WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News स्वास्थ्य Digital Newsletter 28 May 2026 · 5:05 PM

बच्चे के फेफड़े से टीवी रिमोट का बल्ब निकाला: जटिल सर्जरी से बची जान

बच्चे के फेफड़े से टीवी रिमोट का बल्ब निकाला

बच्चे के फेफड़े से टीवी रिमोट का बल्ब निकाला गया है, जिसने चिकित्सा जगत में एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा के प्रति सचेत किया है। दो साल के एक बच्चे की जान उस समय संकट में पड़ गई, जब टीवी रिमोट का एक छोटा सा हिस्सा उसके फेफड़ों में फंस गया। करीब एक सप्ताह तक बच्चा लगातार खांसी और सांस लेने में कठिनाई से जूझ रहा था। अंततः डॉक्टरों की एक टीम ने जटिल प्रक्रिया के माध्यम से इस विदेशी वस्तु को सुरक्षित बाहर निकाला।

बच्चे को शुरुआती दौर में सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट और हल्के बुखार की शिकायत थी। परिजन इसे सामान्य संक्रमण मानकर स्थानीय डॉक्टर से इलाज करवाते रहे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में माता-पिता को याद आया कि बच्चा एक सप्ताह पहले रिमोट के बल्ब से खेल रहा था। संदेह होने पर उसे तत्काल अस्पताल रेफर किया गया, जहां जांच में रिमोट के बल्ब के फेफड़े में होने की पुष्टि हुई।[1]

खतरनाक स्थिति और जांच

अस्पताल में हुई जांच में पता चला कि रिमोट का बल्ब बच्चे के दाएं फेफड़े की निचली श्वास नली में गहराई तक फंसा हुआ था। डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति अत्यंत गंभीर थी क्योंकि बल्ब में धातु के तार और कांच के नाजुक टुकड़े थे। लंबे समय तक फंसे रहने के कारण उस हिस्से में काफी सूजन और ऊतक बन गए थे, जिससे बच्चे की जान को खतरा पैदा हो गया था।

गंभीरता को देखते हुए बाल चिकित्सा पल्मोनोलॉजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर आपातकालीन ब्रोंकोस्कोपी करने का निर्णय लिया। इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया में डॉ. मनिंदर धालीवाल, डॉ. सौरभ पाहुजा और डॉ. रिद्धिमा भाटिया ने अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए सफलतापूर्वक बल्ब को बाहर निकाला। ऑपरेशन के बाद बच्चे की सांसें सामान्य हो गईं और उसे अगले ही दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

चिकित्सकों की महत्वपूर्ण सलाह

ऑपरेशन करने वाली डॉक्टरों की टीम ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, "बच्चों में वायुमार्ग से संबंधित आपातकालीन स्थितियों में समय पर पहचान और विशेषज्ञ टीमों के बीच प्रभावी समन्वय जीवन बचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।" यदि किसी बच्चे को अचानक खांसी, सांस लेने में कठिनाई या घरघराहट जैसे लक्षण महसूस हों, तो इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बच्चों की जिज्ञासा अक्सर उन्हें खिलौनों या छोटी वस्तुओं को मुंह में डालने के लिए प्रेरित करती है। ऐसे में माता-पिता को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है कि बच्चा ऐसी किसी भी वस्तु के साथ न खेले जो खतरनाक हो सकती है। सावधानी ही इस तरह के हादसों से बचने का एकमात्र उपाय है। बच्चे के फेफड़े से टीवी रिमोट का बल्ब निकाला जाना एक सफल चिकित्सा उदाहरण है, जो समय पर इलाज के महत्व को दर्शाता है।

अभिभावकों को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि घर में इस्तेमाल होने वाले छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बच्चों की पहुंच से दूर हों। इस घटना से यह स्पष्ट है कि यदि किसी भी विदेशी वस्तु के गले में फंसने का संदेह हो, तो तुरंत विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए। समय पर की गई चिकित्सकीय कार्रवाई से ही इस तरह की जानलेवा स्थितियों में बच्चे के फेफड़े से टीवी रिमोट का बल्ब निकाला जा सकता है और अनमोल जीवन बचाया जा सकता है।

अस्वीकरण

यह एक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी है। लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी स्वास्थ्य स्थिति के लिए आधिकारिक मेडिकल परामर्श को ही अंतिम मानते हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना ही उचित है।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 28, 2026: 5:05 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —