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Rex TV India
Latest News राष्ट्रीय Digital Newsletter 03 Jun 2026 · 5:24 PM

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर फेंसिंग: सुरक्षित होगी सरहद, मिल गई जमीन 

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

कोलकाता, पश्चिम बंगाल। भारत-बांग्लादेश बॉर्डर फेंसिंग का मुद्दा वर्षों से सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों के लिए एक भावनात्मक और सुरक्षात्मक चिंता का विषय बना हुआ था। अब राज्य सरकार ने इस दिशा में एक ऐतिहासिक और संवेदनशील निर्णय लेते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को लगभग 32 एकड़ भूमि सौंपने का आदेश जारी कर दिया है। यह कदम न केवल सीमा की सुरक्षा को पुख्ता करेगा, बल्कि उन परिवारों को भी राहत देगा जो असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर थे।[1]

पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद इस निर्णय की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने बॉर्डर आउटपोस्ट (BOPs) स्थापित करने और फेंसिंग के कार्यों में तेजी लाने के लिए यह भूमि हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त किया है। कैबिनेट की पहली ही बैठक में लिया गया यह निर्णय सीमा पार की चुनौतियों को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुरक्षा का नया विश्वास

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर फेंसिंग की यह प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से अटकी हुई थी। इस देरी ने सीमावर्ती निवासियों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन अब 31.905 एकड़ भूमि नौ अलग-अलग स्थानों पर BSF को सौंप दी गई है। यह भूमि न केवल सुरक्षा घेरा बनाएगी, बल्कि सीमा पर रहने वाले नागरिकों को एक नया सुरक्षा कवच प्रदान करेगी, जिससे उनका विश्वास और मनोबल बढ़ेगा।

राज्य सरकार की ओर से लिया गया यह त्वरित निर्णय इस बात का प्रतीक है कि राष्ट्र की सुरक्षा और सीमाओं की अखंडता सर्वोपरि है। दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि फेंसिंग के कार्य को अब युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा, ताकि सीमा पर किसी भी प्रकार की अनिश्चितता को समाप्त किया जा सके। यह उन परिवारों के लिए एक भावुक क्षण है जो लंबे समय से इस सुरक्षा बाड़ की प्रतीक्षा कर रहे थे।

सरकार की प्रतिबद्धता

"मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप, हमने सीमावर्ती क्षेत्रों में फेंसिंग के लिए BSF को लगभग 32 एकड़ भूमि सौंप दी है। हमारा उद्देश्य सीमा को अभेद्य बनाना और निवासियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है," दिलीप घोष, पंचायत मंत्री।

सुरक्षा बल अब इन क्षेत्रों में नई आउटपोस्ट और फेंसिंग का कार्य शुरू करेंगे। यह पहल न केवल अवैध गतिविधियों को रोकने में सहायक होगी, बल्कि दो देशों के बीच की सीमा पर एक अनुशासित और सुरक्षित तंत्र स्थापित करने में भी मील का पत्थर साबित होगी। वर्षों की प्रतीक्षा के बाद जब फेंसिंग का कार्य धरातल पर उतरेगा, तो यह निश्चित रूप से सीमावर्ती गांवों के लिए एक सुखद अनुभव होगा।

स्थायी सुरक्षा की उम्मीद

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर फेंसिंग का यह कार्य सीमा की उन गलियों और खेतों को एक नई सुरक्षा देगा जो अब तक खुले और असुरक्षित थे। सुरक्षा बलों की सक्रियता और सरकार का यह सहयोग आने वाले दिनों में क्षेत्र की पूरी तस्वीर बदल देगा। लोग अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में वे बिना किसी डर या चिंता के अपनी दैनिक गतिविधियां जारी रख सकेंगे।

यह रिपोर्ट राज्य के सीमावर्ती जिलों में शांति और सुरक्षा की नई इबारत लिखने की शुरुआत है। आने वाले समय में जब फेंसिंग की दीवारें पूरी तरह तैयार हो जाएंगी, तो ये न केवल सरहद को बांटेंगी, बल्कि सरहद के अंदर रहने वालों के लिए एक सुरक्षात्मक दीवार बनकर उनकी रक्षा करेंगी। यह निर्णय प्रशासनिक नहीं, बल्कि एक मानवीय संवेदना से जुड़ा हुआ कदम है।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 3, 2026: 5:24 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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