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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 29 May 2026 · 1:49 PM

अवैध दुकानों पर कार्रवाई: बेदखली के नोटिस के बाद मची अफरा-तफरी

अवैध दुकानों पर कार्रवाई

(उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल)। अवैध दुकानों पर कार्रवाई करते हुए रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर से अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। रेलवे जंक्शन पर लंबे समय से संचालित हो रही अवैध स्टालों को हटाने के लिए प्रशासन ने सख्त नोटिस जारी किए थे, जिसकी समय सीमा आज समाप्त हो गई है। स्टेशन पर शांतिपूर्ण तरीके से बेदखली की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी (GRP), आरपीएफ (RPF), स्थानीय पुलिस और आरएएफ (RAF) के जवानों की भारी तैनाती की गई है।[1]

रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण यात्रियों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन का तर्क है कि सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों को बनाए रखने के लिए इन दुकानों का हटना अनिवार्य है। स्टेशन पर सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद दिखे और अवैध निर्माणों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे वहां के दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।

पुनर्वास पर विवाद

इस बेदखली की कार्रवाई का स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है। सीपीआई(एम) की नेता गार्गी चटर्जी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दुकानदारों के पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन केवल हटा रहा है, जबकि इन गरीब दुकानदारों के रोजगार के बारे में कोई ठोस योजना नहीं है। उनके अनुसार, दुकानदारों को लाइसेंस देकर उन्हें नियमित करना एक बेहतर विकल्प हो सकता था।[2]

इस विरोध पर सीपीआई(एम) नेता गार्गी चटर्जी ने कहा:

"वे बेदखली की बात कर रहे हैं, जबकि हम पुनर्वास की बात कर रहे हैं। वे उन्हें प्लेटफॉर्म से हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि हम उन्हें लाइसेंस देने की वकालत कर रहे हैं।"

सुरक्षा का कड़ा पहरा

स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए आरएएफ और पुलिस की टुकड़ियों ने मोर्चा संभाल लिया है। बेदखली के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी। दुकानदारों को अपना सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन कई दुकानदार अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी दुकानों को बख्श दिया जाएगा।

अवैध दुकानों पर कार्रवाई का यह मुद्दा अब राजनीति का विषय भी बनता जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस विषय पर तीखी बहस चल रही है कि क्या सुरक्षा का हवाला देकर लोगों की आजीविका को छीना जा सकता है? हालांकि, रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्लेटफॉर्म की क्षमता को देखते हुए अवैध दुकानों पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटा जाएगा।

विकास और रोजगार

रेलवे जंक्शनों का आधुनिकीकरण और यात्रियों के लिए जगह की उपलब्धता प्राथमिकता बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि स्टेशन के विकास कार्य में अतिक्रमण सबसे बड़ी बाधा है, जिसे दूर करना आवश्यक है। अवैध दुकानों पर कार्रवाई का अर्थ केवल दुकानों को हटाना नहीं, बल्कि स्टेशन परिसर की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद बनाना है ताकि यात्री बिना किसी रुकावट के आवाजाही कर सकें।

अंततः, प्रशासन द्वारा शुरू किया गया यह अभियान स्टेशन परिसर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, दुकानदारों की व्यथा भी प्रशासन की कार्यप्रणाली के सामने एक बड़ा प्रश्नचिह्न बनी हुई है। उम्मीद है कि भविष्य में अवैध दुकानों पर कार्रवाई जैसी नौबत न आए और विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ें। (एजेंसी इनपुट के साथ)

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसे केवल सूचनात्मक उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। रेलवे प्रशासन एवं स्थानीय पुलिस विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी ही अंतिम और प्रमाणिक मानी जाए। लेखक, प्रकाशक एवं संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 29, 2026: 1:49 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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