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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 26 May 2026 · 1:53 PM

दिल्ली जिमखाना क्लब भूमि विवाद पर दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

दिल्ली जिमखाना क्लब भूमि विवाद पर मंगलवार को केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण आश्वासन दिया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार 5 जून को क्लब की जमीन पर बलपूर्वक कब्जा नहीं करेगी। यह मामला तब चर्चा में आया जब सरकार ने क्लब को 27.3 एकड़ परिसर को खाली करने का नोटिस जारी किया था। सरकार ने अदालत में स्पष्ट किया कि बिना किसी औपचारिक नोटिस के कोई भी बेदखली की कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी।

तुषार मेहता ने अदालत के समक्ष यह भी साफ किया कि, "यह कहना गलत है कि सरकार दिल्ली जिमखाना क्लब का प्रबंधन अपने हाथ में ले रही है।" फिलहाल, जस्टिस अवनीश झिंगन ने सरकार के 22 मई के नोटिस पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। दिल्ली जिमखाना क्लब भूमि विवाद पर यह स्पष्टीकरण क्लब के सदस्यों और प्रबंधन के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।[1]

कानूनी लड़ाई का रुख

दिल्ली जिमखाना क्लब भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने क्लब की निर्वाचित समिति का प्रतिनिधित्व किया। याचिकाकर्ता विजय खुराना ने सरकारी नोटिस को चुनौती दी है। क्लब प्रबंधन और सदस्यों के बीच लंबे समय से चल रहा आंतरिक विवाद भी इस सुनवाई का हिस्सा बना। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुना है।

केंद्र सरकार का तर्क है कि जिमखाना क्लब का स्थान प्रधानमंत्री आवास और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों के अत्यंत करीब है। सरकार के अनुसार, इस भूमि की आवश्यकता देश की रक्षा क्षमताओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए है। दिल्ली जिमखाना क्लब भूमि विवाद में सुरक्षा का मुद्दा एक प्रमुख पहलू बनकर उभरा है, जिस पर अदालत बारीकी से गौर कर रही है।

भविष्य की कार्ययोजना

दिल्ली जिमखाना क्लब भूमि विवाद ने क्लब के सदस्यों और प्रबंधन के बीच बेचैनी बढ़ा दी है। सरकार की ओर से मिली राहत ने फिलहाल सदस्यों को एक बड़ी तात्कालिक परेशानी से बचा लिया है। हालांकि, जमीन खाली करने का कानूनी नोटिस अभी भी प्रभावी है, जिससे भविष्य की राह कठिन बनी हुई है। कोर्ट अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगा।

निष्कर्ष के रूप में, दिल्ली जिमखाना क्लब भूमि विवाद का हल अब पूरी तरह से न्यायालय के फैसलों पर टिका है। सरकारी पक्ष का कहना है कि सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की जरूरतें सर्वोपरि हैं, जबकि क्लब का दावा अपनी विरासत और सदस्यता अधिकारों के संरक्षण का है। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और प्रशासनिक गलियारों में काफी हलचल पैदा करने वाला है।

डिस्क्लेमर:

प्रस्तुत रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी प्रकार के नीतिगत निर्णय या घटनाक्रम के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सरकारी विभागों से तथ्यों की पुष्टि करें। किसी भी कानूनी विवाद के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी तरह के दावे का उत्तरदायित्व स्वीकार नहीं करते हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 26, 2026: 1:53 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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