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Rex TV India
Latest News राष्ट्रीय Digital Newsletter 14 Jun 2026 · 6:41 PM

साइकिल यात्रा का सफर तय कर अनोखी मिसाल पेश कर रही देश की बेटी

राष्ट्रीय खिलाड़ी आशा मालवीय

बिस्वनाथ, असम। देश की सीमा की रक्षा करने वाले जांबाज भारतीय सेना के जवानों के सम्मान में इन दिनों एक बेहद असाधारण साइकिल यात्रा का सफर चलाया जा रहा है। खेल और साहसिक अभियानों के माध्यम से देश के युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाने और महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के उद्देश्य से एक महिला एथलीट लगातार आगे बढ़ रही हैं। पूर्वोत्तर राज्यों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण रास्तों की परवाह किए बिना इस यात्रा को लगातार जारी रखा गया है।[विडियो]

इसी क्रम में इस देशव्यापी साहसिक अभियान को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी आज असम राज्य के बिस्वनाथ जिले में दाखिल हुई हैं। यहाँ पहुँचने पर जिले के उपायुक्त (डीसी) ने स्वयं उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके इस जज्बे की सराहना की। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय खेल प्रेमियों और आम नागरिकों ने भी उनके हौसले को सलाम किया और यात्रा की सफलता की कामना की।

सेना को समर्पित मुहिम

भारतीय सेना के 78वें स्थापना दिवस को सम्मानित करने और देश में नारी शक्ति का परचम लहराने के उद्देश्य से राजस्थान की राजधानी से इस अभियान की शुरुआत की गई थी। इस पूरे अभियान का लक्ष्य जयपुर से शुरू होकर अरुणाचल प्रदेश के सुदूर पूर्वी मोर्चे किबिटू तक कुल 7,800 किलोमीटर की दूरी को नापना है। यह अनूठा साइकिल यात्रा का सफर वर्तमान में अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है और खिलाड़ी प्रतिदिन लगभग 100 से 150 किलोमीटर पैडल मारकर आगे बढ़ रही हैं।

इस बेहद कठिन एकल यात्रा के दौरान खिलाड़ी ने साइकिल यात्रा का सफर में अब तक 7,700 किलोमीटर से अधिक की दूरी बेहद सफलतापूर्वक तय कर ली है। वर्तमान समय में इस मुकाम तक पहुँचने में उन्हें चार महीने से अधिक का समय लगा है। इस यात्रा के माध्यम से वह देश के कोने-कोने में यह संदेश भी दे रही हैं कि भारत का हर हिस्सा अकेले सफर करने वाली महिलाओं के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और अनुकूल है।

संघर्षों से भरा जीवन

इस साहसिक मिशन ( साइकिल यात्रा का सफर ) को अंजाम दे रही राष्ट्रीय खिलाड़ी आशा मालवीय का व्यक्तिगत जीवन और करियर युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के नटाराम गाँव में वर्ष 1998 में जन्मी आशा ने बचपन से ही जीवन में बहुत बड़े संघर्षों का सामना किया है। जब वह मात्र तीन वर्ष की थीं, तब उनके पिता का साया हमेशा के लिए सिर से उठ गया था, जिसके बाद उनकी माँ ने दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार को पाला।

अत्यधिक गरीबी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत के दम पर शारीरिक शिक्षा में मास्टर डिग्री हासिल की। खेलों के प्रति उनके इसी जुनून ने उन्हें साल 2012-2013 में स्कूल गेम्स के मंच पर पदक दिलाया। इसके बाद उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में कदम रखा और नेपाल-भूटान सीमा पर स्थित 20,500 फीट ऊंचे बीसी राय पर्वत सहित कई अन्य दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराया।

"मैं 11 जनवरी को जयपुर से रवाना हुई थी। जयपुर से साइकिल चलाने के बाद मैं असम के बिस्वनाथ चाराली पहुँची हूँ। चार महीने से अधिक का समय हो गया है, और मैंने अपनी यात्रा के 7,700 किलोमीटर से अधिक पूरे कर लिए हैं। -आशा मालवीय, राष्ट्रीय एथलीट"

करियर की बड़ी उपलब्धियां

अपनी इस वर्तमान मुहिम के अलावा आशा मालवीय अपने पूरे करियर में अब तक विभिन्न क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अभियानों को मिलाकर कुल 65,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी साइकिल से नाप चुकी हैं। इससे पहले साल 2022-2023 के दौरान उन्होंने अपनी संपूर्ण भारत यात्रा के तहत देश के 28 राज्यों में कुल 26,000 किलोमीटर की दूरी अकेले साइकिल पर तय करके महिलाओं के अधिकारों के प्रति बहुत बड़ी जागरूकता फैलाई थी।

उनकी इन असाधारण राष्ट्रीय सेवाओं और साहसिक कार्यों के लिए उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही उनका नाम National Book of Records और OMG Book of Records में भी आधिकारिक तौर पर दर्ज है। देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और भारतीय सेना की इकाइयों द्वारा उनके इस जज्बे को समय-समय पर सराहा गया है।

साहस और दृढ़ संकल्प

अपनी इस पूरी मुहिम के दौरान वह देश के युवाओं को खेलों से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। असम पुलिस और भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान द्वारा उनकी सुरक्षा और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए लगातार हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस दुर्गम मार्ग पर उनका यह संकल्प आज देश की हर बेटी के लिए गौरव का विषय बन चुका है।

बिस्वनाथ जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात की उम्मीद जताई है कि पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों से गुजरते हुए यह यात्रा जल्द ही अरुणाचल प्रदेश में अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुँचेगी। देश के जवानों के प्रति अगाध श्रद्धा और नारी शक्ति की गूंज लेकर शुरू हुआ यह साइकिल यात्रा का सफर आधुनिक भारत के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रहा है जो आने वाली पीढ़ियों के भीतर देशभक्ति और हौसले को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। असम के बिस्वनाथ जिले में राष्ट्रीय एथलीट आशा मालवीय के आगमन, भारतीय सेना को समर्पित उनकी साइकिल यात्रा और उनके जीवन संघर्षों की प्रामाणिक जानकारी लोकहित में प्रस्तुत की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 14, 2026: 6:41 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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