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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 18 May 2026 · 1:36 PM

केंद्रपाड़ा में पेड़ के नीचे लगती है बच्चों की अनोखी गीता क्लास

अनोखी पाठशाला

देश के विभिन्न हिस्सों में सनातन धर्म को लेकर जारी राजनीतिक और वैचारिक बहसों के बीच ओडिशा के एक छोटे से गांव केंद्रपाड़ा में बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है। केंद्रपाड़ा में टेलीविजन स्टूडियो और चुनावी रैलियों के शोर-शराबे से दूर एक महिला सरकारी कर्मचारी अपने अनोखे रचनात्मक अंदाज में इन विवादित बयानों का जवाब दे रही हैं। पट्टामुंडई तहसील के अंतर्गत बड़ा मुलाबसंत में तैनात 38 वर्षीय महिला राजस्व निरीक्षक (रेवेन्यू इंस्पेक्टर) संध्यारानी बराल ने समाज को नई दिशा देने का बीड़ा उठाया है। वे प्रतिदिन शाम को ग्रामीण बच्चों को पेड़ों की छांव के नीचे इकट्ठा कर उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता के व्यावहारिक और नैतिक उपदेशों का पाठ पढ़ा रही हैं।[1]

गुरुकुल जैसा माहौल

संध्यारानी बराल ओडिशा के केंद्रपाड़ा ब्लॉक के अंतर्गत ढोल पंचायत के नालपरी गांव की मुख्य निवासी हैं, जहां वे इस पावन कार्य को पूरी निष्ठा से संचालित करती हैं।

वे पिछले दो वर्षों से बिना किसी नागा के केंद्रपाड़ा में हर सप्ताह बच्चों के लिए गीता की विशेष कक्षाएं चला रही हैं। नालपरी गांव के एक मठ परिसर के भीतर बिल्कुल प्राचीन भारतीय गुरुकुल जैसा शांत और आध्यात्मिक माहौल दिखाई देता है। जहां शाम के समय करीब 30 स्कूली बच्चे अपने माथे पर चंदन का तिलक लगाकर पेड़ों के नीचे बैठते हैं, संस्कृत के श्लोकों का सस्वर पाठ करते हैं और उनके वास्तविक अर्थों को समझते हैं।

कर्म का महान ग्रंथ

इस पुनीत कार्य के पीछे के अपने मुख्य उद्देश्य और विचारधारा को स्पष्ट करते हुए राजस्व निरीक्षक संध्यारानी बराल ने मीडिया से खुलकर बात की।

उन्होंने समाज को एक नया संदेश देते हुए कहा कि, “मेरा एकमात्र मोटिव युवा पीढ़ी को भगवद्गीता के माध्यम से सनातन धर्म के वास्तविक सार से परिचित कराना है; यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि कर्म का व्यावहारिक शास्त्र है।” उन्होंने आगे कहा कि, “लोग इसे लाल कपड़े में लपेटकर केवल पूजा घर में रखने के बजाय पढ़ें, समझें और अपने दैनिक जीवन में लागू करें।”

पिता से मिली प्रेरणा

श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति अपने इस गहरे लगाव के बारे में संध्यारानी बचपन की यादों को साझा करते हुए भावुक हो जाती हैं।

उन्होंने बताया कि जब वे बहुत छोटी थीं, तभी से उनके पिता ने उन्हें इस ग्रंथ के महत्व से विधिक रूप से परिचित करवा दिया था। उन्होंने याद करते हुए कहा कि, “जैसे ही हमने बचपन में वर्णमाला की बुनियादी किताबें सीखीं, मेरे पिता ने हमारे हाथों में गीता सौंप दी थी; उस नादान उम्र में हम श्लोकों का गूढ़ अर्थ तो नहीं समझ पाते थे, लेकिन समय के साथ उन संस्कृत श्लोकों ने हमें जीवन को सही ढंग से जीने की विधिक कला सिखाती थी।”

जीवन जीने का मैनुअल

इस अनूठी पाठशाला में केवल रटने पर जोर नहीं दिया जाता, बल्कि बच्चे श्लोकों के व्यावहारिक अर्थ को समझकर उसे अपने जीवन में उतारते हैं।

कक्षा 9 की छात्रा स्वप्ना सोनम बराल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि, “जैसे हर नए इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के साथ एक इंस्ट्रक्शन मैनुअल आता है, ठीक वैसे ही गीता मानव जीवन को बेहतर ढंग से जीने का विधिक मैनुअल है, जो हमें समाज और स्वयं को समझने में मदद करता है।” वहीं रितेश नायक नामक छात्र ने कहा कि उन्हें स्कूल में ऐसी नैतिक शिक्षा नहीं मिलती, इसलिए वे स्कूल के बाद यहाँ आकर पेड़ के नीचे बड़े चाव से पढ़ाई करते हैं।

सनातन धर्म शाश्वत

राजनीतिक नेताओं द्वारा सनातन धर्म के खिलाफ हाल ही में की गई तीखी और अमर्यादित टिप्पणियों पर संध्यारानी ने बेहद कड़ा और संतुलित रुख अपनाया है।

उन्होंने कहा कि, “जो कुछ भी शाश्वत, सत्य और समय से परे है, वही वास्तव में सनातन धर्म है; इसे कोई कैसे नष्ट कर सकता है जब किसी को इसे स्वीकार करने के लिए मजबूर या लालच नहीं दिया जाता है।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि गीता हर मनुष्य को दूसरों को स्वीकार करना सिखाती है। केंद्रपाड़ा में संध्यारानी का यह छोटा लेकिन दृढ़ प्रयास न केवल बच्चों को उनके पवित्र धर्मग्रंथ से जोड़ रहा है, बल्कि नई पीढ़ी (GenZ) के बीच प्राचीन विधिक परंपराओं को भी पूरी तरह जीवंत बनाए हुए है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक महिला सरकारी कर्मचारी द्वारा संचालित स्वैच्छिक शैक्षणिक गतिविधियों और स्थानीय बयानों पर आधारित है। इस रिपोर्ट का उद्देश्य किसी भी राजनीतिक या धार्मिक विवाद को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि सामाजिक और नैतिक शिक्षा के प्रयासों को उजागर करना है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर उत्पन्न होने वाले किसी भी सामाजिक, व्यक्तिगत या विधिक निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 18, 2026: 1:36 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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