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Rex TV India
Latest News आम सूचना Digital Newsletter 11 Jun 2026 · 3:48 PM

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी पर कोर्ट का बड़ा फैसला

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले में स्पष्ट किया है कि इंटरनेट और मध्यस्थ मंच अपनी कानूनी जवाबदेही से पीछे नहीं हट सकते हैं। अदालत ने कहा है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने वाली या संस्थानों और व्यक्तियों को बदनाम करने वाली गैर-कानूनी और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए किसी विशेष अदालती निर्देश का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। इस ऐतिहासिक व्यवस्था के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी काफी अधिक बढ़ गई है।[1]

न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ ने एक विस्तृत आदेश जारी करते हुए कहा कि जब भी ऐसी कोई भी भ्रामक या अपमानजनक सामग्री उनके ध्यान में आती है, तो ये इंटरनेट कंपनियां केवल मूकदर्शक बनकर चुपचाप नहीं बैठ सकती हैं। देश में कानून के शासन और संवैधानिक सिद्धांतों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि ऐसी सभी गैर-कानूनी जानकारियों, डेटा या संचार लिंक्स पर तुरंत रोक लगाई जाए।

अदालत की सख्त टिप्पणी

उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो व्यक्ति इस तरह के अपमानजनक और निंदनीय कृत्य करते हैं, उनसे तो कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा ही जाएगा, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं। उन्हें ऐसी सामग्री को तुरंत अपने सर्वर से हटाना होगा।

"जैसे ही किसी मध्यस्थ को यह जानकारी मिलती है कि किसी सूचना का उपयोग गैर-कानूनी कार्य करने के लिए किया जा रहा है, तो वह उस सामग्री, डेटा या संचार लिंक को तुरंत हटाने के लिए बाध्य है। मध्यस्थ मूकदर्शक बनकर अदालतों के निर्देशों का इंतजार नहीं कर सकते हैं।" - न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा और न्यायमूर्ति मधु जैन, उच्च न्यायालय पीठ

अवमानना याचिका पर कार्रवाई

यह पूरा मामला दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कपिल कक्कड़ के खिलाफ दायर एक याचिका से जुड़ा हुआ है। बार एसोसिएशन ने डॉ. कक्कड़ के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी। आरोपी पर सोशल मीडिया पर एक मौजूदा न्यायाधीश के खिलाफ अत्यंत गंभीर और आपत्तिजनक आरोप लगाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।  

आरोपों के अनुसार डॉ. कक्कड़ ने सोशल मीडिया पोस्ट में साकेत में पिछले महीने हुए एक इमारत ढहने के हादसे का जिक्र किया था। उन्होंने इस हादसे में छह लोगों की मौत के लिए सीधे तौर पर एक मौजूदा न्यायाधीश को जिम्मेदार ठहराते हुए बेहद अमर्यादित टिप्पणियां की थीं। अदालत ने पाया कि ये बयान कतई वास्तविक नहीं थे और इनका एकमात्र उद्देश्य न्यायपालिका की छवि को धूमिल करना और अदालत को बदनाम करना था। अदालत ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी के विरुद्ध माना है।

"सोशल मीडिया तक आसान पहुंच के निर्विवाद लाभ हैं, लेकिन इस बात की अनदेखी नहीं की जा सकती कि ऐसे उपकरणों का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए न कि संस्थानों को कमजोर करने या समाज को नुकसान पहुंचाने के साधन के रूप में।" - उच्च न्यायालय, दिल्ली

डिजिटल प्लेटफॉर्म को निर्देश

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी तय करते हुए मेटा, गूगल एलएलसी, एक्स कॉर्प और लिंक्डइन जैसे प्रमुख वैश्विक डिजिटल दिग्गजों को तत्काल कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। पीठ ने इन सभी प्लेटफॉर्म्स को आदेश मिलने के चौबीस घंटे के भीतर संबंधित आपत्तिजनक वीडियो वाले यूआरएल को ब्लॉक करने और डॉ. कपिल कक्कड़ के सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स और हैंडल्स को आगामी आदेश तक निलंबित करने का हुकम दिया है।

अदालत ने कहा कि न्यायाधीशों और सरकारी एजेंसियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और मिलीभगत के ऐसे आरोप पूरी तरह से निंदनीय हैं और यह सीधे तौर पर न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप के समान है। देश में जहां कानून का शासन सर्वोपरि है, वहां ऐसी किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस कड़े फैसले के बाद अब इंटरनेट जगत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।

अस्वीकरण

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सोशल मीडिया दिशानिर्देशों और संबंधित कानूनी मामलों की सटीक स्थिति के लिए न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी निर्णय को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 11, 2026: 3:48 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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