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Rex TV India
Latest News राष्ट्रीय Digital Newsletter 23 May 2026 · 8:30 PM

भारत में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग ने तोड़े सभी रिकॉर्ड

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

भारत के बड़े हिस्सों में चल रही भीषण गर्मी के कारण देशभर में बिजली की मांग अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 21 मई को राष्ट्रीय पीक डिमांड 270.82 गीगावॉट के रिकॉर्ड स्तर को छू गई। पिछले चार दिनों से उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में हो रही लगातार वृद्धि के चलते बिजली की खपत में तीव्र उछाल देखा गया है। यह स्थिति बढ़ते तापमान और शहरीकरण का सीधा परिणाम है।

मांग का बढ़ता ग्राफ

बिजली की मांग के मई के आंकड़ों पर गौर करें तो 18 मई को यह मांग 257.37 गीगावॉट थी, जो 19 मई को 260.45 गीगावॉट और 20 मई को 265.44 गीगावॉट तक पहुंच गई। अंततः 21 मई को इसने 270.82 गीगावॉट का सर्वकालिक उच्च स्तर दर्ज किया। अधिकारियों का कहना है कि दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच कूलिंग उपकरणों जैसे एयर कंडीशनर और कूलर के भारी इस्तेमाल से यह खपत अपने चरम पर होती है।

राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र ने 31.5 गीगावॉट की मांग के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, उसके बाद उत्तर प्रदेश 29 गीगावॉट और गुजरात 25.9 गीगावॉट के साथ रहे। महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों में औद्योगिक और आवासीय उपयोग के कारण यह मांग सबसे अधिक है। वहीं, उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विद्युतीकरण और कूलिंग उपकरणों की बढ़ती पहुंच से खपत में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।[1]

औद्योगिक और शहरी खपत

गुजरात में विनिर्माण और रिफाइनरी क्षेत्रों के साथ-साथ बढ़ती शहरी आबादी के कारण बिजली की मांग लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई है। विशेषज्ञ इस बदलाव के लिए जलवायु परिवर्तन और कूलिंग सिस्टम पर बढ़ती निर्भरता को मुख्य कारण मानते हैं। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ शैलेंद्र दुबे के अनुसार, "हीट वेव अब सीधे तौर पर बिजली की खपत के पैटर्न को प्रभावित कर रही है, जो भविष्य के लिए एक नई चुनौती है।"

विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिकॉर्ड तोड़ मांग के लिए भविष्य की तैयारी जरूरी है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा, "हमें उत्पादन क्षमता, ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण में दीर्घकालिक निवेश की आवश्यकता है।" हालांकि, वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रिड पूरी तरह स्थिर है और सरकार ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले ही कर ली हैं।

भंडारण और प्रबंधन

ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बेहतर बैटरी स्टोरेज और स्मार्ट डिमांड मैनेजमेंट समय की मांग है। बिजली मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पीक आवर्स के दौरान बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करें ताकि सिस्टम पर अनावश्यक दबाव न पड़े। यह ग्रीष्मकालीन सत्र के दौरान बिजली की कमी को दूर करने और लोड कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। देश का पावर सिस्टम भविष्य के पीक लोड के लिए भी तैयार हो रहा है।

तकनीकी नवाचार और बेहतर ट्रांसमिशन सिस्टम ही भारत को भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। जलवायु परिवर्तन के चलते गर्मी का पैटर्न बदल रहा है, जिससे बिजली की खपत का मॉडल भी बदल गया है। सरकार और नीति निर्माताओं को अब केवल मौजूदा मांग को पूरा करने पर ही नहीं, बल्कि भविष्य के स्थायी समाधानों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना होगा ताकि राष्ट्र की प्रगति में कोई बाधा न आए।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता

अंत में, भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा। बिजली की मांग का यह रिकॉर्ड स्तर एक संकेत है कि देश की औद्योगिक और आवासीय गतिविधियां कितनी तेजी से बढ़ रही हैं। सही नियोजन और सतर्कता के साथ, भारत इस बढ़ती हुई ऊर्जा मांग का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने में पूरी तरह सक्षम है और देश का विकास निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी केंद्रीय विद्युत मंत्रालय और ऊर्जा विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जनहित में सूचना साझा करना है। बिजली खपत और ग्रिड प्रबंधन से जुड़ी आधिकारिक अपडेट्स के लिए मंत्रालय की वेबसाइट देखें। इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक एवं प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 23, 2026: 8:30 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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