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Rex TV India
Latest News राष्ट्रीय Digital Newsletter 16 May 2026 · 12:33 PM

सोनिया गांधी वोटर लिस्ट विवाद: राउज एवेन्यू कोर्ट में टली सुनवाई

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

दिल्ली की प्रतिष्ठित राउज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के खिलाफ वर्ष 1980-81 की मतदाता सूची में कथित तौर पर धोखाधड़ी से नाम शामिल करने से जुड़े एक बेहद संवेदनशील और पुराने आपराधिक शिकायत मामले पर सुनवाई होनी थी। हालांकि, प्रतिवादी पक्ष के मुख्य वकील के व्यक्तिगत रूप से अदालत परिसर में पेश न होने और उनकी तरफ से आधिकारिक तौर पर स्थगन की मांग किए जाने के चलते आज इस मामले में कोई ठोस विधिक बहस या तार्किक कार्यवाही संपन्न नहीं हो सकी। अदालत ने मामले की गंभीरता और दोनों पक्षों की तरफ से समय-समय पर प्रस्तुत की जा रही दलीलों को गहराई से ध्यान में रखते हुए इस पूरे मामले की अगली विस्तृत सुनवाई के लिए आगामी 4 जुलाई की तारीख तय की है। शिकायतकर्ता पक्ष ने प्रतिवादी द्वारा अपनाई जा रही इस टालमटोल की नीति और अदालती कार्यवाही में हो रही निरंतर देरी पर अपनी कड़ी विधिक आपत्ति दर्ज कराई है।

शिकायतकर्ता अधिवक्ता विकास त्रिपाठी का बड़ा बयान

अदालत की कार्यवाही स्थगित होने के बाद न्यायालय परिसर के बाहर मीडिया कर्मियों से विस्तृत बातचीत करते हुए शिकायतकर्ता और प्रख्यात अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने विपक्षी पक्ष पर इस गंभीर कानूनी मामले को जानबूझकर अनावश्यक रूप से लटकाने और टालने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने आज के पूरे अदालती घटनाक्रम की बारीक जानकारी साझा करते हुए मीडिया के समक्ष स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “पिछली तारीख पर, अदालत ने हमें दस्तावेज दाखिल करने का आदेश दिया था क्योंकि हमें भारत निर्वाचन आयोग से कुछ कागजात प्राप्त हुए थे, और हमने उन्हें जमा कर दिया था। उन्हें पहले उस पर जवाब देना था और बहस प्रस्तुत करनी थी। जैसा कि पहले भी हुआ है, वे स्थगन की मांग करते रहे। वे जानबूझकर मामले में देरी करते हैं, यह कहते हुए कि उनके पास समय नहीं है, उन्हें पंजाब से आना है, और इसी तरह के अन्य कारण देते हैं। सुनवाई की अगली तारीख 4 जुलाई तय की गई है। आज कोई सुनवाई नहीं हुई। उनके वकील व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए।”[1]

क्या है सोनिया गांधी से जुड़ा यह चुनावी मामला

यह पूरा कानूनी और राजनीतिक विवाद मुख्य रूप से इस गंभीर आरोप पर आधारित है कि सोनिया गांधी का नाम उन्हें भारत की वैध नागरिकता मिलने से लगभग तीन साल पहले ही नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की आधिकारिक मतदाता सूची में दर्ज कर लिया गया था। शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी का विधिक दावा है कि सोनिया गांधी को भारत सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर वर्ष 1983 में नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5(1)(सी) के कड़े प्रावधानों के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की गई थी। इसके बावजूद, वर्ष 1980 की मतदाता सूची में उनका नाम एक सक्रिय मतदाता के रूप में पहले से शामिल था। शिकायत में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि यह लोक प्राधिकारियों को जानबूझकर धोखा देने और दस्तावेजों में हेरफेर के जरिए मतदाता सूची में नाम प्रविष्ट कराने का मामला है, जिसकी गहन विधिक जांच की जानी आवश्यक है।

न्यायिक इतिहास और अब तक की कानूनी कार्यवाही

इस ऐतिहासिक मामले का कानूनी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा और पेचीदा रहा है। इससे पहले, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने इस प्रारंभिक शिकायत को यह कहते हुए तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था कि नागरिकता और मतदाता सूची की पात्रता से जुड़े गंभीर मामले क्रमशः केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के विशेष संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में आते हैं। साथ ही मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपों को प्रथम दृष्टया अपर्याप्त माना था। हालांकि, शिकायतकर्ता ने इस विधिक फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की, जिस पर सत्र अदालत ने गंभीरता से संज्ञान लिया और सोनिया गांधी व दिल्ली पुलिस को आधिकारिक नोटिस जारी किए थे। शिकायतकर्ता पक्ष का तर्क है कि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1980 में नाम शामिल होने के बाद 1982 में उनका नाम सूची से हटाया गया था और नागरिकता मिलने के बाद 1983 में इसे दोबारा दर्ज किया गया, जो किसी बड़ी प्रक्रियात्मक चूक या सोची-समझी विसंगति की ओर साफ इशारा करता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह रिपोर्ट राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई समसामयिक कानूनी कार्यवाही, शिकायतकर्ता के अधिवक्ता द्वारा मीडिया के समक्ष दिए गए आधिकारिक बयानों और विभिन्न राष्ट्रीय विधिक समाचार एजेंसियों द्वारा जनहित में उपलब्ध कराए गए ऐतिहासिक तथ्यों पर पूरी तरह आधारित है। इस संवेदनशील राजनीतिक और कानूनी विषय से जुड़े किसी भी प्रकार के आधिकारिक या वैधानिक संदर्भ के लिए माननीय न्यायालय के मूल हस्ताक्षरित आदेशों और विधिक दस्तावेजों को ही अंतिम और प्रामाणिक माना जाना चाहिए। इस लेख का मुख्य उद्देश्य केवल पाठकों को देश के वर्तमान और कानूनी घटनाक्रम की निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत, राजनीतिक, सामाजिक या कानूनी निर्णय के परिणामों के लिए किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 16, 2026: 12:33 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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