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Rex TV India
Latest News समीक्षा Digital Newsletter 24 May 2026 · 12:53 PM

बुनियादी सुविधाओं का अभाव और निष्क्रिय सरकारी विभागों पर उठते सवाल

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

“बुनियादी सुविधाओं का अभाव और निष्क्रिय सरकारी विभागों पर उठते सवाल”

मनोहर चावला
सेवानिवृत्त, संयुक्त निदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान
 

बुनियादी सुविधाएं मुहैया न करा पाने वाले बीकानेर के निष्क्रिय सरकारी विभागों पर सवाल उठना लाजिमी है। क्या बीकानेर में कुछ दफ्तर बंद कर दिए जाएं तो कोई फर्क नहीं पड़ने वाला? अपितु सरकार की बहुत बड़ी धनराशि ही बचेगी। मसलन नगर निगम, बीकानेर विकास प्राधिकरण, और पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग अपने कार्यों के प्रति निष्क्रिय साबित हो रहे हैं। यदि ये विभाग सक्रिय होते, तो नगर की स्थिति आज ऐसी न होती।

सड़कों का बुरा हाल

बीकानेर की जर्जर और टूटी-फूटी सड़कों का हाल देखकर किसी को भी रोना आ जाएगा। केईएम रोड को जोड़ती बी. सेठिया लेन, रतनसागर कुएं और हेड पोस्ट के पीछे वाली सड़क, फड़ बाजार-सब्जी मंडी की सड़क और चौखूंटी रोड की हालत बदतर है। यहां से गुजरने वाला हर व्यक्ति प्रशासन और निष्क्रिय सरकारी विभागों को कोसता है। रेलवे स्टेशन से बोथरा कॉम्प्लेक्स, कोयले वाली गली और डीआरएम ऑफिस के पास की सड़कों पर चलना किसी सजा से कम नहीं है।

पवनपुरी में संजय पार्क के पास टूटी सड़क, अशोक ओझा के घर के सामने गहरे गड्ढे, शास्त्री नगर और आंखों के अस्पताल चौराहे पर दुर्घटना को न्योता देती सड़कें प्रशासन की पोल खोलती हैं। इन गड्ढों के कारण कई लोग अपनी हड्डियां तुड़वा चुके हैं और अस्पताल तक पहुंच चुके हैं। प्रशासन ने मानो आंखों पर पट्टी बांध रखी है

, जो एसी कमरों से बाहर निकलकर वास्तविकता देखने की जहमत ही नहीं उठाता। ऐसे निष्क्रिय सरकारी विभागों से भगवान बचाए। 

प्रशासनिक निष्क्रियता

विभागीय आंकड़ो के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण में इनाम जीत चुके बीकानेर नगर की जर्जर स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गटर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। अतिक्रमणों की भरमार है, आवारा कुत्ते सड़कों पर घूम रहे हैं और चारों तरफ गंदगी के ढेर दिखाई देते हैं। ट्रैफिक व्यवस्था बेहाल है और रेल फाटकों के बार-बार बंद होने से जाम की समस्या आम है। जनता भोली-भाली है, जो लाखों दुख सहकर भी उफ तक नहीं करती।

क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि उन्होंने ऐसा बदहाल जमाना पहले कभी नहीं देखा। कुछ सड़कें जो कानून मंत्री और स्थानीय विधायक को खुश करने के लिए बनाई गई थीं, वे भी एक बारिश में ही उधड़ गईं थी। बीकानेर का हाल यह है कि जहां भी हाथ रखो, वहां भ्रष्टाचार और निष्क्रियता की 'मवाद' ही नजर आती है। निष्क्रिय सरकारी विभागों का आलम ये है कि वे वास्तविकता से कोसों दूर अपनी दुनिया में मस्त है।

समाधान की राह

हमारा मानना है कि बीकानेर में ऐसे विभागों को बंद कर देना चाहिए जो नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया न करा सकें। कम से कम इससे सरकार का पैसा तो बचेगा। यदि प्रशासन समय रहते सचेत नहीं हुआ, तो जनता का आक्रोश और भी बढ़ सकता है। क्या विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति करना ही इन विभागों का एकमात्र लक्ष्य रह गया है? यह एक बड़ा प्रश्न है।

प्रशासन को एसी कमरों से बाहर निकलकर धरातल पर काम करने की जरूरत है। सड़कों का निर्माण हो, सफाई व्यवस्था सुधरे और ट्रैफिक जाम से जनता को निजात मिले, यही बीकानेर की मुख्य मांग है। जब तक बुनियादी सुविधाएं आम आदमी तक नहीं पहुंचेंगी, तब तक इन सरकारी दफ्तरों के होने का कोई अर्थ नहीं है। सरकार को अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी ही होगी।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 24, 2026: 12:53 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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