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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 29 May 2026 · 9:10 PM

पंच धुना अग्नि तप: जगत कल्याण के लिए संत की कठिन साधना

पंच धुना अग्नि तप

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। पंच धुना अग्नि तप की शुरुआत के साथ ही इन दिनों आस्था और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नौतपा की भीषण तपन और गर्मी के बीच शहर के प्राचीन मसानिया भेरुनाथ मंदिर में यह 9 दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है। मंदिर पुजारी रवि कुमार सोलंकी द्वारा किए जा रहे इस कठिन तप का मुख्य उद्देश्य देश में सुख-शांति, किसानों की समृद्धि और अच्छी फसल की कामना करना है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उनकी किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। इस समय गर्मी और तपन अपने चरम पर होती है। इस तपन को कम करने तथा जीव-जंतुओं और मानव जीवन को प्राकृतिक आपदाओं से राहत दिलाने की भावना से ही संत-महात्मा इस विशेष अग्नि साधना को करते हैं। मंदिर परिसर में चल रहा यह दुर्लभ अनुष्ठान लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है यह तप

पंच धुना अग्नि तप के तहत पांच अलग-अलग दिशाओं में कंडों (गोबर के उपलों) से धूने जलाए जाते हैं। इन पांच धूनों के बिल्कुल मध्य में बैठकर संत अपनी साधना और ध्यान पूर्ण करते हैं। यह तपस्या अत्यंत कठिन मानी जाती है, जिसे केवल दृढ़ इच्छाशक्ति वाले साधक ही संपन्न कर पाते हैं। भीषण गर्मी के मौसम में अग्नि के घेरे में बैठकर ईश्वर का स्मरण करना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता।

अनुष्ठान के महत्व को समझाते हुए पुजारी ने कहा:

"यह तप भारत में सुख-शांति, किसानों की अच्छी फसल, जगत कल्याण और मानसून में अच्छी वर्षा की कामना को लेकर किया जा रहा है। यह साधना पूरी तरह से लोक कल्याण के लिए समर्पित है।"

श्रद्धालुओं में भारी उत्साह

मंदिर परिसर में चल रहे इस दुर्लभ धार्मिक अनुष्ठान को देखने और आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों का कहना है कि उन्होंने साधु-संतों द्वारा अग्नि के बीच बैठकर तपस्या करने के बारे में केवल कथाओं में सुना था, लेकिन पहली बार इसे अपनी आंखों के सामने देखकर वे रोमांचित हैं। पंच धुना अग्नि तप का दृश्य बेहद अद्भुत है और लोगों की आस्था को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।

श्रद्धालु गौरव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा:

"मैंने केवल सुना था कि अग्नि के बीच बैठकर भी तपस्या की जा सकती है, लेकिन पहली बार इसे अपनी आंखों के सामने देखा है। यह दृश्य बेहद अद्भुत और आस्था से भर देने वाला है।"

भक्ति का अनोखा स्वरूप

मंदिर के पुजारी संतोष कुमार खटीक ने बताया कि इस तप के दर्शन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। लोग न केवल इस अनुष्ठान को देख रहे हैं, बल्कि इसमें भाग लेकर ईश्वर का आशीर्वाद भी प्राप्त कर रहे हैं। इस तपस्या के दौरान मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु के मन में देश और समाज के प्रति कल्याण की भावना प्रबल हो रही है, जो इस आयोजन की सार्थकता को दर्शाता है।

नौतपा के दौरान शुरू हुआ यह नौ दिवसीय कार्यक्रम आने वाले समय में वर्षा और अच्छी फसल की उम्मीदों को भी बल दे रहा है। पंच धुना अग्नि तप का यह क्रम न केवल पारंपरिक धार्मिक संस्कृति को जीवंत रखता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को कठिन साधना और त्याग का महत्व भी सिखाता है। धार्मिक आस्था के इस केंद्र पर भक्तों का तांता लगा हुआ है जो इस पवित्र अनुष्ठान के साक्षी बन रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट धार्मिक अनुष्ठान और मंदिर से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी प्रकार के चमत्कारी दावों की पुष्टि नहीं करते हैं। धार्मिक आयोजनों में भाग लेना पूर्णतः व्यक्तिगत आस्था का विषय है।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 29, 2026: 9:10 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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