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Rex TV India
Latest News स्वास्थ्य Digital Newsletter 15 May 2026 · 8:17 PM

बीकानेर में सीलिएक रोग पर चिकित्सकीय संगोष्ठी: भ्रम दूर करने पर जोर

महत्वपूर्ण चिकित्सकीय संगोष्ठी का आयोजन

बीकानेर पीडियाट्रिक्स सोसाइटी के तत्वावधान में गुरुवार को सदुलगंज स्थित होटल राज हवेली में सीलिएक रोग पर एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा जगत और आमजन के बीच सीलिएक रोग से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करना और आधुनिक उपचार पद्धतियों के प्रति जागरूकता फैलाना था। संगोष्ठी में बीकानेर संभाग के 30 से अधिक वरिष्ठ एवं युवा शिशु रोग विशेषज्ञों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलती जीवनशैली और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के बढ़ते चलन के कारण बच्चों में इस बीमारी के मामले बढ़ रहे हैं, जिसकी समय पर पहचान अनिवार्य है।

रोग के विविध लक्षणों और भ्रांतियों पर चर्चा

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जी.एस. तंवर ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि सामान्यतः सीलिएक रोग को केवल दस्त या वजन कम होने तक ही सीमित मान लिया जाता है। हालांकि, वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल है। डॉ. तंवर के अनुसार, यह बीमारी कब्ज, मोटापा, बच्चों की लंबाई रुक जाना, शरीर में खून की कमी और किशोरावस्था के लक्षणों में देरी के रूप में भी प्रकट हो सकती है। इसके अलावा, थायरॉइड विकार, मधुमेह, यकृत और गुर्दों की समस्याओं के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य जैसे चिंता, अवसाद और मानसिक धुंधलापन भी इसके लक्षण हो सकते हैं। अतः चिकित्सकों को किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले बच्चे की गहराई से जांच करनी चाहिए।

भोजन में छिपे हुए ग्लूटेन का खतरा और बचाव

डॉ. तंवर ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु पर प्रकाश डाला कि कई मरीज पूरी तरह ग्लूटेन रहित भोजन लेने का दावा करने के बावजूद स्वस्थ नहीं हो पाते। इसका मुख्य कारण भोजन में अनजाने में ग्लूटेन का मिल जाना है। एक ही आटा चक्की में अनाज पीसने, एक ही तवा, टोस्टर, कढ़ाई या तेल का उपयोग करने से भोजन दूषित हो सकता है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे खाद्य पदार्थों के लेबल को बहुत बारीकी से पढ़ें। कई बार डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, सॉसेज, माल्ट और बेकरी उत्पादों में भी छिपा हुआ ग्लूटेन मौजूद होता है। यहाँ तक कि कुछ दवाइयों में भी इसका उपयोग किया जाता है। जागरूकता और अत्यधिक सावधानी ही इस बीमारी से बचाव का एकमात्र सशक्त माध्यम है।

उपचार की कुंजी: जीवनभर सख्त अनुशासन

वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल ने सीलिएक रोग के वैज्ञानिक कारणों और उपचार की बारीकियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने चेतावनी दी कि ग्लूटेन की बहुत कम मात्रा भी आंतों की सूक्ष्म कोशिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने सभी साथी चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे उन बच्चों में भी सीलिएक की जांच करें जिनमें बिना किसी स्पष्ट कारण के खून की कमी या लंबाई कम रहने जैसी समस्याएं दिख रही हों। डॉ. अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि सही पहचान के बाद जीवनभर सख्त ग्लूटेन मुक्त आहार का पालन करना और नियमित चिकित्सकीय निगरानी रखना ही मरीज को एक सामान्य और स्वस्थ जीवन प्रदान कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुभव और आधुनिक शोध

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. मोहित कुमार वोहरा ने रोग की उन्नत जांच विधियों और भोजन संबंधी सटीक परामर्श पर जानकारी साझा की। वहीं, डॉ. पी.सी. खत्री ने अपने चार दशकों के विशाल अनुभव के आधार पर बताया कि समय के साथ इस बीमारी की उपचार पद्धतियों में कितने सकारात्मक बदलाव आए हैं। डॉ. गौरव गोम्बर ने उन मामलों के अनुभव साझा किए जहाँ ग्लूटेन मुक्त आहार शुरू करने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में चमत्कारिक सुधार देखा गया। डॉ. महेश शर्मा ने सीलिएक रोग के प्रबंधन में प्रोबायोटिक्स या लाभकारी जीवाणुओं की भूमिका पर आधुनिक शोध प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रेणु अग्रवाल ने की और डॉ. पवन डारा ने वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

निष्कर्ष और सामाजिक संदेश

इस संगोष्ठी का निष्कर्ष यही रहा कि सीलिएक रोग से पीड़ित बच्चों को समाज और परिवार के विशेष सहयोग की आवश्यकता होती है। केवल 'ग्लूटेन फ्री' लिखे उत्पादों पर भरोसा करने के बजाय घर पर शुद्धता के साथ तैयार भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। विशेषज्ञों ने अंत में संदेश दिया कि यदि अभिभावक और चिकित्सक मिलकर सतर्क रहें, तो सीलिएक रोग से ग्रसित बच्चे भी खेलकूद और पढ़ाई सहित जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। बीकानेर पीडियाट्रिक्स सोसाइटी की यह पहल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुई है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह रिपोर्ट बीकानेर में आयोजित चिकित्सकीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों द्वारा दिए गए वक्तव्यों और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। सीलिएक रोग के लक्षण और उपचार प्रत्येक रोगी की स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर किए गए किसी भी चिकित्सकीय या व्यक्तिगत निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 15, 2026: 8:17 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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