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Rex TV India
Latest News बाज़ार और निवेश Digital Newsletter 09 Jun 2026 · 10:05 AM

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

ईरान और इजरायल के बीच हालिया सैन्य संघर्ष और दोनों पक्षों द्वारा हमलों को फिर से शुरू करने की खुली छूट देने के बाद मंगलवार की शुरुआती व्यापारिक गतिविधियों में तेल की कीमतों में मामूली उछाल देखा गया। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड वायदा 13 सेंट बढ़कर 94.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमतों में 11 सेंट की वृद्धि के साथ 91.41 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्तक्षेप के बाद दोनों देशों ने अस्थायी रूप से हमले रोके हैं।[1]

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि हालांकि दोनों देशों ने फिलहाल के लिए सैन्य अभियान रोकने की घोषणा की है, लेकिन निवेशकों का भरोसा अभी भी नहीं लौटा है। केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वॉटरर ने कहा कि बाजार फिलहाल स्थायी समाधान के बजाय अनिश्चितता की स्थिति को ही देख रहा है। निवेशकों को इस बात का डर है कि यह युद्ध विराम केवल एक अस्थायी पड़ाव है और भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ कभी भी बिगड़ सकती हैं।

बाजार की अनिश्चितता

इजरायल और ईरान दोनों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अपील के बाद गोलाबारी बंद करने का संकेत दिया है, लेकिन तेहरान ने स्पष्ट किया है कि यदि इजरायल लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो वे जवाबी हमले फिर से शुरू करेंगे। आईजी के बाजार विश्लेषक टोनी सिका मोर के अनुसार, भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि अभी भी बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और कोई भी स्थायी शांति समझौता फिलहाल दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।

तेल बाजार की कीमतों में यह অস্থিরता सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार पर असर डाल रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने पहले ही दोहराया है कि यदि ईरान ने फिर से हमला किया, तो इजरायल पूरी ताकत के साथ जवाब देगा। इस बयान के बाद निवेशकों में यह आशंका बनी हुई है कि कहीं यह संघर्ष फिर से बड़े युद्ध का रूप न ले ले। ट्रम्प ने भी नेतनयाहू को चेतावनी दी है कि यदि वे ईरान के साथ फिर से युद्ध छेड़ते हैं, तो उन्हें अकेले लड़ना पड़ सकता है।

कूटनीतिक चुनौतियां

शांति वार्ता को लेकर वाशिंगटन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू किए जाने से पहले, दुनिया की लगभग पांचवीं तेल आपूर्ति इसी रास्ते से होती थी। अब अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में कड़ा पहरा दे रही है। सोमवार को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी बलों ने एक खाली तेल टैंकर को रोक दिया, जो ईरान के बंदरगाह की ओर जाने का प्रयास कर रहा था।

इस घटना ने साबित कर दिया है कि ईरान के खिलाफ नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह प्रभावी है और अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को तेल निर्यात करने की छूट देने के मूड में नहीं है। विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान तनाव का मुख्य केंद्र यही जलडमरूमध्य है। यदि शांति वार्ता के माध्यम से होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो आने वाले समय में तेल की कीमतों में और अधिक भारी वृद्धि होने की पूरी संभावना है।

युद्ध विराम की सच्चाई

"मुख्य सवाल यह है कि क्या तनाव कम करने की मौजूदा कोशिशें आखिरकार किसी लंबे समय तक चलने वाले समाधान में बदल पाएंगी, या फिर हम बस एक और अस्थायी शांति के दौर में हैं।"

यह टिम वॉटरर का मानना है कि डी-एस्केलेशन के प्रयास केवल कागजों तक सीमित न रह जाएं। बाजार का रुझान यह संकेत दे रहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अभी भी युद्ध के साए में है। हालांकि इजरायल के प्रधान मंत्री ने शांति वार्ता के संदर्भ में कुछ संकेत दिए हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि दोनों देश अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से संगठित करने में लगे हैं। इस अस्थिर माहौल में निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश का रास्ता खोजना मुश्किल हो गया है।

क्षेत्रीय तनाव का असर

लेबनान में चल रहे संघर्ष और ईरान के साथ इजरायल के बढ़ते सैन्य टकराव के कारण निवेशकों में घबराहट साफ दिख रही है। पिछले सत्र में, जब हमले फिर से शुरू हुए थे, तब तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत तक की भारी उछाल देखी गई थी। हालांकि बाद में ईरान द्वारा सैन्य अभियान बंद करने के ऐलान के बाद कीमतों में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन तेल की कीमतें अभी भी उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। अनिश्चितता के इस दौर में तेल की कीमतें सामान्य होने की कोई ठोस उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

अंततः, तेल की कीमतों में यह अस्थिरता वैश्विक मुद्रास्फीति पर भी असर डालेगी। यदि ईरान और इजरायल के बीच तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से चरमरा सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर नजर गड़ाए हुए है। शांति वार्ता का भविष्य राष्ट्रपति ट्रम्प के व्यक्तिगत हस्तक्षेप और दोनों देशों के रुख पर निर्भर करेगा। तब तक, वैश्विक तेल बाजारों में अनिश्चितता का यह माहौल बने रहने की पूरी संभावना है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और भू-राजनीतिक संघर्ष से संबंधित यह जानकारी वर्तमान विश्लेषण पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 9, 2026: 10:05 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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