WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 20 May 2026 · 12:17 AM

पदक जीतकर भारत लौटे बेटों का अभिनन्दन किया

पदक जीतकर भारत लौटे बेटों का अभिनन्दन

भरतपुर (शिंभु  सिंह शेखावत)। पदक जीतकर भारत लौटे बेटों के अभिनन्दन के साथ ही आज पूर्वी राजस्थान के खेल इतिहास में एक बेहद भावुक और गौरवमयी अध्याय जुड़ गया है। हाल ही में चीन में आयोजित हुई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी ताकत का लोहा मनवाकर वतन लौटे भरतपुर संभाग के होनहार लालों के स्वागत में आज पूरा क्षेत्र उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के साथ अपने चहेते चैंपियनों का पलक-पावड़े बिछाकर अभूतपूर्व स्वागत सत्कार किया।

मिट्टी से सोने का सफर

फ्लैशबैक की बात करें तो चीन की धरती पर संपन्न हुई इस प्रतिष्ठित एशियाई पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भरतपुर जिले के ग्राम उबार निवासी योगेंद्र सिंह और अलवर निवासी जितेंद्र शर्मा ने भाग लिया था।

दोनों होनहार एथलीटों ने वहां वैश्विक मंच पर कई देशों के कड़े प्रतिद्वंदियों को पछाड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया और मैडल जीतकर भारत देश का नाम रोशन किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा फहराने के बाद जैसे ही ये दोनों वीर आज अपने गृह राज्य और गांव की सीमा में पहुंचे, पूरा माहौल उत्सव में बदल गया।

कोच का जादुई मार्गदर्शन

स्थानीय खेल प्रशंसक राहुल उबार ने न्यूज़ रूम को विशेष जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे मुख्य भूमिका उनके स्थानीय प्रशिक्षक की रही है।

उन्होंने गर्व से बताया कि उबार गांव के मड-जिम (देशी अखाड़े) में मुख्य कोच आशीष जेमन की कड़े अनुशासन वाली ट्रेनिंग और बिना आधुनिक उपकरणों के भी अद्वितीय तकनीकी मार्गदर्शन के कारण ही आज यह ऐतिहासिक दिन देखना नसीब हुआ है। कोच की दिन-रात की मेहनत ने ही ग्रामीण युवाओं को इस वैश्विक मुकाम तक पहुंचाया।

उमड़ा जनसैलाब और उत्साह

अंतरराष्ट्रीय पटल पर क्षेत्र का नाम चमकाने की इसी बड़ी खुशी में पदक जीतकर भारत लौटे बेटों का अभिनन्दन किया गया, जो आज उबार गांव के मुख्य चौराहे पर ग्रामवासियों की मौजूदगी में आयोजित हुआ।

इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने और अपने चहेते अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए आसपास के गांवों से भी खेल प्रेमी और ग्रामीण उबार गांव में सुबह से ही एकत्रित होने लगे थे।

माला और घी का भोग

सम्मान समारोह के दौरान दोनों चैंपियन खिलाड़ियों का पारंपरिक रूप से जगह-जगह फूल-मालाएं पहनाकर और राजस्थानी मान-मर्यादा का प्रतीक साफा बांधकर जोरदार नागरिक स्वागत सत्कार किया गया।

इसके साथ ही उन्हें एक सजी हुई खुली जीप में बैठाकर पूरे ग्रामीण क्षेत्र में एक विशाल विजय जुलूस भी निकाला गया। ग्रामीणों ने लोक परंपरा के अनुसार खिलाड़ियों को शुद्ध देसी घी का भोग लगाया। खिलाड़ियों के बुजुर्ग माता-पिता ने इस अवसर पर भावुक होते हुए कहा कि उनके बेटों ने उनके जीवन की सबसे बड़ी हसरत आज पूरी कर दी है।

अखाड़ों को आधुनिक बनाने का संकल्प

इस दौरान आयोजित जनसभा में क्षेत्र के वरिष्ठ खेल प्रमोटर और पप्पू बिल्डर ने उपस्थित युवाओं का मनोबल बढ़ाते हुए अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने खिलाड़ियों के समक्ष अपनी बात रखते हुए कड़े शब्दों में कहा कि, “खेल हमें न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र की पहचान भी स्थापित करते हैं।” उन्होंने क्षेत्र में खेल सुविधाओं को और बेहतर करने की मांग सरकार से उठाई।

पंच-पटेलों की बड़ी मौजूदगी

इस ऐतिहासिक सम्मान समारोह के पावन अवसर पर महावीर उबार, सुरेश मानसिंह और राजीव कुम्हेर जैसे वरिष्ठ खेल प्रेमी मुख्य रूप से मंच पर उपस्थित रहे।

इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता नेमसिंह फौजदार, मलखान, दिनेश और दयाराम सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण युवाओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी वक्ताओं ने पदक जीतकर भारत लौटे बेटों का अभिनन्दन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए।

ओलंपिक मेडल का बड़ा लक्ष्य

इस बड़े अंतरराष्ट्रीय मेडल के बाद अब भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में आधुनिक खेल अकादमियां और जिम खोलने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।

स्थानीय खेल संगठनों का मानना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को शुरुआती स्तर पर ही आधुनिक उपकरण और मैट मिल जाएं, तो ओलंपिक जैसे महाकुंभ में भी देश के लिए पदक जीते जा सकते हैं। इस बड़ी जीत से क्षेत्र के छोटे बच्चों में भी पावरलिफ्टिंग के प्रति भारी क्रेज देखा जा रहा है।

ब्रज का मान बढ़ा

समारोह के अंतिम चरण में मुख्य कोच आशीष जेमन और दोनों विजेता खिलाड़ियों ने इस ऐतिहासिक सम्मान के लिए सभी ग्रामवासियों का सहृदय आभार व्यक्त किया।

खिलाड़ियों ने संकल्प लिया कि उनका अगला मुख्य लक्ष्य आगामी विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। आखिरकार, जब पदक जीतकर भारत लौटे बेटों का अभिनन्दन किया गया, तो इस ऐतिहासिक कदम से संपूर्ण राजस्थान के खेल जगत में नई ऊर्जा, उमंग और संगठित खेल भावना की एक बेहद नई व प्रेरणादायक बयार बहने लगी है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह खेल समाचार, अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में पदक प्राप्ति और खिलाड़ी सम्मान समारोह से जुड़ी रिपोर्ट स्थानीय रिपोर्टर द्वारा प्रस्तुत तथ्यों पर  आधारित है। विभिन्न खेल पुरस्कारों, सरकारी नौकरी के प्रावधानों और भविष्य के बजटीय आवंटन का अंतिम निर्धारण पूरी तरह से राजस्थान सरकार की खेल नीति और खेल मंत्रालय के नियमों के अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस समाचार के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 20, 2026: 12:17 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —