WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News आम सूचना Digital Newsletter 16 May 2026 · 9:31 AM

आईडीएफसी बैंक धोखाधड़ी मामला: सीबीआई के रडार पर हरियाणा के शीर्ष अफसर

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक बड़े वित्तीय घोटाले में पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच करने की आधिकारिक अनुमति दे दी। यह मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े लगभग 590 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी और सरकारी फंड के दुरुपयोग से संबंधित है। सरकार द्वारा इस संवेदनशील मामले में केंद्रीय एजेंसी को आगे बढ़ने का निर्देश दिए जाने के बाद अब इन शीर्ष नौकरशाहों पर कानूनी कार्रवाई का शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की भूमिका

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी को यह विशेष अनुमति भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसीए) की धारा 17ए के तहत प्रदान की गई है। इस कानूनी वैधानिक प्रावधान के मुताबिक, किसी भी लोक सेवक या सरकारी अधिकारी द्वारा अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किए गए किसी कथित अपराध की जांच, सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई भी police अधिकारी या जांच एजेंसी शुरू नहीं कर सकती है। हरियाणा सरकार से यह आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब सीबीआई के लिए कानूनी बाधाएं दूर हो गई हैं और वह संबंधित अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है।

बैंक अधिकारियों और सरकारी अमले की कथित मिलीभगत

यह पूरा मामला सरकारी विभागों के धन को निजी बैंकिंग संस्थानों में अवैध रूप से स्थानांतरित करने और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच रिपोर्टों के अनुसार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कुछ चुनिंदा अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के लोक सेवकों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची थी। इस आपराधिक गठजोड़ के जरिए सरकारी खजाने के करोड़ों रुपये के सार्वजनिक फंड को फर्जी खातों और अनधिकृत जगहों पर स्थानांतरित कर दिया गया। इस घोटाले की जटिलता और विशाल वित्तीय आकार को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की गहन पड़ताल के लिए इसे केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का उचित निर्णय लिया।

अब तक की कार्रवाई और भविष्य के कदम

प्रशासनिक स्तर पर की गई शुरुआती आंतरिक जांच के बाद हाल ही में सरकार ने इस मामले के तार जुड़ने पर कड़ी नजर रखी है। सीबीआई ने इस वित्तीय घोटाले की जांच को गति देते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण ठिकानों पर अपनी प्रारंभिक कागजी कार्रवाई और साक्ष्यों का संकलन शुरू कर दिया है, जहाँ से वित्तीय दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी अब उन प्रशासनिक मंजूरियों की गहराई से जांच कर रही है जिनके आधार पर सरकारी धन को निजी बैंक में इतनी बड़ी मात्रा में जमा करने की अनुमति मिली थी। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कड़े नीतिगत फैसलों के बीच जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट हरियाणा सरकार के आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और जांच एजेंसियों द्वारा मीडिया में साझा की गई प्राथमिक जानकारियों पर आधारित है। किसी भी लोक सेवक पर लगे आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायालय की वैधानिक प्रक्रिया के अधीन है। इस लेख का उद्देश्य केवल जनहित में सूचनात्मक और कानूनी घटनाक्रम से अवगत कराना है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत या कानूनी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 16, 2026: 9:31 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —