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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 07 Jun 2026 · 8:45 PM

राजस्थान खाद्य सुरक्षा: मिलावट के खिलाफ विभाग का कड़ा प्रहार

Rajasthan Food Safety and Drug Control Commissionerate officials conducting large-scale inspection of food samples (ETV Bharat)

जयपुर, राजस्थान। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर रविवार को राजस्थान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मिलावट के खिलाफ की गई अपनी व्यापक कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक किया है। विभाग द्वारा मार्च 2026 तक संचालित सघन निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान के दौरान राज्य भर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें हजारों सैंपल मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं।[1]

ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल 43,736 खाद्य नमूनों का परीक्षण किया गया। इन परीक्षणों में से 5,983 नमूने विभिन्न श्रेणियों में मानक के अनुरूप नहीं (सबस्टैंडर्ड) पाए गए हैं। राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता को मिलावट मुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बाजार से लेकर रसोई तक कड़ी निगरानी रखने की नीति अपनाई है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

सजग प्रशासन और पंजीकरण अभियान

रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त भगवत सिंह के अनुसार, विभाग ने इस अवधि के दौरान बड़े पैमाने पर जागरूकता और पंजीकरण अभियान चलाए हैं। राज्य भर में कुल 821 लाइसेंस और पंजीकरण शिविर आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 14,679 नए लाइसेंस जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों और खाद्य विक्रेताओं के लिए 25.36 लाख से अधिक नए खाद्य पंजीकरण भी सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि पूरे तंत्र को पारदर्शी बनाया जा सके।

सिंह ने बताया कि विभाग ने मिलावट के खिलाफ अपनी प्रवर्तन गतिविधियों को अभूतपूर्व स्तर पर तेज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विंग (FSW) ने अकेले 29,241 नमूनों का संग्रह किया, जिनमें से 1,171 नमूने सबस्टैंडर्ड पाए गए। कुल परीक्षणों में से 4,295 नमूने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दोषी पाए गए, जबकि 1,688 नमूने निगरानी जांच (सर्विलांस चेक) के दौरान मानकों पर खरे नहीं उतरे।

कानूनी शिकंजा और अदालती फैसले

रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग ने पहली बार मिलावटखोरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही को अत्यधिक तीव्र किया है। विभाग ने अदालतों में कुल 3,426 मामले दर्ज कराए, जिनमें से 2,713 मामलों का निपटारा भी कर लिया गया है। अदालतों ने इन मामलों में सख्ती बरतते हुए दोषियों पर 97.22 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है और नौ मामलों में सजा के तौर पर जेल भेजने का आदेश दिया है।

इस संदर्भ में अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने कहा:

"विभाग का निरंतर प्रयास है कि आम जनता को बाजार से लेकर रसोई तक सुरक्षित और मिलावट मुक्त भोजन मिले और इसके लिए मिलावटखोरों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।"

बड़े ब्रांड्स पर पहली बार कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने पहली बार मिलावट के मामलों में बड़े ब्रांड्स और नामी कंपनियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। इस प्रवर्तन प्रक्रिया के दौरान विभाग ने एक प्रसिद्ध नमकीन निर्माता कंपनी और एक अंतरराष्ट्रीय फूड चेन के उत्पादों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कई प्रमुख ब्रांड्स के खाद्य उत्पादों पर विभाग द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो राजस्थान खाद्य सुरक्षा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष के दौरान विभाग ने प्रवर्तन अभियानों के तहत कुल 1.36 मिलियन किलोग्राम/लीटर खाद्य पदार्थों को नष्ट कर दिया है, जबकि 0.88 मिलियन किलोग्राम/लीटर सामग्री जब्त की गई है। इनमें दूध, घी, खाद्य तेल, मिठाइयां, मसाले और अन्य आवश्यक खाद्य उत्पाद शामिल थे। राज्य सरकार के इन प्रयासों से मिलावटखोरों के हौसले पस्त हुए हैं और खाद्य सुरक्षा के मानकों में काफी सुधार देखने को मिला है।

जागरूकता और उपभोक्ताओं की भूमिका

विभाग का मानना है कि खाद्य सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उपभोक्ता जागरूकता भी इसमें समान रूप से महत्वपूर्ण है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित, पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाले भोजन के बारे में जन-जन में जागरूकता फैलाना है। विभाग समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और बाजार में बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, उपलब्ध आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले चार वर्षों में खाद्य सुरक्षा निरीक्षण का दायरा लगातार विस्तृत हुआ है। वर्ष 2022 में केवल 14,053 नमूनों का परीक्षण किया गया था, जबकि 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 34,062 हो गई और 2024-25 में 39,245 तक पहुंच गई। अब 2025-26 में यह आंकड़ा 42,000 के पार निकल चुका है, जो राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। राजस्थान में खाद्य पदार्थों में मिलावट से संबंधित यह मामला राज्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय के रिकॉर्ड और अदालती कार्यवाही पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 7, 2026: 8:45 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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