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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 12 Jun 2026 · 8:52 PM

हत्याकांड के खुलासे के बाद अवैध ब्लैकमेलिंग और आतंक का अंत

मुख्य साजिशकर्ता एडवोकेट संतोष राय

कोटा, राजस्थान। चन्द्रेसल मठ के श्रद्धेय युवा संत देवानंद की जघन्य हत्या के बेहद संवेदनशील मामले में स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता एडवोकेट संतोष राय को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के हत्थे चढ़े इस शातिर आरोपी के साथ ही एक पेशेवर सुपारी किलर पुष्पेंद्र भी पकड़ा गया है, जिससे सघन पूछताछ में कई अन्य चौंकाने वाले बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के दर्जनों त्रस्त कर्मचारियों ने आखिरकार लंबे समय बाद चैन और राहत की सांस ली है क्योंकि परिसर में आरोपी का अवैध ब्लैकमेलिंग और आतंक लगातार चरम पर था।[1]

मूल रूप से गाजीपुर का निवासी संतोष राय साल दो हजार बारह में यहां आया था क्योंकि उसकी पत्नी तकनीकी विश्वविद्यालय में कार्यरत थी और उसने अवैध रूप से परिसर में ही अपना आशियाना बना लिया था। इसके बाद उसने सुनियोजित तरीके से केवल विश्वविद्यालय के निर्दोष कार्मिकों को ही मानसिक रूप से सबसे ज्यादा तंग करना शुरू किया था। वह परिसर में होने वाले हर किसी नए प्रशासनिक या वित्तीय कार्य में जानबूझकर आरटीआई लगाता था या झूठी शिकायतें दर्ज कराकर अड़ंगा पैदा करता था जिससे अवैध ब्लैकमेलिंग और आतंक का माहौल हमेशा बना रहता था।

"संतोष राय आदतन झूठी शिकायतें करने का आदी था और वह विश्वविद्यालय के अकादमिक से लेकर फाइनेंस और अन्य सभी मुख्य विभागों में लगातार आरटीआई लगाता रहता था। उसकी इस प्रताड़ना से संस्थान के कई वरिष्ठ कार्मिक बुरी तरह परेशान थे और उसकी इन्हीं दुर्भावनापूर्ण झूठी शिकायतों के चलते पूर्व में कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर अपनी पेंशन के लाभ मिलने में भी भारी तकनीकी समस्या आई थी।" - प्रोफेसर सीडी प्रसाद (पूर्व वाइस चांसलर, आरटीयू)

कर्मचारियों को प्रताड़ना

पूर्व वीसी प्रोफेसर सीडी प्रसाद का कहना है कि संतोष ने उनके स्वयं के संबंध में भी राजभवन तक झूठी शिकायतें दर्ज कराकर यह बेबुनियाद दावा किया था कि उनके शैक्षणिक दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। हालांकि बाद में जब उच्च स्तर पर सभी दस्तावेजों का गहनता से भौतिक सत्यापन करवाया गया, तो वे बिल्कुल सही पाए गए और इसके बाद ही उन्हें पेंशन के समस्त वैधानिक लाभ मिल सके थे। आरोपी ने अपने इस घिनौने कृत्य से विश्वविद्यालय के तात्कालिक वाइस चांसलर रहे प्रोफेसर एनपी कौशिक को भी उनके कार्यकाल के दौरान लगातार प्रताड़ित किया था।

इसी तरह आरटीयू से सेवानिवृत्त हो चुके वरिष्ठ प्रोफेसर धीरेंद्र माथुर की भी इस शातिर व्यक्ति ने एक प्रोजेक्ट को लेकर दुर्भावनापूर्ण शिकायत कर दी थी जिसके कारण प्रोफेसर माथुर की ग्रेच्युटी और पीएल का करीब पैंतालीस लाख रुपया पिछले दो सालों से अटका हुआ है। जबकि उस चिन्हित प्रोजेक्ट को बकायदा फाइनेंस कमेटी और बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट से पूर्ण अप्रूवल मिल चुकी थी। आरोपी संतोष राय की इन हरकतों से अधिकारी भी इस कदर डरते थे कि उसके झूठ पकड़े जाने पर भी कोई ठोस एक्शन नहीं ले पाते थे जिससे उसका अवैध ब्लैकमेलिंग और आतंक लगातार बढ़ता गया।

करोड़ों पर नजर

विश्वविद्यालय के ही एक अन्य रिटायर्ड प्रोफेसर एके द्विवेदी का कहना है कि संतोष राय की लगातार बढ़ती प्रताड़ना से पूरा स्टाफ मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुका था जिसके बाद न्यायालय की शरण ली गई थी। कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ हजारों रुपए की भारी पेनल्टी लगाई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस शातिर आरोपी की नजर वास्तव में चन्द्रेसल मठ के विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब चार करोड़ रुपए से ज्यादा की बड़ी नकद राशि को फर्जी तरीके से हड़पने पर टिकी थी।

इसके अलावा वह मठ की लगभग सात सौ बीघा की बेशकीमती जमीन पर भी अवैध कब्जा जमाना चाह रहा था और इसके लिए वह स्वयं ही कपटपूर्वक मठ का फर्जी अध्यक्ष बन बैठा था। वर्तमान में संतोष राय और शार्प शूटर पुष्पेंद्र पुलिस की कड़ी हिरासत में हैं, जबकि इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा की पत्नी जैक्शन जॉर्ज को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोटा पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के विशेष सहयोग से अन्य सह-आरोपियों को भी दबोच लिया है जिन्हें जल्द ही ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया जाएगा ताकि इस पूरे अवैध ब्लैकमेलिंग और आतंक के साम्राज्य का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।

अस्वीकरण:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। आरोपियों के खिलाफ चल रही कानूनी तफ्तीश, न्यायालय की कार्रवाई और अंतिम न्यायिक फैसलों के लिए कोटा पुलिस विभाग एवं सक्षम न्यायालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 12, 2026: 8:52 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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