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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 12 Jun 2026 · 12:45 PM

सड़क और रेल मार्ग ठप, पुनर्वास नीतियों के विरोध में आंदोलन तेज

पुनर्वास नीतियों के विरोध में आंदोलन

अगरतला, त्रिपुरा। उत्तरी-पूर्वी राज्य त्रिपुरा में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के मुख्यधारा में लौटे पूर्व सदस्यों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी विभिन्न मांगों और पुनर्वास से जुड़ी प्रतिबद्धताओं के समय पर पूरा न होने का आरोप लगाते हुए इन प्रदर्शनकारियों ने राज्य में बहत्तर घंटे लंबे सड़क और रेल रोको प्रदर्शन की शुरुआत कर दी है, जिसके चलते पुनर्वास नीतियों के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है और परिवहन सेवाएं पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।[विडियो]

इस बड़े प्रदर्शन के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि केंद्र सरकार और उनके बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते को दो साल से भी अधिक का समय बीत चुका है। इसके बावजूद समझौते के तहत तय किए गए मुख्य वादों और आर्थिक लाभों को धरातल पर सही तरीके से लागू नहीं किया गया है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।

"इस बड़े विरोध प्रदर्शन के संबंध में हमने प्रशासनिक अधिकारियों को लगभग सात दिन पहले ही लिखित नोटिस दे दिया था। कल हमारे प्रतिनिधियों ने विकास मंत्री के साथ इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत भी की थी, लेकिन उस वार्ता से हमें पूर्ण संतुष्टि नहीं मिली। हम उनके इस ढुलमुल रवैये को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं।" - थॉमस उचोय (एनएलएफटी सदस्य)

समझौते और मुख्य मांगें

इस आंदोलन का आह्वान मुख्य रूप से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) और नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के उन सदस्यों द्वारा किया गया है जिन्होंने हथियार छोड़कर मुख्यधारा चुनी थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार के साथ दो वर्ष से अधिक समय पहले हस्ताक्षरित समझौते के तहत किए गए पुनर्वास के वादे अब तक अधूरे पड़े हुए हैं, जिससे असंतोष बढ़ा है।

मुख्यधारा में वापस लौटे यह पूर्व उग्रवादी अपने स्थायी जीवनयापन के साधनों की बहाली और वित्तीय सहायता सहित सभी लंबित लाभों को तत्काल लागू करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आर्थिक सहायता में देरी के कारण उनके परिवारों के सामने आजीविका का एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिसके चलते उन्हें इस बहत्तर घंटे के मार्ग अवरोध के लिए विवश होना पड़ा है।

वार्ता विफल होने का असर

प्रशासनिक स्तर पर इस गतिरोध को सुलझाने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं, लेकिन पुनर्वास नीतियों के विरोध में आंदोलन अभी भी पूरी तरह से जारी है। कल विकास मंत्री के साथ आंदोलनकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई थी। इस बैठक में सरकार की तरफ से आश्वासन दिए गए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी बिना किसी ठोस और लिखित समयसीमा के अपने कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।

इस अनिश्चितता के कारण राज्य के कई महत्वपूर्ण रेल और सड़क मार्गों पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में पुनर्वास नीतियों के विरोध में आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जा सकता है।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 12, 2026: 12:45 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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