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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 23 May 2026 · 3:02 PM

साध्वी निष्ठा प्रिया की 22 दिवसीय कठोर सूर्य उपासना हुई संपन्न

सूर्य उपासना में लीं साध्वी निष्ठा प्रिया

पाली (शिंभु सिंह शेखावत)। सूर्य उपासना की कठिन प्रक्रिया को मारवाड़ के साधना कुटीर आश्रम में साध्वी निष्ठा प्रिया ने सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। भीषण गर्मी के दौरान लगातार 22 दिनों तक पांच अग्नि कुंडों के बीच बैठकर की गई यह कठोर तपस्या पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। गौ रक्षा और विश्व शांति के उद्देश्य से शुरू की गई यह साधना आज विधिवत रूप से संपन्न हुई, जिसमें सैकड़ों गांवों से आए श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

कठोर तपस्या प्रक्रिया

साध्वी निष्ठा प्रिया ने तपती धूप और प्रचंड अग्नि के बीच बैठकर सूर्य देव की आराधना की। यह साधना अत्यंत दुर्लभ और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। अंतिम दिन साधना स्थल पर विशेष यज्ञ और आहुतियों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। "गौ रक्षा और विश्व शांति के लिए साध्वी ने तपती धूप में कठोर तप किया है," यह उनके समर्पण का सबसे बड़ा प्रमाण है।

साधना के अंतिम दिन जब साध्वी अपने स्थान से उठीं, तो वहां मौजूद नगरवासियों और भक्तों ने उन पर पुष्प वर्षा कर उनका भावपूर्ण स्वागत किया। आश्रम में महिलाओं ने मंगल गीत और भक्तिमय भजनों का गायन कर समां बांध दिया। जिले भर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के आने से साधना स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसे संभालने के लिए स्वयंसेवकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सामाजिक संगठनों का सम्मान

इस कठोर सूर्य उपासना की साधना को पूर्ण करने के बाद अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि आश्रम पहुंचे और साध्वी निष्ठा प्रिया को सम्मानित किया। समाज में अध्यात्म और लोक कल्याण के प्रति उनके योगदान की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऐसी तपस्या समाज को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि "ऐसे तपस्वी ही लोक कल्याण और विश्व शांति के वास्तविक संवाहक होते हैं," जो अपनी तपस्या से राष्ट्र का कल्याण करते हैं।

आश्रम के वातावरण में साध्वी की इस तपस्या से एक अलग ही शांति और सकारात्मकता का अनुभव हो रहा था। श्रद्धालुओं का मानना है कि इतनी कठिन साधना का फल निश्चय ही विश्व में गौ रक्षा और मानवता की भलाई के रूप में प्राप्त होगा। साध्वी का यह अनुशासन और निष्ठा आम जनमानस के लिए प्रेरणा के स्रोत के रूप में देखा जा रहा है। भक्तगण लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे।

साधना का महत्व

भारतीय संस्कृति में हठ योग और सूर्य साधना का विशेष स्थान रहा है। साध्वी निष्ठा प्रिया द्वारा अपनाई गई 22 दिवसीय यह प्रक्रिया आत्मिक शुद्धि और बाहरी ऊर्जा के मिलन का एक उदाहरण है। विशेषज्ञों के अनुसार, पांच अग्नि कुंडों के बीच की साधना शरीर और मन को शुद्ध करने की अत्यंत प्राचीन विधि है। यह तपस्या केवल साध्वी की अपनी साधना नहीं, बल्कि पूरे मारवाड़ क्षेत्र की आध्यात्मिक धरोहर को पुष्ट करने का एक प्रयास है।

इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि मारवाड़ की धरती पर आज भी आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था विद्यमान है। साध्वी निष्ठा प्रिया ने जिस तरह से भीषण गर्मी की परवाह किए बिना अपनी सूर्य उपासना को जारी रखा, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण बनेगा। आश्रम के प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया जिन्होंने इस पूरी अवधि के दौरान सहयोग और अनुशासन बनाए रखा। अब यह आश्रम मारवाड़ के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में गिना जा रहा है।

विश्व शांति का संदेश

अंत में, इस भव्य अनुष्ठान की समाप्ति शांति और समृद्धि की कामना के साथ हुई। साध्वी निष्ठा प्रिया की सूर्य उपासना ने समाज को गौ रक्षा और विश्व शांति जैसे महत्वपूर्ण उद्देश्यों के प्रति फिर से जागरूक किया है। आने वाले समय में आश्रम द्वारा ऐसे ही और भी कई सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि भारतीय संस्कृति का संरक्षण किया जा सके। मारवाड़ वासियों की यह आस्था निरंतर बनी रहे यही इस साधना का मुख्य लक्ष्य है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी साधना कुटीर आश्रम में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान और उपस्थित श्रद्धालुओं के साक्ष्यों पर आधारित है। यह केवल सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की मान्यताओं के लिए संबंधित धर्म विशेषज्ञों या आश्रम प्रबंधन के आधिकारिक बयानों का संदर्भ लें। इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक एवं प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 23, 2026: 3:02 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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