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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 08 Jun 2026 · 12:06 PM

चीन-ताइवान तनाव: समुद्र में चीन का नया दुस्साहस

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

ताइपे, ताइवान। ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीनी कोस्ट गार्ड की बढ़ती गश्त और सैन्य गतिविधियों ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर संकट में डाल दिया है। ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने सोमवार को इन गतिविधियों को एक उकसावे वाली कार्रवाई करार देते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने समुद्री क्षेत्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है और अपनी सेना व कोस्ट गार्ड के बीच समन्वय को और मजबूत कर रहा है।[1]

चीन-ताइवान तनाव के बीच चीन की यह हरकतें तब शुरू हुईं जब जापान और फिलीपींस ने पिछले महीने अपने समुद्री सीमाओं के निर्धारण के लिए औपचारिक वार्ता शुरू करने की घोषणा की। चीन, जो ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है, इस वार्ता से बेहद नाराज है और इसे ताइवान के पास के जल क्षेत्रों में दखल के रूप में देख रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि चीन का यह कदम क्षेत्रीय संप्रभुता को चुनौती देने और अपने प्रभुत्व को साबित करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

समुद्री क्षेत्र में चीन का उकसावा

चीन-ताइवान तनाव का दायरा अब केवल हवाई सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह गहरे समुद्र में भी फैलता जा रहा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी मीडिया ने शनिवार देर रात जानकारी दी कि ताइवान के पूर्वी जल क्षेत्र में एक विशेष समुद्री यातायात कानून-प्रवर्तन अभियान चलाया गया है। इसे जापान और फिलीपींस की हालिया घोषणाओं के जवाब में देखा जा रहा है, जिसे ताइवान सरकार ने राष्ट्रीय संप्रभुता का गंभीर अपमान माना है।

ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने संसद में अपने संबोधन में चीन की इस रणनीति को 'संज्ञानात्मक युद्ध' का नाम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन पूर्वी जल क्षेत्र को धीरे-धीरे अपने अधिकार क्षेत्र में बदलने की कोशिश कर रहा है, जैसे कि वह पूरे क्षेत्र पर मकड़ी का जाल बुन रहा हो। ताइवान के कोस्ट गार्ड ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने जहाजों को मौके पर भेजा और चीनी जहाजों को प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर खदेड़ने का सफल प्रयास किया।

आधिकारिक बयानों का रुख

इस गंभीर स्थिति पर ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने संसद में कड़े शब्दों में अपना पक्ष रखा और चीन की गतिविधियों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।

"प्रथम दृष्टया यह एक उकसावे वाली कार्रवाई है और दूसरी बात यह संज्ञानात्मक युद्ध है। वे ताइवान के पूर्वी जल क्षेत्र को अपने अधिकार में लेने का प्रयास कर रहे हैं, जो हमारी राष्ट्रीय संप्रभुता का गंभीर अपमान है।"

ताइवान के ओशन अफेयर्स काउंसिल की प्रमुख कुआन बी-लिंग ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा की और स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समुद्र शांति का माध्यम होना चाहिए, न कि संघर्ष और धमकियों का। ताइवान प्रशासन का मानना है कि चीन लगातार अपनी आक्रामक नीतियों के जरिए क्षेत्रीय शांति को बिगाड़ रहा है, जिसका मुकाबला ताइवान अपनी सैन्य तैयारियों के साथ करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सैन्य समन्वय और बढ़ता खतरा

ताइवान की नौसेना और कोस्ट गार्ड के बीच आपसी तालमेल चीन-ताइवान तनाव के मौजूदा दौर में एक ढाल की तरह काम कर रहा है। कोस्ट गार्ड ने रविवार को पुष्टि की कि चीनी जहाजों को चेतावनी देकर वापस जाने पर मजबूर कर दिया गया। हालांकि, चीन के सरकारी मीडिया ने वीडियो जारी कर ताइवान के कोस्ट गार्ड को चेतावनी दी कि ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों पक्ष एक ही चीन का हिस्सा हैं। ताइवान ने इस दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे चीन का एकतरफा प्रोपेगेंडा करार दिया है।

इसके अतिरिक्त, चीन के विमानवाहक पोत लियाओनिंग का पश्चिमी प्रशांत महासागर में जारी मिशन भी ताइवान के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। रक्षा मंत्री कू के अनुसार, यह पोत वर्तमान में फिलीपींस के पूर्व में स्थित है, जिस पर ताइवान की सेना लगातार नजर बनाए हुए है। चीन के युद्धक विमान और जंगी जहाज लगभग हर दिन ताइवान के आसपास अपना संचालन कर रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र कभी भी बड़े संघर्ष का केंद्र बन सकता है।

भविष्य की सुरक्षा चुनौतियां

चीन-ताइवान तनाव की निरंतरता को देखते हुए ताइवान ने अपनी खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। ताइवान के समुद्री क्षेत्र में बार-बार चीनी घुसपैठ का मुख्य उद्देश्य ताइवान के सुरक्षा तंत्र को थकाना और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना है। कुआन बी-लिंग ने जानकारी दी है कि मई की शुरुआत से ही चीन ने एक महीने लंबा उकसावे वाला अभियान छेड़ रखा है, जिसमें प्रतास द्वीप समूह के आसपास भी सक्रियता शामिल है।

निष्कर्ष यह है कि चीन ताइवान को अपने नियंत्रण में लाने के लिए बल प्रयोग की संभावना से कभी भी पीछे नहीं हटा है। ताइवान की सरकार बीजिंग के संप्रभुता के दावों को पूरी तरह खारिज करती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील करती है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक हालात को देखें तो यह साफ है कि आने वाले समय में चीन-ताइवान तनाव वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है, जहाँ ताइवान अपनी स्वायत्तता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। चीन-ताइवान तनाव और दक्षिण चीन सागर में सैन्य गतिविधियाँ अत्यंत परिवर्तनशील विषय हैं, जिनका सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक स्थिति से है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 8, 2026: 12:06 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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