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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 14 Jun 2026 · 11:28 AM

पावन वैकासी अमावस्या स्नान पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

पावन वैकासी अमावस्या स्नान

रामेश्वरम, तमिलनाडु। तमिल महीने वैकासी के अत्यंत शुभ अवसर पर पवित्र तटों पर श्रद्धा और भक्ति का एक अभूतपूर्व महासंगम देखने को मिला है। पावन वैकासी अमावस्या स्नान के इस विशेष दिन पर देश के विभिन्न कोनों से हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने तड़के से ही समुद्र के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाना शुरू कर दिया था। इस धार्मिक उत्सव को लेकर पूरे तीर्थ क्षेत्र में सुरक्षा और प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए थे।[विडियो]

इस पावन तिथि पर समुद्र स्नान करने का हिंदू धर्म में एक बहुत ही विशेष और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। वैकासी अमावस्या के इस पावन मौके पर आए सभी भक्तों ने समुद्र के पानी में स्नान करने के बाद अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए पारंपरिक 'तिथि' और 'तर्पण' की रस्मों को पूरे विधि-विधान से संपन्न किया और सुख-समृद्धि की कामना की।

आध्यात्मिक महत्व

तमिलनाडु की प्राचीन संस्कृति में वैदिक परंपरा के अनुसार अमावस्या के दिन पवित्र समुद्र में स्नान करने और पूर्वजों के निमित्त पिंडदान करने का बहुत बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पावन वैकासी अमावस्या स्नान करने से पितृ ऋण यानी पूर्वजों के प्रति जो सांसारिक कर्ज होता है, उससे पूरी तरह से मुक्ति मिल जाती है और पूर्वजों की आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

समुद्र को जीवन का ब्रह्मांडीय स्रोत माना गया है, इसलिए इसमें लगाई गई एक पवित्र डुबकी मनुष्य के शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों विकारों को दूर कर देती है। ऐसी दृढ़ मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा से किए गए कार्यों से प्रसन्न होकर पूर्वज अपने वंशजों को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, अपार समृद्धि और वंश वृद्धि का अटूट आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

पारंपरिक अनुष्ठान

तट पर मौजूद स्थानीय पुरोहितों के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने बेहद कड़े अनुशासन के साथ इस पूरी पूजन प्रक्रिया को संपन्न किया। सबसे पहले भक्तों ने समुद्र राजा और जल के देवता भगवान वरुण का ध्यान करते हुए पानी में तीन बार पवित्र डुबकी लगाई, जिसे शास्त्रों में 'समुद्र स्नानम' के नाम से जाना जाता है।

इसके बाद रेत पर बैठकर भक्तों ने अपना नाम, गोत्र और अपनी पिछली तीन पीढ़ियों के पूर्वजों के नामों का स्मरण करते हुए 'संकल्पम' लिया। पके हुए चावल, काले तिल, गाय के घी और शुद्ध दूध को मिलाकर पिंड बनाए गए, जिन्हें पवित्र दर्भा घास पर रखकर पितृ तीर्थ मुद्रा के माध्यम से जल अर्पित किया गया।

मंदिर में दर्शन

इस मुख्य धार्मिक अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद सभी पिंडों और पवित्र सामग्री को अत्यंत आदरपूर्वक समुद्र की लहरों में विसर्जित कर दिया गया। इसके तुरंत बाद सभी श्रद्धालुओं ने श्री रामनाथस्वामी मंदिर की ओर रुख किया, जहां उन्होंने कतारबद्ध होकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग स्वरूप के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की।

मंदिर परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। अनुष्ठान के अंतिम चरण में भक्तों ने कौवों को भोजन कराया, जिन्हें भगवान यम का वाहन और पूर्वजों का संदेशवाहक माना जाता है, तथा जरूरतमंदों को दान-पुण्य भी किया।

ऐतिहासिक आस्था

धार्मिक इतिहास के जानकारों के अनुसार यह पावन वैकासी अमावस्या स्नान सदियों से इस पूरे क्षेत्र में एक महापर्व की तरह मनाया जाता रहा है। हर साल इस विशिष्ट तिथि पर यहां आने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की गहरी आस्था को बखूबी दर्शाता है।

"स्थानीय मुख्य पुरोहित के अनुसार: वैकासी अमावस्या पर समुद्र स्नान और तर्पण करने से मनुष्य के सभी जन्मों के पितृ दोष समाप्त हो जाते हैं। यह पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने की सबसे पवित्र और प्राचीनतम वैदिक विधा है।"

इस प्रकार मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच यह पूरा धार्मिक आयोजन पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। पावन वैकासी अमावस्या स्नान के माध्यम से हजारों परिवारों ने अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का निर्वहन किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय परिवेश में डूबा हुआ नजर आया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। तमिलनाडु के रामेश्वरम में वैकासी अमावस्या के अवसर पर आयोजित पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों की प्रामाणिक जानकारी लोकहित में प्रस्तुत की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 14, 2026: 11:28 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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