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Rex TV India
Latest News राष्ट्रीय Digital Newsletter 02 Jun 2026 · 3:47 PM

अल नीनो और जलवायु परिवर्तन: आने वाले सालों में बढ़ेगा संकट

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

ब्रसेल्स। अल नीनो और जलवायु परिवर्तन का घातक मेल इस वर्ष पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी आपदा का संकेत दे रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अल नीनो का पैटर्न अब सक्रिय हो रहा है और इसके चलते इस वर्ष दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चरम मौसम की घटनाएं देखने को मिलेंगी। वैज्ञानिकों का स्पष्ट मानना है कि मानवजनित जलवायु परिवर्तन ने इस प्राकृतिक घटना के प्रभाव को और अधिक विनाशकारी बना दिया है।[1]

डब्ल्यूएमओ के आंकड़ों के हवाले से रॉयटर्स ने बताया है कि जून से अगस्त के बीच अल नीनो विकसित होने की संभावना 80% है और कम से कम नवंबर तक इसके बने रहने की उम्मीद 90% है। यह कोई साधारण मौसमी बदलाव नहीं है, बल्कि एक ऐसी चेतावनी है जिसे नजरअंदाज करना आने वाली पीढ़ियों के लिए भारी पड़ सकता है। प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने वाले मानव समाज को अब उसी का परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।

क्या है असली खतरा

अल नीनो और जलवायु परिवर्तन की जुगलबंदी के पीछे दो बड़े कारण चिंता का विषय बने हुए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष अल नीनो का प्रभाव सामान्य से अधिक शक्तिशाली हो सकता है, जिससे प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से का तापमान औसत से कम से कम 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। दूसरा कारण औद्योगिक क्रांति के बाद से पृथ्वी के औसत तापमान में हुई 1.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि है, जो इस मौसमी घटना को एक 'सुपरचार्ज' की तरह और अधिक घातक बना देती है।

"जब हमें अल नीनो मिलता है, तो जलवायु परिवर्तन के कारण... ये चीजें और अधिक तीव्र हो जाती हैं और इनका प्रभाव कहीं अधिक होता है।" - पीयर्स फोर्स्टर, प्रोफेसर, लीड्स विश्वविद्यालय।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की बुनियाद पर खड़ा यह अल नीनो सूखा, लू, भीषण बारिश और जंगलों में लगने वाली आग (bushfires) जैसी आपदाओं को आम बात बना देगा। रॉयटर्स के अनुसार, डब्ल्यूएमओ ने आशंका जताई है कि 2027 का वर्ष रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे गर्म वर्ष हो सकता है। क्या हमने आने वाले भविष्य के लिए तैयारी की है, या हम बस कागजी विमर्श में उलझे रहेंगे?

बदलते मौसम के संकेत

अल नीनो और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप में दिखेगा। रॉयटर्स के अनुसार, दक्षिण अमेरिका और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश, तो ऑस्ट्रेलिया और मध्य अमेरिका में सूखे का संकट गहरा सकता है। इटली के यूरो-मेडिटेरेनियन सेंटर ऑन क्लाइमेट चेंज के प्रमुख एंटोनियो नवार्रा ने चेतावनी दी है कि गर्म महासागर उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करेंगे, जिससे तूफान और भी शक्तिशाली हो जाएंगे।

"अल नीनो सिस्टम में भारी मात्रा में ऊर्जा का संचार करेगा, इसलिए सब कुछ और अधिक तीव्र होगा।" - एंटोनियो नवार्रा, प्रमुख, यूरो-मेडिटेरेनियन सेंटर ऑन क्लाइमेट चेंज।

यह महज एक मौसम का चक्र नहीं है, बल्कि उस भविष्य की एक झलक है जो लगभग पांच साल बाद हमारे लिए एक 'सामान्य' दिनचर्या बन जाएगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल जो तबाही हम देखेंगे, वह आने वाले दशकों में होने वाली जलवायु संबंधी अस्थिरता का एक ट्रेलर मात्र है। पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच, प्रकृति अपना हिसाब चुकता करने के लिए तैयार दिख रही है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। यह रिपोर्ट सामान्य सूचना के लिए प्रकाशित की गई है। इसके आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 2, 2026: 3:47 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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