WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 31 May 2026 · 10:17 PM

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष और क्रांतिकारी कलमकारों का सम्मान

क्रांतिकारी कलमकारों का सम्मान

(बीकानेर, राजस्थान)। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष और क्रांतिकारी कलमकारों की गौरवशाली परंपरा को नमन करने हेतु बीकानेर में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम एक भावुक और प्रेरणादायक तीर्थ-यात्रा जैसा था। जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) की बीकानेर इकाई ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उन महान क्रांतिकारी कलमकारों के परिवारों का अभिनंदन किया, जिन्होंने देश की आजादी की बलिवेदी पर अपनी लेखनी को समर्पित कर दिया था। यह आयोजन उन अमर आत्माओं को याद करने और उनके वंशजों का मान बढ़ाने का एक अत्यंत पावन प्रयास था।

जब हम हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष और क्रांतिकारी कलमकारों के उस संघर्ष को याद करते हैं, तो पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा स्थापित 'उदंत मार्तंड' का स्मरण स्वतः ही हमें गौरव से भर देता है। वह केवल एक अखबार नहीं, बल्कि अंग्रेजी साम्राज्य के विरुद्ध हिंदी भाषा की पहली हुंकार थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बीकानेर के इन क्रांतिकारी कलमकारों ने दमनकारी सत्ता के आगे कभी घुटने नहीं टेके। आज उन्हीं परिवारों का सम्मान करना, इतिहास के उन गौरवशाली पृष्ठों को पुनः जीवंत करना है।

परिजनों का श्रद्धापूर्ण अभिनंदन

समारोह में शौकत उस्मानी, रघुवरदयाल गोयल, दाऊदयाल आचार्य, वैद्य मघाराम, रामनारायण शर्मा, मूलचंद पारीक, अंबालाल माथुर, शंभुदयाल सक्सेना और गंगादास कौशिक जैसे यशस्वी क्रांतिकारी कलमकारों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उपस्थित जनसमुदाय अभिभूत हो गया। जब इन परिवारों के सदस्यों ने मंच पर आकर अपने पूर्वजों की उस गौरवशाली विरासत को संभाला, तो पूरा सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा। यह सम्मान उन संघर्षों के प्रति नतमस्तक होने का अवसर था, जो इन परिवारों ने देश के लिए झेले थे।

यह कार्यक्रम उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सार्थक प्रयास था, जिनके पूर्वजों ने 'उदंत मार्तंड' की उस परंपरा को आगे बढ़ाया जो सत्य और राष्ट्र के प्रति समर्पित थी। मंच से जब इन परिजनों का नाम पुकारा गया, तो ऐसा लगा मानो इतिहास के पन्नों से वे सभी कलमकार स्वयं उपस्थित होकर अपनी उस लेखनी का मान बढ़ा रहे हों, जिसने कभी झुकना नहीं सीखा था।

वैचारिक मंथन 

समारोह के दौरान वरिष्ठ पत्रकारों ने वर्तमान पत्रकारिता की दिशा पर गहन चर्चा की। वरिष्ठ पत्रकार राजीव हर्ष ने इस बात पर जोर दिया कि खबरों में सत्यता और कानूनी सावधानी का मेल ही पत्रकार की असली ताकत है; उन्होंने निष्पक्षता के साथ जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। वहीं, लूणकरण छाजेड़ ने पत्रकारिता के बदलते परिवेश की चर्चा करते हुए कहा कि आज तकनीक की रफ्तार के साथ नैतिक मूल्यों को थामे रखना एक बड़ी चुनौती है।

संगठन की मजबूती पर बात करते हुए हेम शर्मा ने पत्रकारों से साझा मंच पर एकजुट होकर अपने हितों के लिए आवाज उठाने की बात कही। अतीत की स्मृतियों को साझा करते हुए शिवचरण शर्मा ने उस दौर की मेहनत को याद दिलाया, जब आज जैसी डिजिटल सुविधाएँ नहीं थीं, फिर भी पत्रकार खबरों के प्रति समर्पित थे। नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हुए हरीश बी. शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि अनुभव साझा करने के लिए वरिष्ठों और युवाओं के बीच सेतु बनना जरूरी है। अंत में, जार महासचिव विशाल स्वामी ने आश्वस्त किया कि संगठन पत्रकारों के कौशल निखारने के लिए भविष्य में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना पर काम कर रहा है।

गौरवशाली विरासत का पुनर्जन्म

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष और क्रांतिकारी कलमकारों का यह सम्मान समारोह आने वाले समय में एक मिसाल साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन अरविंद व्यास ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ किया, जबकि श्याम नारायण रंगा द्वारा प्रस्तुत परिचय ने हर सुनने वाले को गौरवान्वित किया। मनोज व्यास द्वारा पढ़े गए अभिनंदन पत्र ने उन बलिदानों को फिर से जीवंत कर दिया और संगठन के आधार स्तम्भ वरिष्ठ पत्रकार अनुराग हर्ष ने आभार व्यक्त कर कार्यक्रम की गरिमा को पूर्ण किया।

हम उन सभी परिजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस कार्यक्रम को इतना भावपूर्ण बनाया। यह सम्मान उस 'मिशन' पत्रकारिता को समर्पित है, जो कल भी निडर थी, आज भी निडर है और भविष्य में भी निडर रहने का संकल्प रखती है।

Rex TV India Author:अजय त्यागी May 31, 2026: 10:17 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —