WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 24 May 2026 · 1:21 PM

पंचायत चुनाव पर ग्रहण: कहीं मत पत्र गायब तो कहीं प्रत्याशी की मौत

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया इस बार कई अप्रत्याशित और चिंताजनक मोड़ों से गुजर रही है। चौंतड़ा और बामटा पंचायतों में मत पत्र गायब होने की घटनाओं ने चुनाव प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे प्रश्न खड़े कर दिए हैं। वहीं, सयोग पंचायत में एक उम्मीदवार के आकस्मिक निधन ने उस वार्ड में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिलहाल ठप कर दिया है। ये घटनाएं जिले की चुनावी शुचिता के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं।

प्रशासनिक तंत्र की चूक

चौंतड़ा विकास खंड के गलू पंचायत में जब वार्ड-03 के 30 मत पत्र गायब हुए, तो प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। "इसका खुलासा होते ही प्रशासन व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया," जिसके बाद तत्काल प्रभाव से एआरओ सहित नौ कर्मचारियों को हटा दिया गया। यह मामला महज एक चूक नहीं, बल्कि संवेदनशील चुनाव सामग्री के रख-रखाव में बरती गई भारी लापरवाही को दर्शाता है। प्रशासन ने इन पत्रों को खारिज कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

इसी तरह का गंभीर मामला बामटा पंचायत के वार्ड-01 में सामने आया, जहाँ प्रधान पद के लिए मुद्रित 50 मत पत्र रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। राज्य निर्वाचन आयोग ने दुरुपयोग की आशंका को खारिज करने के लिए इन सभी पत्रों को अमान्य घोषित कर दिया है। "आयोग ने दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह आदेश जारी किए हैं," ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।[1]

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

क्या एक ही जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर इतनी बड़ी संख्या में मत पत्र गायब हो सकते हैं? यह सवाल अब मंडी जिले के हर जागरूक मतदाता के मन में है। जानकारों का मानना है कि चुनाव सामग्री की सुरक्षा के लिए जो SOP (Standard Operating Procedure) बनी है, उसका पालन कहीं न कहीं सुनिश्चित नहीं किया गया। यह भविष्य के लिए एक चेतावनी है कि संवेदनशील सामग्री की निगरानी और अधिक सख्त होनी चाहिए।

जोगिंद्रनगर और बामटा में दर्ज हुई प्राथमिकी यह दर्शाती है कि प्रशासन अब इसे केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक आपराधिक कृत्य मान रहा है। आयोग के निर्देशों के अनुसार, यदि ये गायब पत्र राज्य के किसी भी हिस्से में मिलते हैं, तो उसे तत्काल रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। इन घटनाओं ने चुनाव आयोग को अपनी निगरानी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।

अप्रत्याशित चुनावी संकट

चुनाव प्रक्रिया के बीच सयोग पंचायत के वार्ड नंबर-05 में एक उम्मीदवार भीम सिंह का 21 मई को आकस्मिक निधन हो गया। निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से उस वार्ड का चुनाव रद्द कर दिया है। संविधान के अनुच्छेद 243-के के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग अब नए सिरे से चुनाव की तिथियां घोषित करेगा। यह घटना बताती है कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया कितनी जटिलताओं से भरी होती है।

यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना न केवल उम्मीदवार के परिजनों के लिए, बल्कि उस पूरे वार्ड के निवासियों के लिए एक गहरा सदमा है। अब वहां के मतदाताओं को अपनी लोकतांत्रिक इच्छा व्यक्त करने के लिए फिर से प्रतीक्षा करनी होगी। प्रशासन का प्रयास है कि नई तिथियों की घोषणा जल्द की जाए ताकि चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। इस तरह के मामलों में आयोग की त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

लोकतंत्र और जिम्मेदारी

मंडी जिले की इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर छोटी सी भी चूक लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर कर सकती है। जब भी मत पत्र गायब होने जैसे मुद्दे सामने आते हैं, तो प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। केवल कर्मचारियों को हटा देना ही काफी नहीं है, बल्कि सिस्टम की उन खामियों को पहचानना जरूरी है, जिनकी वजह से ऐसी स्थितियां निर्मित होती हैं।

अंत में, राज्य निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले चुनावों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मंडी जिले में हुई इन घटनाओं से प्रदेश के अन्य जिलों को भी सीख लेने की आवश्यकता है। एक निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव ही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है। प्रशासन अब इन मामलों को सुलझाने के साथ-साथ भविष्य के चुनावों के लिए अपनी रणनीति को और अधिक मजबूत बनाने में जुटा है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी और स्थानीय पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्ट का उद्देश्य जनहित में चुनावी प्रक्रिया की जानकारी साझा करना है। इस पूरे मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही या प्रशासनिक निर्देशों के लिए केवल आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों को प्रमाणिक मानें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय हेतु लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 24, 2026: 1:21 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —