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Rex TV India
Latest News बीमा Digital Newsletter 18 May 2026 · 7:54 PM

बिलासपुर जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा बीमा कंपनी पर बड़ा जुर्माना लागू

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

छत्तीसगढ़ के न्यायधानी क्षेत्र में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने वाली एक बड़ी न्यायिक पीठ ने बीमा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी को कड़ी फटकार लगाई है। बिलासपुर जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) की एक गंभीर सेवा चूक को पकड़ते हुए मृतक पॉलिसीधारक के पीड़ित परिवार के पक्ष में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है। उपभोक्ता फोरम ने अपने विधिक आदेश में साफ कहा है कि बीमा कंपनी ने ग्रेस पीरियड (रियायती अवधि) की तकनीकी समाप्ति का गलत हवाला देकर पीड़ित परिवार का जायज डेथ क्लेम खारिज किया था, जो पूरी तरह अनुचित है।

जीवन लक्ष्य पॉलिसी

इस पूरे विवादित मामले की पृष्ठभूमि और बीमा दावों से जुड़ी तकनीकी बारीकियों को लेकर पीड़ित पक्ष ने अपनी अर्जी में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए थे।

मामले के विवरण के अनुसार, बिलासपुर संभाग के रतनपुर क्षेत्र के मदनपुर गांव के निवासी संत कुमार वैष्णव ने एलआईसी की लोकप्रिय 'जीवन लक्ष्य' पॉलिसी खरीदी थी। इस विशेष बीमा पॉलिसी के तहत उनका मूल जीवन बीमा कवर 3 लाख रुपये का था, जिसके साथ उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा के लिए 3 लाख रुपये का एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट राइडर (एडीडीबी) भी लिया था।

सड़क दुर्घटना में मौत

पॉलिसीधारक संत कुमार वैष्णव के साथ अचानक घटी एक दर्दनाक घटना ने उनके हंसते-खेलते परिवार को गहरे वित्तीय और मानसिक संकट में डाल दिया था।

संत कुमार की 27 जनवरी 2025 को एक भीषण सड़क दुर्घटना में असामयिक मौत हो गई थी। उनकी दुखद मृत्यु के बाद, उनके सगे भाई प्रदीप कुमार ने मृतक के आश्रितों की मदद के लिए एलआईसी कार्यालय में सभी जरूरी दस्तावेज जमा करके मूल बीमा राशि और दुर्घटना मृत्यु लाभ के तहत दावा आवेदन जमा किया था।

एलआईसी ने किया खारिज

भारतीय जीवन बीमा निगम ने इस संवेदनशील मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के बजाय बेहद तकनीकी रवैया अपनाते हुए दावे को पूरी तरह से निरस्त कर दिया था।

कंपनी ने अपनी दलील में लिखित रूप से तर्क दिया था कि, “दिसंबर 2024 में देय तिमाही प्रीमियम का भुगतान निर्धारित समय के भीतर नहीं किया गया था और ग्रेस पीरियड की अवधि समाप्त होने के कारण यह पॉलिसी पूरी तरह लैप्स हो चुकी थी।” इस एकतरफा रिजेक्शन से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया।

ग्रेस पीरियड की गणना

बिलासपुर जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा पॉलिसी के नियमों, प्रीमियम शेड्यूल और ग्रेस पीरियड की कानूनी व्याख्या की बहुत ही बारीकी से संवीक्षा की गई।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद कमीशन ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि 30 दिनों की रियायती अवधि की गणना हमेशा प्रीमियम देय तिथि के अगले दिन से की जानी चाहिए। इस सही विधिक व्याख्या के आधार पर फोरम ने पाया कि दुर्घटना की तारीख को संत कुमार की इंश्योरेंस पॉलिसी तकनीकी रूप से पूरी तरह वैध और प्रभावी थी।

सेवा में बड़ी चूक

उपभोक्ता अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में देश की सभी बीमा कंपनियों के लिए एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है।

आयोग ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, “कोई भी बीमा कंपनी किसी डेथ क्लेम को केवल इसलिए खारिज नहीं कर सकती कि पॉलिसीधारक की मृत्यु प्रीमियम भुगतान के लिए अनुमत ग्रेस पीरियड के दौरान हुई थी।” एलआईसी को 'सेवा में कमी' (डेफिसिएंसी इन सर्विस) का दोषी ठहराते हुए आयोग ने 45 दिनों के भीतर पूरे दावे का निपटारा करने का कड़ा हुक्म दिया है।

भारी मुआवजे का आदेश

बिलासपुर जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा पीड़ित परिवार को हुए मानसिक उत्पीड़न की भरपाई के लिए एलआईसी को मूल राशि के साथ भारी ब्याज और मुआवजा देने का विधिक आदेश दिया है।

इस आदेश के तहत कंपनी को 3 लाख रुपये का मूल सम एश्योर्ड, 3 लाख रुपये का एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट और दावा दायर करने की तिथि 17 नवंबर 2025 से 9 फीसदी की वार्षिक दर से ब्याज देना होगा। इसके अतिरिक्त मानसिक प्रताड़ना के लिए 25,000 रुपये और अदालती खर्च भी चुकाना होगा। बिलासपुर जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा लिया गया यह फैसला क्षेत्र के लाखों बीमाधारकों के अधिकारों को मजबूत करने वाला साबित होगा।[1]

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह उपभोक्ता मामलों से जुड़ी समाचार रिपोर्ट बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक फैसले और दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत कानूनी दस्तावेजों के प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी बीमा पॉलिसी के नियम, ग्रेस पीरियड और क्लेम की शर्तें संबंधित कंपनी की मूल नियमावली के विधिक प्रावधानों के अधीन होती हैं। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस समाचार जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा किए जाने वाले किसी भी कानूनी निर्णय या निष्कर्ष के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 18, 2026: 7:54 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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