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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 28 May 2026 · 8:03 PM

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों का मामला: दस्तावेज तलब

एसपी गुरबंस सिंह बैंस

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों का मामला एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि इस संवेदनशील प्रकरण की जांच कर रही पंजाब सरकार की विशेष जांच दल (SIT) ने अब कानूनी सख्ती अपना ली है। जांच टीम ने आज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के कार्यालय का दौरा किया ताकि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को हासिल किया जा सके। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य उन साक्ष्यों को इकट्ठा करना था जो इस गंभीर मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए अत्यंत अनिवार्य हैं।[1]

जांच दल का नेतृत्व कर रहे एसपी गुरबंस सिंह बैंस ने मीडिया को संबोधित करते हुए पूरे प्रकरण की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की। उनके अनुसार, इस मामले में कुल 16 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें से अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नौ आरोपी जांच प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। शेष आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं फिलहाल हाई कोर्ट में लंबित हैं, जिस कारण कानूनी प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है।

जांच में दस्तावेजों की कमी

एसपी बैंस ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि एसआईटी को मामले की गहन जांच के लिए जिन मूल दस्तावेजों की अत्यंत आवश्यकता थी, वे उन्हें नहीं मिल पा रहे हैं। एसजीपीसी कार्यालय द्वारा जांच टीम को आज केवल कुछ फाइलों की फोटोकॉपी ही उपलब्ध कराई गई। बार-बार आधिकारिक अनुरोध करने और अनुस्मारक भेजने के बावजूद, जांच टीम को मूल (ओरिजिनल) दस्तावेज सौंपने में आनाकानी की गई है।

दस्तावेजों के अभाव में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों का मामला अब और अधिक पेचीदा होता जा रहा है। जांच टीम का मानना है कि मूल प्रतियों के बिना इस प्रकरण के अंतिम छोर तक पहुंचना असंभव है। एसआईटी ने इन दस्तावेजों को प्राप्त करने के लिए अब पूर्णतः कानूनी रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। जांच दल ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब दस्तावेजों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे ताकि जांच में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

अदालत का दरवाजा खटखटाएगी SIT

जांच की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों का मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होने के कारण अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए जांच दल किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं छोड़ना चाहता है। कानून के जानकारों का कहना है कि जब जांच में असहयोग का सामना करना पड़ता है, तो अदालत द्वारा आदेश प्राप्त करना ही एकमात्र विकल्प शेष रह जाता है।

एसआईटी का यह स्पष्ट रुख यह दर्शाता है कि जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। वे उन सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिनका इस घटना में हाथ हो सकता है। यह मामला न केवल एक प्रशासनिक चूक का है, बल्कि आस्था से जुड़ी हुई जवाबदेही का भी है, जिसका समाधान कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही संभव है।

धार्मिक आस्था और कानून

किसी भी समाज के लिए अपनी धार्मिक धरोहर और पवित्र वस्तुओं की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों का मामला समाज के हर व्यक्ति के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। जांच एजेंसियों का यह दायित्व है कि वे बिना किसी दबाव के सच को सामने लाएं और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाएं ताकि समाज का विश्वास बना रहे।

अंतिम रूप से, आने वाले समय में अदालत के निर्देश ही इस जांच की अगली दिशा तय करेंगे। सभी की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि एसआईटी कब तक मूल दस्तावेज प्राप्त करने में सफल होती है और इस प्रकरण के सभी 16 आरोपियों पर कार्रवाई कैसे आगे बढ़ती है। यह निश्चित है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों का मामला जब तक तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुंचता, तब तक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई पूरी तरह जारी रहेगी।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 28, 2026: 8:03 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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