WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 05 Jun 2026 · 2:50 PM

पर्यावरण संरक्षण: जयपुर में सर्व समाज सेवा समिति की अनूठी पहल

सर्व समाज सेवा समिति की अनूठी पहल

जयपुर, राजस्थान। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर सर्व समाज सेवा समिति, इंदिरा गांधी नगर के सदस्यों द्वारा श्री श्याम गौशाला, प्रताप नगर में एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण, पक्षियों के लिए परिंडा अभियान, गौमाता के लिए हरा चारा और गुड़ का प्रबंधन किया गया। समिति के सदस्यों ने प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इस पुनीत कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया।

पर्यावरण संरक्षण आज के दौर में न केवल एक आवश्यकता है, बल्कि यह मानव अस्तित्व को बचाने का एकमात्र मार्ग बन चुका है। समिति द्वारा किए गए इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरा-भरा वातावरण तैयार करना है। आयोजन स्थल पर उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में प्रकृति की रक्षा करने और पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लिया है।

प्रकृति और जीव जगत का अटूट संबंध

इस अवसर पर डॉक्टर अशोक दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि पशु और पक्षी केवल धरती की शोभा नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन के मूल स्तंभ हैं। उन्होंने बताया कि पक्षियों का कलरव हमें प्रकृति से जोड़ता है, जबकि मधुमक्खियां परागण करके फसलें संवारती हैं। गाय और बैल जैसे मूक जीव मानव जीवन के सदैव सहचर रहे हैं। यदि इनका जीवन संकट में होगा, तो संपूर्ण पर्यावरण का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ जाएगा।

डॉक्टर अशोक दुबे ने आगे कहा कि "पशु-पक्षियों का संरक्षण ही जीवन के संरक्षण की राह है। इसलिए आवश्यक है कि हम उनके आवासों की रक्षा करें, दया और संवेदनशीलता से व्यवहार करें और संतुलन बनाए रखें।" उनकी ये बातें उपस्थित जनसमूह को प्रकृति के करीब रहने और गौमाता की सेवा के प्रति जागरूक करने के लिए पर्याप्त थीं। समिति का प्रयास है कि समाज में जीवों के प्रति करुणा का भाव निरंतर बना रहे।

वृक्षारोपण और हरित संकल्प

वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत कदंब और शीशम के पौधे रोपित किए गए। कदंब को धार्मिक ग्रंथों में 'हरिप्रीय' कहा जाता है और इसका आध्यात्मिक महत्व भी है। वहीं शीशम के पौधे पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी माने जाते हैं, जिनकी पत्तियां मवेशियों के लिए प्रोटीन से भरपूर पौष्टिक चारा प्रदान करती हैं। इन पौधों का रोपण करते समय सदस्यों ने यह भी संकल्प लिया कि वे न केवल पौधे लगाएंगे, बल्कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठाएंगे।

समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ ही परिंडा अभियान की शुरुआत भी की गई। इसके अंतर्गत भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए परिंडे लगाए गए और उनके दाना-पानी की समुचित व्यवस्था की गई। परिंडा अभियान के माध्यम से पक्षियों को भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने का प्रयास किया गया है, जो जयपुर के वातावरण में अत्यंत आवश्यक है। यह पहल न केवल पशु-पक्षियों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है।

सेवा का अनूठा महायज्ञ

कार्यक्रम में दम्मी लाल, नरेश शर्मा, राम चंद्र सैनी, राजेश भट्ट, संदीप बानूड़ा, नीरज अवस्थी, रवींद्र टांक, विवेक शर्मा, मनीराम, राहुल, विनोद शर्मा, शिवांग, दीपक मिश्रा, डॉक्टर अंकित, डॉक्टर नरेंद्र और डॉक्टर अशोक दुबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने अपने श्रमदान से गौशाला में व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया। इन सभी व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी ने इस सेवा कार्य को एक महायज्ञ का रूप दे दिया।

आयोजन के दौरान उपस्थित सदस्यों के बीच पशु-पक्षियों के संरक्षण को लेकर एक सार्थक चर्चा भी हुई। डॉक्टर अशोक दुबे ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना नहीं है, बल्कि प्रत्येक जीवित प्राणी के अस्तित्व की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब हम तेजी से कंक्रीट के जंगलों की ओर बढ़ रहे हैं, तब इस तरह के सामुदायिक प्रयास ही हमें प्रकृति के साथ जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित रहे सभी सदस्य

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने जयपुर के अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं। गौशालाओं में सेवा कार्य करना और पक्षियों के लिए परिंडे लगाना समाज की जिम्मेदारी है। समिति का यह प्रयास न केवल पशु-पक्षियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, बल्कि लोगों को सेवा पथ पर चलने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

अंत में, सभी सदस्यों ने श्री श्याम गौशाला में गौमाता की सेवा की और भविष्य में भी इसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करते रहने का निर्णय लिया। इस कार्यक्रम के बाद समिति के सभी सदस्यों ने पर्यावरण को बचाने के संकल्प को दोहराया। इस तरह का सामूहिक प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा है। पर्यावरण संरक्षण ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे हम आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ और समृद्ध वातावरण प्रदान करने में सफल हो पाएंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 5, 2026: 2:50 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —