WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 23 May 2026 · 10:09 PM

संस्कार और अनुशासन ही बाल संस्कार शिविर का मुख्य ध्येय रहा

बाल संस्कार शिविर- दूसरा दिन

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। बाल संस्कार शिविर का दूसरा दिन भीलवाड़ा में बच्चों के सर्वांगीण विकास की एक नई मिसाल बनकर उभरा। महिला पतंजलि योग समिति और भारत विकास परिषद की मीरा शाखा के संयुक्त प्रयासों से चल रहे इस 10 दिवसीय आयोजन में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने के उच्च संस्कार और अनुशासन की शिक्षा दी जा रही है। प्रांतीय प्रभारी रिंकू सोमानी ने कहा कि "बचपन में बोए गए अच्छे आदतों के बीज ही आगे चलकर प्रखर व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।"

प्रकृति से जुड़ाव

शिविर के दूसरे दिन पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। पर्यावरण प्रभारी मधु डाड और साधना मेलाना के सहयोग से बच्चों को बीजारोपण करना सिखाया गया। "यह पहल बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए थी," आयोजकों ने बताया। बीजारोपण के माध्यम से बच्चों को सिखाया गया कि जिस तरह एक बीज को पौधे में बदलने के लिए देखभाल चाहिए, वैसे ही अच्छे संस्कार जरूरी हैं।

बच्चों को खेल-खेल में जीवन के महत्वपूर्ण पाठ पढ़ाने के लिए नीना अग्रवाल, कृतिका सोनी और स्नेह लता राणावत ने कई ज्ञानवर्धक खेलों का आयोजन किया। इन खेलों का उद्देश्य बच्चों में टीम वर्क, धैर्य और अनुशासन की भावना भरना था। खेल-खेल में दी गई ये शिक्षाएं बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। वे न केवल आनंद ले रहे हैं, बल्कि हर पल कुछ नया सीख रहे हैं।

सुरक्षा की सीख

शिविर का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण सत्र डॉ. संजीवनी सोमानी द्वारा लिया गया, जिसमें उन्होंने बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बहुत ही सरल, सहज और सुरक्षित तरीके से बच्चों को उनके शारीरिक अधिकारों और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने के व्यावहारिक टिप्स दिए। यह सत्र न केवल बच्चों के लिए, बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी अत्यंत आवश्यक और जानकारीपूर्ण रहा, जिसने बच्चों को अधिक सतर्क बनाया है।

सुबह के सत्र की शुरुआत योग शिक्षक पीयूष शर्मा के साथ हुई। उन्होंने बच्चों को सूर्य नमस्कार का गहन अभ्यास कराया और इसके शारीरिक व मानसिक लाभ विस्तार से बताए। योग के माध्यम से बच्चों में एकाग्रता और ऊर्जा का स्तर बढ़ रहा है। नियमित योग अभ्यास से न केवल उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि वे मानसिक रूप से भी अधिक शांत और केंद्रित महसूस कर रहे हैं, जो उनके समग्र विकास के लिए जरूरी है।

सामग्री का वितरण

कार्यक्रम के संचालन की बागडोर अनीता जैन के हाथों में थी, जिन्होंने पूरे सत्र को बहुत ही कुशल तरीके से प्रबंधित किया। शिविर के समापन पर महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी नीरा मेहता, शाखा अध्यक्ष स्नेहलता तोषनीवाल और सचिव नील कमल अजमेरा ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। शिविर में भाग लेने वाले सभी बच्चों को फल एवं स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई, जिससे बच्चों में प्रसन्नता का संचार हुआ और उन्हें आगे सीखने की प्रेरणा मिली।

इस बाल संस्कार शिविर ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि बच्चों को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले, तो वे एक श्रेष्ठ राष्ट्र के निर्माता बन सकते हैं। भीलवाड़ा में आयोजित इस शिविर के परिणाम आने वाले समय में समाज में स्पष्ट दिखाई देंगे। संस्कारवान बालकों से ही उज्ज्वल समाज का निर्माण संभव है, और इसी ध्येय को लेकर यह 10 दिवसीय बाल संस्कार शिविर अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी आयोजन समिति द्वारा दी गई प्रेस विज्ञप्ति और कार्यक्रम के तथ्यों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। शिविर की गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी सुझावों के लिए संबंधित संस्था के आधिकारिक सूत्रों का अनुसरण करें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 23, 2026: 10:09 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —