WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 03 Jun 2026 · 6:38 PM

जोजिला टनल ब्रेकथ्रू: बर्फीली कैद से मुक्त होगा लद्दाख का रास्ता

जोजिला टनल

गांदरबल, जम्मू-कश्मीर। जोजिला टनल ब्रेकथ्रू की गूंज आने वाले 9 जून को इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो जाएगी। यह सिर्फ एक इंजीनियरिंग की उपलब्धि नहीं, बल्कि लद्दाख और कश्मीर के लाखों लोगों के उन सपनों का साकार होना है, जो दशकों से भीषण सर्दियों में बर्फ की कैद में रहने को मजबूर थे। करीब 11,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह सुरंग भविष्य में भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग और एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशात्मक सुरंग बनने जा रही है।[1]

इस महत्वपूर्ण पल के गवाह बनने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के पहुंचने की संभावना है। खुदाई में जुटे इंजीनियरों के अनुसार, यह क्षण उस संघर्ष का समापन है जो पिछले कई वर्षों से विषम भौगोलिक परिस्थितियों, बर्फीले तूफानों और शून्य से 45 डिग्री नीचे के तापमान के बीच लड़ा जा रहा था। जब टनल के दोनों छोर आपस में मिलेंगे, तो वह केवल दो पत्थर की दीवारें नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों का मिलन होगा।

बर्फीली कैद का अंत

जोजिला टनल ब्रेकथ्रू का अर्थ यह है कि अब लद्दाख का वह हिस्सा जो हर साल छह महीने के लिए दुनिया से कट जाता था, अब सदैव खुला रहेगा। वर्तमान में सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यह मार्ग बंद हो जाता है, जिससे भोजन, ईंधन, दवाइयां और आपातकालीन सेवाओं का आवागमन ठप पड़ जाता है। इस साल भी इस रास्ते पर हिमस्खलन ने कई जान लीं, जो इस मार्ग की भयावहता को दर्शाती हैं।

लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद, कारगिल के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद जाफर अखून ने जोजिला को लद्दाख की 'जीवनरेखा' बताते हुए कहा कि यह सुरंग उनके क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि सुरंग के बिना कारगिल के निवासियों को सर्दियों में भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। सालभर सड़क संपर्क रहने से अब स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत होगी।

सामरिक और आर्थिक क्रांति

"जोजिला लद्दाख के लोगों के लिए जीवनरेखा है, विशेषकर कारगिल के लिए, क्योंकि क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी का अभाव है और भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में यह पूरी तरह कट जाता है," डॉ. मोहम्मद जाफर अखून, अध्यक्ष, LAHDC।

राजनीतिक कार्यकर्ता सज्जाद कारगिली के अनुसार, यह परियोजना लद्दाख के लिए एक आर्थिक क्रांति लाएगी। मरीजों, छात्रों और बुजुर्गों के लिए यह सुरंग जीवन रक्षक साबित होगी। व्यापार और पर्यटन, जो अब तक मौसमी रुकावटों के कारण सिमटे हुए थे, अब पूरे वर्ष फल-फूल सकेंगे। यह केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के हर उस नागरिक के लिए एक नई आशा है जो बुनियादी सुविधाओं के लिए महीनों तक संघर्ष करता था।

सुरक्षा और आत्मविश्वास

जोजिला टनल ब्रेकथ्रू भारत की सैन्य तैयारियों के लिए भी एक मील का पत्थर है। श्रीनगर-कारगिल-लेह राजमार्ग सेना की मुख्य आपूर्ति लाइन है। पाकिस्तान और चीन की सीमाओं के करीब होने के कारण, यहाँ हर मौसम में आवाजाही संभव होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। अब भारतीय सेना के काफिले, ईंधन और उपकरण बिना किसी रुकावट के सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच सकेंगे, जो सीमा पर भारत के आत्मविश्वास को नई मजबूती देगा।

इंजीनियरिंग के लिए एक चुनौती

यह सुरंग बनाना देश के सबसे कठिन कार्यों में से एक था। मेघ इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) की टीम ने ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का उपयोग करते हुए इस सपने को धरातल पर उतारा है। पिछले साल हिमस्खलन के कारण 1,000 से अधिक श्रमिकों को बाहर निकालना पड़ा था, लेकिन हार न मानते हुए निर्माण कार्य जारी रखा गया। आज जो 13.15 किमी लंबी सुरंग आकार ले रही है, वह पसीने और साहस की एक अद्भुत दास्तान है।

हालांकि, जोजिला टनल ब्रेकथ्रू का मतलब यह नहीं है कि सड़क आज ही यातायात के लिए खुल जाएगी। अभी टनल की लाइनिंग, सतह का निर्माण, वेंटिलेशन सिस्टम, बिजली की व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों का काम बाकी है। फरवरी 2028 तक इसके पूर्ण होने की उम्मीद है। जब यह बनकर तैयार होगी, तो श्रीनगर से लेह का सफर जो वर्तमान में घंटों का है, वह मात्र 15 मिनट में सिमट जाएगा। यह विकास के उस नए सूरज की दस्तक है, जिसका इंतजार लद्दाख के पहाड़ों ने सदियों से किया है।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 3, 2026: 6:38 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —