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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 09 Jun 2026 · 1:25 PM

आरबीएसई की लापरवाही से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

बीकानेर, राजस्थान। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। 12वीं बोर्ड परीक्षा की रीटोटलिंग प्रक्रिया में सामने आई आरबीएसई की लापरवाही ने न केवल शिक्षा विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सपनों को भी अंधकारमय बना दिया है। बीकानेर के एक छात्र दिशांक मोदी ने आरोप लगाया है कि फिजिक्स विषय की उत्तर पुस्तिका में अंकों के जोड़ में इतनी बड़ी त्रुटि की गई कि उसे वास्तविक अंकों से काफी कम नंबर दिए गए, जिससे उसकी पूरी मेहनत और शैक्षणिक प्रदर्शन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, छात्र को शुरुआत में फिजिक्स विषय में केवल 14 अंक दिए गए थे। अपने प्रदर्शन पर पूर्ण भरोसा होने के कारण छात्र ने धैर्य नहीं खोया और रीटोटलिंग के लिए आवेदन किया। प्रक्रिया के बाद अंक बढ़कर 15 तो हुए, लेकिन जब आधिकारिक उत्तर पुस्तिका की कॉपी छात्र के हाथों में आई, तो उसमें कुल अंक 16 बनते दिखाई दिए। यह स्पष्ट रूप से बोर्ड की लापरवाही का एक ज्वलंत उदाहरण है, जहाँ स्तर विशेष पर साधारण टोटलिंग भी सही ढंग से नहीं की गई।[1]

हेल्पलाइन और पोर्टल की विफलता

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब छात्र ने बताया कि उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने से पूर्व वह लगातार हेल्पलाइन पर संपर्क करने का प्रयास करता रहा, ताकि अपनी कॉपी की स्थिति जान सके। अफसोस की बात यह है कि विभाग की ओर से किसी ने भी फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई। इस उदासीन रवैये के कारण छात्र और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी है। यह स्पष्ट करता है कि व्यवस्थाएं छात्रों की समस्याओं के प्रति कितनी असंवेदनशील हैं और उनमें जवाबदेही का अभाव है।

छात्र ने आगे यह भी आरोप लगाया कि जब उसने इस स्पष्ट त्रुटि के खिलाफ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने का प्रयास किया, तो आरबीएसई की लापरवाही के कारण पोर्टल भी काम नहीं कर रहा था। इस तकनीकी खामी का वीडियो प्रमाण भी छात्र ने सुरक्षित रखा है। छात्र का कहना है कि यदि स्तर विशेष पर इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है, तो यह केवल एक छात्र का व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे सुधारना अनिवार्य है।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

पीड़ित छात्र दिशांक मोदी ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टैग करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। छात्र ने अपनी मार्कशीट में तत्काल सुधार करने, दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सभी विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष दोबारा जांच कराने का आह्वान किया है। छात्र का कहना है कि आरबीएसई की लापरवाही के कारण हुए इस मानसिक उत्पीड़न और शैक्षणिक नुकसान की भरपाई करना विभाग की नैतिक जिम्मेदारी है।

छात्र ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वह राजस्थान हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर करेगा। वह मुकदमे के खर्च और मानसिक प्रताड़ना के लिए उचित हर्जाने की भी मांग करेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। यह स्थिति मांग करती है कि बोर्ड अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे ताकि भविष्य में किसी भी विद्यार्थी को ऐसी चुनौतियों का सामना न करना पड़े।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट छात्र द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जानी शेष है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 9, 2026: 1:25 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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