल्कि तटीय राज्यों के लाखों मछुआरों और प्रसंस्करण उद्योग में लगे श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर भी बने रहेंगे। सरकार का लक्ष्य अब अपनी ट्रेसबिलिटी (Traceability) प्रणालियों और गुणवत्ता आश्वासन तंत्र को और अधिक उन्नत बनाना है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा से बचा जा सके। यह तकनीकी सहयोग और निरंतर संवाद का ही परिणाम है कि आज भारतीय मत्स्य उत्पाद दुनिया के सबसे विनियमित और प्रीमियम बाजारों में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत अपनी प्रसंस्करण क्षमता और मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात को और बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके साथ ही, अन्य वैश्विक बाजारों जैसे जापान और अमेरिका के साथ भी इसी प्रकार के गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश किया जा रहा है। कुल मिलाकर, यूरोपीय संघ का यह कदम भारतीय समुद्री उत्पाद क्षेत्र के लिए एक नई सुबह की तरह है, जो वैश्विक व्यापार में भारत की साख को और मजबूती प्रदान करेगा। यह सफलता आत्मनिर्भर भारत के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह रिपोर्ट वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय तथा यूरोपीय आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित है। निर्यात नीतियों और नियमों में किसी भी आगामी बदलाव के लिए संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध अद्यतन जानकारी को ही अंतिम माना जाना चाहिए। प्रस्तुत लेख का उद्देश्य केवल सूचनात्मक है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी व्यापारिक या कानूनी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 15, 2026: 2:26 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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