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Rex TV India
Latest News श्रृद्धांजलि Digital Newsletter 28 May 2026 · 4:51 PM

मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन: उर्दू जगत में पसरा शोक

मशहूर शायर बशीर बद्र - File Photo

ख़ूबसूरत हैं बहुत रास्ते खो जाऊंगा,
अब मुझे नींद जहां आएगी सो जाऊंगा! 
एक मुद्दत से इसी ज़िद में छुपा बैठा हूं,
चाँद खुद लेने मुझे आएगा तो जाऊंगा! 

ऐसे काबिल-ए-तारीफ शेर कहने वाले मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन साहित्य और उर्दू शायरी की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 91 वर्ष की आयु में उन्होंने गुरुवार को भोपाल स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार थे। उनके निधन की खबर उनकी पत्नी राहत बद्र ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। अपने पीछे वे पत्नी और दो बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

पद्मश्री से सम्मानित बशीर बद्र अपनी गज़लों के लिए पूरी दुनिया में पहचाने जाते थे। उन्होंने अपनी शायरी के माध्यम से गहरे और जटिल विचारों को बेहद सरल भाषा में पिरोया, जिससे वे आम लोगों के शायर बन गए। उनका जन्म 15 फरवरी 1935 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उर्दू भी पढ़ाई थी।[1]

साहित्य में अमूल्य योगदान

मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन उनके प्रशंसकों के लिए भावुक पल है। वे मुशायरों की सीमाओं से परे जाकर प्रेम, विरह, अकेलेपन और जीवन के छोटे-छोटे दर्द को अपनी शायरी में खूबसूरती से बयां करते थे। उनकी पंक्तियां हर उम्र और वर्ग के लोगों को अपना सा महसूस होती थीं। बद्र साहब की सादगी भरी शायरी आज भी कई लोगों के दिलों में जीवित है।

उनके प्रसिद्ध शेरों में से एक, "उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए," आज भी लोगों की जुबान पर रहता है। उन्होंने अपनी शायरी से दुनिया को यह सिखाया कि कैसे शब्दों के जाल के बिना भी गहरे अर्थ कहे जा सकते हैं। वे गज़ल विधा के ऐसे स्तंभ थे जिन्होंने इसे एक नई दिशा और पहचान दी थी। 

बीमारी और अंतिम दिन

पिछले कुछ वर्षों से डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) के कारण बशीर बद्र का स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा था। इस कारण उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों और मुशायरों में जाना छोड़ दिया था। अंतिम दिनों में उन्हें अपनी ही कही हुई बातें याद करने में संघर्ष करना पड़ता था। उनके परिवार ने बताया कि कभी-कभी उनके बेटे और पत्नी उनके कान में शेर सुनाते थे, तो वे उसे पूरा करने की कोशिश करते थे।

मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन साहित्य जगत के लिए एक युग का अंत है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रसिद्ध शायर अंजुम बाराबंकवी ने कहा, "नई गज़ल का सबसे बड़ा शायर आज हमसे बिछड़ गया है। बशीर साहब निस्संदेह गज़ल विधा के सबसे बड़े ट्रेंडसेटर थे।" उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन उनकी रचनाएं हमेशा गूँजती रहेंगी।

एक सितारे का जाना

साहित्य जगत का हर व्यक्ति आज नम आंखों से उन्हें याद कर रहा है। उनकी सादगी भरी शैली ने उर्दू शायरी को नई ऊंचाई दी थी। मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन निश्चित रूप से साहित्य की दुनिया के लिए एक बड़ा शून्य छोड़ गया है। उनकी विरासत उनके द्वारा लिखी गई गज़लों और उन लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी, जिन्होंने उनकी शायरी को महसूस किया है।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 28, 2026: 4:51 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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