WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 12 Jun 2026 · 5:38 PM

विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का पेंशन संकट गहराया

वीसी का घेराव करती महिलाएं

कोटा, राजस्थान। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में पिछले तीन सालों से चल रहा पेंशन का एक गंभीर विवाद अब पूरी तरह से बेकाबू होकर बड़े संकट में बदल चुका है। राज्य सरकार के नए नियमों के तहत अपनी पूरी गाढ़ी कमाई जमा करने के बाद भी आज तक यूनिवर्सिटी के बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन नसीब नहीं हो रही है। इस प्रशासनिक हठधर्मिता और ढुलमुल रवैये से पूरी तरह परेशान होकर गुरुवार को भारी संख्या में परेशान कर्मचारियों की पत्नियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया।[1]

यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में पहुंची इन आक्रोशित और पीड़ित महिलाओं ने वाइस चांसलर प्रोफेसर निमित्त रंजन चौधरी और कुल सचिव भावना शर्मा का अचानक घेराव कर अपना गहरा दर्द बयां किया और ढीली कार्यप्रणाली के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान सुगना मीणा, गीता सैनी, कुसुम, मधु शर्मा, भारती गुप्ता और राजकुमारी सहित भारी संख्या में अन्य पीड़ित महिलाएं भी मुख्य रूप से मौजूद रहीं। इस बड़े आंदोलन से यह साफ हो गया है कि कर्मचारियों का पेंशन संकट अब उनके परिवारों के सब्र का बांध पूरी तरह तोड़ चुका है।

"यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में किसी भी प्रकार की कोई बाधा या अड़चन पैदा नहीं की जा रही है। हमारा विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से राज्य सरकार के समस्त दिशा-निर्देशों की पालना करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। भविष्य में सरकार से जो भी नए निर्देश प्राप्त होंगे, उसके तहत तुरंत नियमानुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।" - प्रोफेसर निमित्त रंजन चौधरी (वाइस चांसलर)

ठप हुआ जनजीवन

यूनिवर्सिटी कैंपस में अपना तीखा विरोध दर्ज कराने पहुंची पीड़ित कृष्णा भार्गव ने बताया कि तीन साल पहले ही उन्होंने सुचारू पेंशन की आस में अपने जीवनभर की कमाई के लाखों रुपये विश्वविद्यालय के पास जमा करा दिए थे। लेकिन आज स्थिति यह भयावह हो चुकी है कि उनका खुद का पैसा पूरी तरह ब्लॉक हो चुका है और उन्हें बुढ़ापे में दाने-दाने को मोहताज होना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के अन्य सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ मिलने लगा है, तो फिर आरटीयू के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का पेंशन संकट खत्म ही नहीं हो रहा।

इसी प्रदर्शन में शामिल आशा गुप्ता ने रोते हुए कहा कि आज घर में किसी के गंभीर बीमार हो जाने पर इलाज कराने के लिए भी हमारे पास पैसे नहीं बचे हैं। अचानक कोई बीमारी आ जाने पर विकट समस्या खड़ी हो जाती है और हमें दूसरे लोगों से कर्ज लेकर इलाज करवाना पड़ रहा है। वहीं प्रमिला पारीक का साफ तौर पर कहना है कि दैनिक घर परिवार चलाने के लिए भी न्यूनतम पैसे की सख्त जरूरत है, लेकिन हमारे हाथ पूरी तरह खाली हैं और हमें अधिकारियों से केवल खोखला आश्वासन ही मिल रहा है।

फाइलें हुईं रिजेक्ट

आरटीयू से सेवानिवृत्त हो चुके वरिष्ठ कर्मचारी पीपी गुप्ता ने इस पूरे अटके कर्मचारियों का पेंशन संकट मामले की तकनीकी सच्चाई और आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल के दौरान जब प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू हुई, तो सभी राजकीय विश्वविद्यालय इससे सीधे जुड़ गए थे। इसके बाद आरटीयू के फोर्थ क्लास कर्मचारियों से लेकर बड़े प्रोफेसरों और मंत्रालयिक स्टाफ ने मिलकर करीब पैंसठ करोड़ रुपये सरकार के तय खाते में जमा भी करवा दिए थे।

इतनी बड़ी भारी भरकम रकम जमा होने के बावजूद यहां के कर्मचारियों को आज तक पेंशन का भुगतान शुरू नहीं किया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन हर बार औपचारिकता पूरी करके फाइल पास करता है और जयपुर भेजता है, लेकिन वहां बैठा सचिवालय तकनीकी खामियों का हवाला देकर फाइल वापस लौटा देता है। इस लगातार जारी फाइलों के चक्कर की वजह से आज सैकड़ों बुजुर्ग परिवारों का भविष्य पूरी तरह अधर में लटका है और कर्मचारियों का पेंशन संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है।

अस्वीकरण:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के इस पेंशन विवाद की वर्तमान स्थिति और अंतिम प्रशासनिक निर्णयों के लिए राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 12, 2026: 5:38 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —