WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 20 May 2026 · 12:49 PM

पश्चिम बंगाल सरकार ने ओबीसी आरक्षण के नियमों में किया बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी - File Photo

पश्चिम बंगाल सरकार ने ओबीसी आरक्षण पर बड़ा फैसला लेते हुए धर्म के आधार पर बनाई गई ओबीसी श्रेणियों को समाप्त कर दिया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि 2010 से पहले ओबीसी सूची में शामिल 66 समुदायों को सात प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें पिछली ओबीसी आरक्षण व्यवस्था को असंवैधानिक करार दिया गया था।[1]

उच्च न्यायालय का आदेश

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मई 2024 में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 2010 से 2012 के बीच ओबीसी सूची में जोड़े गए 77 समुदायों का ओबीसी दर्जा रद्द कर दिया था। अदालत का मानना था कि इन समुदायों को शामिल करते समय उचित सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण का अभाव था। न्यायालय ने इस पूरी प्रक्रिया को असंवैधानिक माना, जिसके कारण राज्य सरकार को अपनी मौजूदा नीति में तत्काल सुधार करने के लिए विवश होना पड़ा।

नई आरक्षण व्यवस्था

राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत 66 समुदायों को एक ही श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें सरकारी सेवाओं में 7 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त होगा। इस सूची में कपाली, कुर्मी, कर्मकार, सूत्रधार, स्वर्णकार, नाई, तांती, धनुक, कसाई, खंडायत, देवांगा और गोआला जैसे कई प्रभावशाली समुदाय शामिल हैं। इसके साथ ही, तीन मुस्लिम समुदाय—पहाड़िया, हज्जाम और चौदुली—को भी इस नई सूची में स्थान दिया गया है।

पुरानी व्यवस्था समाप्त

पूर्व में पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण दो श्रेणियों में विभाजित था। कैटेगरी-ए को 'अधिक पिछड़ा' मानकर 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता था, जबकि कैटेगरी-बी को 7 प्रतिशत का लाभ मिलता था। अब पश्चिम बंगाल सरकार ने ओबीसी आरक्षण की इस पूरी पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इस बड़े बदलाव के कारण लगभग 12 लाख ओबीसी प्रमाणपत्र प्रभावित हुए हैं, जो 2010 के बाद जारी किए गए थे। हालांकि, जो लोग पहले ही सरकारी नौकरी पा चुके हैं, उनकी नियुक्तियां पूरी तरह सुरक्षित रखी गई हैं।

राजनीतिक और सामाजिक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने ओबीसी आरक्षण पर लिया बड़ा फैसला राज्य की राजनीति पर गहरा असर डालेगा। पूर्व नौकरशाह जवाहर सिरकार ने आरोप लगाया कि, "पूर्व में कई मुस्लिम समुदायों को वोट बैंक की राजनीति के तहत बिना किसी मजबूत सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के ओबीसी सूची में जोड़ा गया था।" सामाजिक शोधकर्ताओं के अनुसार, इस बदलाव से मुस्लिम समुदायों की सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में भागीदारी कम हो सकती है, क्योंकि उन्हें अब सामान्य वर्ग के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी।

जातीय आंकड़ों की सियासत

राज्य में होने वाली आगामी जनगणना के मद्देनजर इस फैसले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय राज्य में जातीय और सामाजिक समीकरणों की राजनीति को एक नई दिशा दे सकता है। अब सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की स्थिति पूरी तरह से बदल जाएगी, जिससे विभिन्न समुदायों के बीच प्रतिनिधित्व को लेकर बहस छिड़ना तय माना जा रहा है।

भविष्य की चुनौतियां

राज्य सरकार अब इस नई सूची को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है। हालांकि, इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और समुदायों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। सरकार का दावा है कि यह कदम संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उठाया गया है। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह इन परिवर्तनों के दौरान किसी भी प्रकार के सामाजिक तनाव को होने से रोके और आरक्षण प्रणाली में संतुलन कायम रखे।

सुरक्षा और निष्पक्षता

अंत में, पश्चिम बंगाल सरकार ने ओबीसी आरक्षण पर लिया बड़ा फैसला प्रशासनिक और न्यायिक सुधारों के प्रति सरकार की तत्परता को दर्शाता है। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार आरक्षण की समीक्षा करना राज्य के सामाजिक न्याय ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक आवश्यक कदम प्रतीत होता है। अब आगामी समय ही बताएगा कि यह बदलाव पश्चिम बंगाल की सामाजिक संरचना और भविष्य की चुनावी राजनीति में किस तरह का परिवर्तन लेकर आता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विभिन्पन समाचार एजेंसियों से प्राप्त सूचना पर आधारित है। आरक्षण नीतियों और समुदायों की पात्रता से जुड़े मामले न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत आते हैं। इस समाचार के लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी प्रकार के व्यावसायिक, सामाजिक या कानूनी निर्णयों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 20, 2026: 12:49 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —