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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 12 Jun 2026 · 5:23 PM

साइबर ठगी का बढ़ता जाल देश भर में मचा रहा कोहराम

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

जयपुर, राजस्थान। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक का अत्यधिक दुरुपयोग कर साइबर अपराधी अब सीधे तौर पर निवेश के नाम पर आम लोगों को करोड़ों रुपए की चपत लगा रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इस गंभीर विषय पर आमजन को आगाह करते हुए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार फर्जी स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट एप्स और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए देश में साइबर ठगी का बढ़ता जाल तेजी से फैल रहा है।[1]

इस नए प्रकार के संगठित अपराध में लिप्त अपराधी देश के प्रसिद्ध निवेशकों, बड़े उद्योगपतियों और नामचीन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के नकली वीडियो तैयार कर रहे हैं। इन भ्रामक वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सुनियोजित तरीके से प्रसारित किया जाता है। इन विज्ञापनों में कथित तौर पर बहुत कम समय में तेजी से मोटा मुनाफा कमाने का पूरी तरह से झूठा और भ्रामक दावा किया जाता है।

"साइबर अपराधी प्रसिद्ध हस्तियों के फर्जी वीडियो के जरिए लोगों को किसी विशेष निवेश एप या प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। इन्वेस्टमेंट के नाम पर मोटा मुनाफे का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाया जाता है। जनता को ऐसे किसी भी लुभावने ऑफर में आने से बचना चाहिए और बिना पूरी जांच के पैसे लगाने से परहेज करना चाहिए।" - वीके सिंह (एडीजी, साइबर क्राइम)

सोशल मीडिया पर जाल

जांच में सामने आया है कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स पर बेहद आकर्षक विज्ञापन चलाते हैं। जैसे ही कोई यूजर इस प्रकार के विज्ञापन पर क्लिक करता है, तो उसे तुरंत कुछ विशिष्ट ग्रुपों में जोड़ दिया जाता है। इन ग्रुपों में मौजूद अधिकांश सदस्य वास्तव में साइबर अपराधियों के फर्जी अकाउंट या स्वचालित बॉट्स होते हैं जो लोगों को भ्रमित करते हैं।

यह फर्जी सदस्य लगातार लाखों रुपए के मुनाफे के नकली स्क्रीनशॉट साझा कर नए लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद लोगों को किसी अज्ञात लिंक या एपीके फाइल के माध्यम से फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया जाता है। शुरुआत में बड़ा निवेश और फर्जी मुनाफा ऐप के डैशबोर्ड पर दिखाई देता है, जिससे साइबर ठगी का बढ़ता जाल निवेशकों को पूरी तरह से अपने चंगुल में फंसा लेता है।

सावधानी और सुरक्षा उपाय

जब कोई निवेशक अपनी जमा राशि या कमाया हुआ मुनाफा निकालने का प्रयास करता है, तो ठग टैक्स, कमीशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने का दबाव बनाते हैं। अंततः ठग पूरी रकम हड़प कर अचानक गायब हो जाते हैं। साइबर ठगी का बढ़ता जाल से बचने के लिए आमजन को केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर जैसे आधिकारिक माध्यमों से ही कोई भी एप्लीकेशन डाउनलोड करनी चाहिए।

किसी भी अनजान एपीके फाइल से ऐप इंस्टॉल न करें और निवेश से पहले संबंधित कंपनी का सेबी पंजीकरण अवश्य जांचें। किसी भी निजी व्यक्ति या अनजान खाते में पैसा ट्रांसफर करने से बचें और व्हाट्सएप की ग्रुप प्राइवेसी सेटिंग को केवल अपने परिचितों तक सीमित रखें। सतर्कता ही इस दौर में सबसे बड़ी सुरक्षा है, अन्यथा साइबर ठगी का बढ़ता जाल आपको आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।

शिकायत दर्ज करें

यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति भारत सरकार की आधिकारिक साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत तुरंत दर्ज करवा सकता है। समय पर दी गई सूचना से ठगी गई राशि को ब्लॉक करने में काफी मदद मिलती है।

राजस्थान पुलिस ने आमजन की सहायता के लिए अपने विशेष साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 एवं 9257510100 भी जारी किए हैं। पुलिस ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि जल्दी मुनाफे के लालच में आकर बिना पूर्ण सत्यापन के किसी भी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर अपनी पूंजी बिल्कुल निवेश न करें क्योंकि समझदारी ही इस बढ़ते खतरे से बचाव है।

अस्वीकरण:

यह रिपोर्ट राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध शाखा द्वारा जारी आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों और तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। निवेश से जुड़े नियमों और साइबर अपराधों की कानूनी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी के लिए सरकारी साइबर पोर्टल को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 12, 2026: 5:23 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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