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Rex TV India
Latest News राष्ट्रीय Digital Newsletter 16 May 2026 · 7:15 PM

सीबीएसई का ऐतिहासिक फैसला: नौवीं और दसवीं में तीन भाषाएं अनिवार्य

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

स्कूली शिक्षा और भाषा ज्ञान को अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा व्यावहारिक बदलाव किया गया है। नए नियमों के अंतर्गत अब नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का पूरा ढांचा नए सिरे से बदला जा रहा है। नए अकादमिक सत्र से लागू होने वाली इस व्यवस्था के तहत अब हर विद्यार्थी को अनिवार्य रूप से तीन अलग-अलग भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। इस बदलाव की सबसे मुख्य शर्त यह रखी गई है कि चुनी गई इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाएं अनिवार्य रूप से अपने ही देश की मूल भाषाएं होनी चाहिए। इस नए नियम को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने के लिए आगामी जुलाई महीने की पहली तारीख तय की गई है, जिसके बाद देश के सभी संबद्ध विद्यालयों में इस नियम का पालन करना पूरी तरह आवश्यक हो जाएगा।  

विदेशी भाषा के चयन की शर्तें और मुख्य परीक्षा से मिली बड़ी राहत

नए शैक्षणिक ढांचे के अनुसार विद्यार्थियों को अपनी पसंद की भाषा चुनने की आजादी तो होगी, लेकिन उस पर कुछ विधिक नियम भी लागू रहेंगे। कोई भी छात्र किसी विदेशी भाषा का चुनाव केवल तभी कर सकेगा जब वह शुरुआती दो भाषाओं के रूप में देश की ही किन्हीं दो मूल भाषाओं को पढ़ रहा हो। इसके अलावा यदि कोई छात्र चाहे तो वह चौथी अतिरिक्त भाषा के रूप में भी किसी बाहरी भाषा को अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर सकता है। इस पूरी योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि विद्यार्थियों को परीक्षा के अतिरिक्त बोझ से बचाने के लिए दसवीं कक्षा में इस तीसरी भाषा के लिए कोई मुख्य बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। इस विषय की पूरी जांच और परख विद्यालय स्तर पर ही आंतरिक परीक्षाओं के माध्यम से की जाएगी। इसके अंक छात्र के अंतिम प्रमाण पत्र में जरूर दिखाए जाएंगे, लेकिन इस विषय में कम अंक आने या इसके अनिवार्य होने के कारण किसी भी बच्चे को मुख्य परीक्षा में बैठने से रोका नहीं जाएगा।

शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विद्यालयों को मिले विशेष विकल्प

प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रमुखों को इस नए भाषाई नियम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए समय रहते सभी जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। सभी स्कूलों को जून महीने के अंत तक अपने ऑनलाइन पोर्टल पर इस तीसरी भाषा से जुड़ी सभी जरूरी प्रशासनिक जानकारियां अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होंगी। स्कूलों को अपनी क्षेत्रीय सुविधा और संसाधनों के आधार पर भाषा की श्रेणियां तय करने की पूरी स्वायत्तता दी गई है। जिन शिक्षण संस्थानों में वर्तमान में योग्य भाषा शिक्षकों की कमी है, उनके लिए कुछ अस्थाई और व्यावहारिक रास्ते भी सुझाए गए हैं। ऐसे स्कूल कुछ समय के लिए अपने उन अन्य विषयों के शिक्षकों की सेवाएं ले सकते हैं जो संबंधित भाषा को बोलने और समझने में पूरी तरह सक्षम हैं। इसके साथ ही स्कूल आपस में संसाधनों को साझा करके, ऑनलाइन या मिश्रित कक्षाओं के माध्यम से, सेवानिवृत्त अनुभवी शिक्षकों को रखकर या योग्य उच्च शिक्षित युवाओं की मदद लेकर इस कमी को दूर कर सकते हैं।

स्थानीय कहानियों को बढ़ावा और विशेष श्रेणी के छात्रों को विशेष रियायत

किताबों की अस्थाई कमी से निपटने के लिए भी एक बेहद व्यावहारिक रास्ता निकाला गया है। जब तक माध्यमिक स्तर के लिए विशेष नई पाठ्यपुस्तकें पूरी तरह तैयार नहीं हो जातीं, तब तक नौवीं कक्षा के विद्यार्थी अस्थाई रूप से छठी कक्षा की भाषा पुस्तकों की मदद से अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे। भाषा के प्रति समझ को और अधिक गहरा करने के लिए विद्यालयों को स्थानीय लोक साहित्य, क्षेत्रीय कविताओं, कहानियों और अन्य रोचक सामग्रियों को भी पढ़ाई में शामिल करने के लिए कहा गया है। इस पूरी व्यवस्था को लेकर जून महीने के मध्य तक विस्तृत नियमावली भी जारी कर दी जाएगी। इस नए नियम में दिव्यांग बच्चों को पहले से चले आ रहे नियमों के अनुसार पूरी छूट मिलती रहेगी। इसके साथ ही विदेशों से पढ़ाई करके लौटने वाले बच्चों और देश के बाहर चल रहे भारतीय स्कूलों के विद्यार्थियों को भी उनकी परिस्थितियों के आधार पर उचित ढील दी जाएगी। इस पूरे बदलाव का मुख्य उद्देश्य बच्चों पर मानसिक दबाव बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी भाषाई संस्कृति से जोड़ना है।[1]

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक विधिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित समाचार सोर्सेज द्वारा उपलब्ध कराए गए प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। इस विषय से जुड़े किसी भी प्रकार के वैधानिक संदर्भ, तकनीकी आंकड़ों या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी मूल विधिक रिपोर्ट को ही अंतिम और प्रामाणिक माना जाना चाहिए। इस लेख का मुख्य उद्देश्य केवल जनहित में निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत, सामाजिक या कानूनी निर्णय के परिणामों के लिए किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 16, 2026: 7:15 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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