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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 30 May 2026 · 8:23 PM

आधुनिक अंत्येष्टि यंत्र और पर्यावरण संरक्षण: लकड़ी की होगी भारी बचत

आधुनिक अंत्येष्टि यंत्र भेंट

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। आधुनिक अंत्येष्टि यंत्र और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए स्थानीय मुक्तिधाम में नई तकनीक को अपनाया गया है। टंकी के बालाजी मुक्तिधाम परिसर में अब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया न केवल सुविधाजनक होगी, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी अधिक अनुकूल बनी रहेगी। इस पहल के माध्यम से दाह संस्कार में लगने वाली लकड़ी की खपत को नाटकीय रूप से कम करने में सफलता मिली है।

मुक्तिधाम के संरक्षक बाबूलाल जाजू एवं सचिव नवनीत सोमानी ने बताया कि समाजसेवी नारायण लढा के आर्थिक सहयोग से 5 लाख रुपये की लागत से यह सुधारित शवदाह भट्टी स्थापित की गई है। यह आधुनिक उपकरण पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और संस्कारों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए लकड़ी की बचत करता है, जिससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन गई है।

लकड़ी की भारी बचत

इस अत्याधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा लाभ लकड़ी की बचत के रूप में सामने आया है। जहां सामान्यतः एक दाह संस्कार में लगभग 400 किलोग्राम लकड़ी की आवश्यकता होती थी, वहीं इस यंत्र के माध्यम से मात्र 100 किलोग्राम लकड़ी में ही पूरी प्रक्रिया संपन्न हो सकेगी। इस प्रकार लकड़ी की खपत में लगभग 75 प्रतिशत तक की भारी बचत संभव हो पाई है।

समिति के पदाधिकारियों का मानना है कि यह तकनीक पर्यावरण संतुलन बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। धुएं और प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी यह भट्टी सक्षम है, जिससे आसपास के निवासियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इस व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सुरेश कचोलिया, मनोहर अजमेरा और उमाशंकर शर्मा ने संभाली है।

समाजहित में बड़ा कदम

इस अवसर पर मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष बनवारीलाल मुरारका, राकेश दरक, सुनील जागेटिया और प्रदीप चौधरी सहित समाज के कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने भामाशाह नारायण लाल लढा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। समिति अब मुक्तिधाम में अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दे रही है।

स्थानीय निवासियों ने भी इस आधुनिक प्रयास की सराहना की है। लोगों का कहना है कि आधुनिक अंत्येष्टि यंत्र और पर्यावरण संरक्षण का यह मेल न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से उत्तम है, बल्कि आज की बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं को देखते हुए भी अति आवश्यक है। यह कदम समाज को एक नई दिशा देने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति हमारे कर्तव्य को भी दर्शाता है।

भविष्य की नई व्यवस्थाएं

समिति का उद्देश्य मुक्तिधाम को एक व्यवस्थित और आधुनिक केंद्र बनाना है। आधुनिक अंत्येष्टि यंत्र और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में की गई यह पहल केवल एक शुरुआत है, और आने वाले समय में अन्य सुधार भी किए जाएंगे। इससे शोकाकुल परिवारों को अंतिम संस्कार के दौरान होने वाली असुविधाओं से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रिया अधिक मानवीय बनेगी।

संक्षेप में, यह बदलाव पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। धार्मिक संस्कारों को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर आधुनिक अंत्येष्टि यंत्र और पर्यावरण संरक्षण का यह अनूठा संगम समाज के लिए एक प्रेरणा है। आने वाले समय में अन्य मुक्तिधामों में भी इस प्रकार की व्यवस्थाओं की मांग निश्चित रूप से बढ़ेगी।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 30, 2026: 8:23 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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